मध्य प्रदेश के सबसे रईस विधायक व खनन कारोबारी संजय पाठक की मुसीबत फिर बढ़ने वाली हैं। उनकी कंपनियों पर तय सीमा से अधिक खनन करने का आरोप है। जांच के बाद शासन ने उन पर 443 करोड़ रुपए की वसूली निकाली थी। CM ने विधानसभा में जानकारी दी है कि संजय पाठक की कंपनियों को वसूली के लिए नोटिस दिए गए हैं…
भोपाल: मध्य प्रदेश में भाजपा विधायक व खनन कारोबारी संजय पाठक की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। उनकी कंपनियों पर अवैध खनन के आरोप लगे थे, शासन ने जांच कराकर तय मात्रा से अधिक खनन करने पर एमएलए पाठक की कंपनियों पर 443 करोड़ से अधिक की रॉयल्टी और जीएसटी राशि वसूलने के लिए नोटिस जारी किए हैं। यह जानकारी विधानसभा में खुद मुख्यमंत्री ने विधानसभा में दी है। संजय पाठक के मामले में कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा ने सवाल उठाया था।
दरअसल कांग्रेस विधायक हीरालाल अलवा ने विधानसभा में विजयराघवगढ़ से भाजपा संजय पाठक की खनन कंपनियों के लेकर विधानसभा में मामला उठाया था। उन्होंने विधायक पाठक की कंपनियों द्वारा किए गए खनन, स्वीकृत सीमा से अधिक खनन करने व शासन द्वारा इस पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है? इस संबंध में सवाल लगाया था। बीते रोज खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन में इसका जवाब दिया था।
विधायक की 3 कंपनियों से वसूली के लिए नोटिस जारी
सीएम डॉ. मोहन यादव द्वारा कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा के सवाल के जबाब में बताया गया है कि भाजपा विधायक संजय पाठक और उनके परिजन से जुड़ी खनन कंपनियां जिनमें मेसर्स आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन, मेसर्स निर्मला मिनरल्स ओर पेसिफिक एक्सपोर्ट को 443 करोड़ 4 लाख 86 हजार 890 रुपए की रॉयल्टी और उस पर जीएसटी की राशि जमा कराने को लेकर संबंधित जिलों के कलेक्टर्स ने नोटिस जारी किए हैं। वसूली की कार्रवाई फिलहाल जारी है।
सहारा समूह की संपत्तियों को लेकर भी उठा सवाल
धार जिले की मनावर से विधानसभा से कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा ने संजय पाठक के अलावा मप्र में सहारा समूह की संपत्तियों की राजधानी भोपाल सहित जबलपुर, कटनी जिले में बिक्री और खरीदी के दौरान मूल्यांकन की दरों को कम दिखाए जाने और स्टॉप ड्यूटी की चोरी को लेकर भी सवाल लगाया था। इसमें लिखित जवाब दिया गया है कि मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश-निर्देशों का पालन किया जा रहा है। मामले में जांच की जा रही है।

