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*कोलकाता में तृणमूल विधायक तापस साहा का निधन*

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कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के विधायक तापस साहा का गुरुवार सुबह कोलकाता के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उन्हें ब्रेन हैमरेज (मस्तिष्काघात) हुआ था, उनकी उम्र 66 साल थी। बता दें कि तापस साहा पश्चिम बंगाल के नदिया जिले की तेहट्टा विधानसभा सीट से विधायक थे। मंगलवार को अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें ईएम बायपास के पास स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और गुरुवार तड़के उनका निधन हो गया।

तापस साहा के निधन से नदिया जिले और पार्टी कार्यकर्ताओं में शोक की लहर फैल गई। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छपरा से विधायक रुकबानुर रहमान ने बताया कि कई जिला स्तर के नेता कोलकाता पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें मंगलवार को ब्रेन स्ट्रोक के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आज सुबह उनका निधन हो गया। अंतिम संस्कार की जानकारी परिवार और पार्टी की सलाह के बाद दी जाएगी।

नौकरी घोटाले में आया था नाम

तपस कुमार साहा दो बार तृणमूल कांग्रेस के विधायक रहे। 2016 से 2021 तक वे नादिया जिले के नकाशीपारा विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए गए थे। हालांकि, 2021 में पार्टी ने उन्हें तेहट्टा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया और उन्होंने वहां से भी जीत दर्ज की।
तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि साहा पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ थे और हाल ही में वे कुछ बीमारियों के इलाज के लिए बेंगलुरु गए थे।
नदिया जिले के एक पार्टी नेता और साहा के करीबी ने बताया, “स्कूल नौकरी मामले में उनका नाम आने के बाद से वे तनाव में थे।”
अप्रैल 2023 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने स्कूल नौकरी मामले के सिलसिले में तेहट्टा में साहा के आवास पर छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया था। जांच के दौरान उन्हें मध्य कोलकाता में सीबीआई के निजाम पैलेस कार्यालय में पूछताछ के लिए भी बुलाया गया था।
सीबीआई ने उन पर जिले के कई उम्मीदवारों से स्कूल में नौकरी दिलाने का वादा करके उनसे पैसे लेने का आरोप लगाया था।
हालांकि, तृणमूल कांग्रेस के साथ उनके रिश्ते हमेशा अच्छे नहीं रहे। 2011 में पार्टी ने उन्हें तेहट्टा विधानसभा क्षेत्र से टिकट देने से इनकार कर दिया था। उसके बाद वे काफी समय तक पार्टी से निलंबित रहे। लेकिन, उनका निलंबन रद्द कर दिया गया और 2016 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें पलाशीपारा निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया।
वे विधायक चुने गए और फिर 2021 में पार्टी ने उन्हें तेहट्टा से टिकट दिया और वो फिर विधायक चुने गए।

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