तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने चार उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है. इनमें बाबुल सुप्रियो, पश्चिम बंगाल के पूर्व डीजीपी राजीव कुमार, मेनका गुरुस्वामी और कोयल मल्लिक शामिल हैं. टीएमसी ने उम्मीद जताई है कि ये उम्मीदवार पार्टी की विरासत को आगे बढ़ाएंगे और भारतीय नागरिकों के अधिकारों व सम्मान की रक्षा के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता को मजबूत करेंगे.
तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है. राज्यसभा चुनावों के लिए बाबुल सुप्रियो, राजीव कुमार (पूर्व DGP, पश्चिम बंगाल), मेनका गुरुस्वामी और कोयल मल्लिक को उम्मीदवार बनाया गया है. बता दें कि बाबुल सुप्रियो फिलहाल तृणमूल कांग्रेस के विधायक हैं और वह भाजपा से टीएमसी में शामिल हुए थे. अब ममता बनर्जी उन्हें राज्यसभा भेजेंगी. वह भाजपा सांसद रहते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री भी रह चुके हैं.
वहीं, पूर्व डीजीपी राजीव कुमार हाल में पुलिस महानिदेशक के पद से रिटायर हुए हैं और ममता बनर्जी ने पूर्व पुलिस अधिकारी को राज्यसभा भेजने का निर्णय किया है. सारदा चिटफंड मामला हो या फिर सीबीआई की रेड का मामला हो, राजीव कुमार के साथ ममता बनर्जी सदा ही खड़ी रही हैं. राजीव कुमार ममता बनर्जी के धरने में शामिल होने का आरोप लगाया था
राजीव कुमार ने सुकांत पर किया था केस
कुछ दिन पहले राजीव कुमार ने केंद्रीय मंत्री और पूर्व राज्य भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार के खिलाफ मानहानि का केस किया था.
उसी समय से, टीएमसी में राजीव कुमार के राज्यसभा में जाने के कयास लगने लगे थे. कई लोगों का कहना है कि एक केंद्रीय मंत्री के खिलाफ मानहानि का केस करने के लिए पॉलिटिकल और एडमिनिस्ट्रेटिव पावर की जरूरत होती है. कई लोगों का मानना है कि राजीव कुमार को राज्य सरकार और सत्ताधारी पार्टी को समर्थन मिला है.
इसके अलावा, कोयल मल्लिक एक बांग्ली एक्ट्रेस हैं. बंगाल की फिल्म इंडस्ट्री में उनकी अपनी पहचान है. टीएमसी ने अभिनेत्री को राज्यसभा के लिए मनोनीत करने का निर्णय किया है. दूसरी ओर, मेनका गुरुस्वामी, जो ED केस में सरकारी वकील थीं, उनका नॉमिनेशन भी राजनीतिक रूप से अहम है.
बंगाल में पांच सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव
राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को होंगे. देश के 10 राज्यों की कुल 37 राज्यसभा सीटों पर वोटिंग होगी. इनमें से पांच सीटें पश्चिम बंगाल की हैं. विधायकों की संख्या के आधार पर तृणमूल कांग्रेस को चार और भाजपा को एक सीट मिलना तय है.
टीएमसी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हम उन्हें दिल से बधाई और शुभकामनाएं देते हैं. उम्मीद है कि वे तृणमूल की मजबूती की विरासत और हर भारतीय के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए उसके पक्के वादे को बनाए रखेंगे.
ईडी केस में वकील मेनका बनीं उम्मीदवार
राज्यसभा के लिए तृणमूल कैंडिडेट लिस्ट में कई नामों पर चर्चा हो रही थी. टीएमसी ने ऋतब्रत बनर्जी को राज्यसभा का उम्मीदवार नहीं बनाया है. कहा जा रहा है कि वे इस बार विधानसभा चुनाव लड़ने वाले हैं. उनकी जगह कौन कैंडिडेट होगा, मौसम बेनजीर नूर की जगह कौन कैंडिडेट होगा, इस बारे में काफी अटकलें लगाई जा रही थीं.
शुक्रवार सुबह तृणमूल के अंदरूनी सूत्रों से खबर आई कि सुब्रत बख्शी एक बार फिर कैंडिडेट हो सकते हैं, लेकिन उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया गया.

