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इंदौर DIG ऑफिस में आत्मदाह की कोशिश:नाबालिग लड़की ने कहा- मनचले कर रहे परेशान, दो माह से थाने में सुनवाई नहीं

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इंदौर

इंदौर डीआईजी कार्यालय पर दोपहर नाबालिग लड़की ने आत्मदाह करने की कोशिश की, लेकिन समय रहते पुलिस कर्मियों ने उन्हें बचा लिया लड़कियों का आरोप था। इलाके में रहने वाले कुछ बदमाश लगातार उन्हें परेशान कर रहे हैं। और 2 महीने से वह पलासिया थाने के जा रही है।।लेकिन थाने में उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई वही बदमाश उसे कई बार रेप कर उसका वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दे रहे हैं। थाने पर सुनवाई नहीं होने के कारण नाबालिक लड़की शुक्रवार दोपहर डीआईजी ऑफिस पहुंची थी और आत्मदाह करने की कोशिश कर रही थी।

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय डीएसपी अजय वाजपाई ने पीड़ित युवती की पूरी बात सुनकर पलासिया थाने फोन लगाकर संबंधित आरोपियों पर कार्रवाई करने की बात कही है। वहीं युवती ने अपने आवेदन में जो बात लिखी वह एक भयावह स्थिति को बयांन करती है।

यह पूरा आवेदन जिसमे नाबालिक ने अपना दर्द बयान किया है

मैं प्रार्थीनी (रानी) बदला नाम 16 वर्ष है । श्रीमान जी मेरे घर के पास – मोहलला , तिरूपति कॉलोनी , कालका माता मंदिर के पास , इन्दौर में रहने वाले शुभम सोनकर , यश सोनकर , नितिन सोनकर , जानू सोनकर , खोजकर , पुनीत सोनकर , विकास सोनकर रहते है , तथा उक्त सभी व्यक्ति आये दिन मुझे परेशान करते रहते है , मैं जब भी मेरे घर के पास से निकल कर जाती हूं तो मुझे देखकर गंदी – गंदी कमेन्ट करते है , व आये दिन मेरे साथ छेडछाड करते है , मेरा हाथ पकड कर यहां वहां हाथ लगाते है , व मुझे धमकी देते है कि , तुने अगर हमारी बात नहीं मानी तो तुझे तेरे घर से उठाकर ले जायेंगे और तेरे साथ हम सब मिलकर गंदा – गंदा काम करेंगे , तेरा रेप कर देंगे । आये दिन ये लोग मेरे घर में बिना पुछे घुस जाते है , व मुझे जान से मारने की धमकी देते है । मेरी माताजी बंगलों पर काम करके हमारा जीवन यापन करती है , मेरे पिताजी पुताई का कार्य करते है हम किराये के घर में रहते है । 8 से 10 वर्ष हमको रहते हो गये है । मै पढाई करती थी पर मैंने इनके डर के कारण वह भी छोड दी क्योंकि ये लोग मुझे बहुत परेशान करते है , मैंने पलासिया थाने पर पहले भी बोला था , और मैं इन लोगो की शिकायत के लिये पलासिया थाने के 2 महिने चककर लेकर पलासिया थाने जाती हूं तो मेरे थाने पहुचने से पहले से ही यह लोग काटती रही हं पर ये सभी लोग रसुख वाले है , जब भी इनकी शिकायत नेताओं को लेकर पहुंच जाते है , और थाने वाले हमें भगा देते है , हमारी नही सुनते इनके डर के कारण हमने दिनांक 05/07/2021 को किराये का मकान भी खाली कर दिया की यह लोग मेरे साथ कुछ गलत ना कर दे हम लोंगों को ये लोग आये दिन फोन पर धमकी दिलवा रहे है , कि अगर तुने हम लोगो के खिलाफ किसी भी प्रकार की शिकायत पुलिस अधिकारीयों को दर्ज करवाई तो सोच लेना तुझे घर से उठाकर तेरे साथ गंदा – गंदा काम करके उसका विडियों बना लेंगे और वायरल कर देंगे ।

पुलिस कंट्रोल रूप पर भी हाथ जोडती रही पुलिस के

महिला सुरक्षा पर सवाल

जहां प्रदेश के मुख्य एक और बेटियों पर हो रहे अत्याचार के लिए हमेशा समीक्षा बैठक में आला अधिकारियों को यह निर्देश देते हैं कि महिला संबंधित शिकायतों का निवारण तुरंत किया जाए वही एक नाबालिक को अपने ऊपर हुए अत्याचार के लिए आत्महत्या का सहारा लेना पड़ रहा है।

मामले की जानकारी लगने के बाद आला अधिकारी होने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की बात तो कही है लेकिन पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान उठते हैं। कि क्या आम व्यक्ति की सुनवाई थानों पर नहीं हो रही है और यदि हर व्यक्ति को वरिष्ठ अधिकारियों के सामने आत्महत्या करने जैसा संगीन जुर्म करना पड़े तो फिर पुलिस विभाग क्या कर रहा है।

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