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*ट्रंप को उल्टा पड़ा टैरिफ का दांव! अब चीनी विदेश मंत्री आ रहे भारत, सीमा विवाद पर अजित डोभाल से होगी बात*

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डोनाल्ड ट्रंप ने ‘टैरिफ बम’ फोड़कर भारत को झुकाने की कोशिश की, लेकिन भारत ने झुकने की जगह पलटवार करते हुए चीन से संबंध मजबूत करने शुरू कर दिए। अमेरिकी राष्ट्रपति बार-बार ये बात दोहराते रहे कि भारत पर टैरिफ की बड़ी वजह उसका रूस से क्रूड ऑयल खरीदना है।

डोनाल्ड ट्रंप ने ‘टैरिफ बम’ फोड़कर भारत को झुकाने की कोशिश की, लेकिन भारत ने झुकने की जगह पलटवार करते हुए चीन से संबंध मजबूत करने शुरू कर दिए। अमेरिकी राष्ट्रपति बार-बार ये बात दोहराते रहे कि भारत पर टैरिफ की बड़ी वजह उसका रूस से क्रूड ऑयल खरीदना है। लेकिन ट्रंप के बयानों से उलट भारत ने रूस के साथ रिश्तों की सक्रियता को और बढ़ा दिया। अब तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की संभावित मुलाकात की खबरें भी आने लगी हैं। जल्दी ही दोनों वैश्विक नेता एक ही फ्रेम में नजर आ सकते हैं। कुल मिलाकर डोनाल्ड ट्रंप पर ये टैरिफ का दांव अब उल्टा पड़ता नजर आ रहा है।

ट्रंप की नासमझी के कारण अब भारत ने चीन के साथ अपने संबंधों को तेजी से सुधारना शुरू कर दिया है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक चीनी विदेश मंत्री वांग यी सोमवार को भारत के दौरे पर आ रहे हैं। चीनी विदेश मंत्री अपनी भारत यात्रा के दौरान सीमा विवाद पर विशेष प्रतिनिधि तंत्र के जरिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ बातचीत करेंगे। भारत और चीन के बीच ये घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहे हैं, जब दोनों ही देश संबंधों को बेहतर बनाने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं। इस बीच पीएम मोदी के भी इस महीने के आखिर में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करने की संभावना है।

20 से ज्यादा देशों के आएंगे नेता- चीन

दरअसल, चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। दोनों ग्लोबल लीडर्स के बीच इस आयोजन में ही मुलाकात होने की संभावना जताई जा रही है। चीनी मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, एससीओ के सभी सदस्य देशों सहित 20 से ज्यादा देशों के नेता और 10 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख संबंधित कार्यक्रमों में भाग लेंगे। बीजिंग में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि उम्मीद है कि इस सम्मेलन से क्षेत्रीय सहयोग मजबूत होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चीन में स्वागत

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि चीन, एससीओ तियानजिन शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करता है। हमारा मानना है कि सभी पक्षों के सम्मिलित प्रयास से, तियानजिन शिखर सम्मेलन एकजुटता, मित्रता और सार्थक परिणामों का एक संगम होगा और एससीओ अधिक एकजुटता, समन्वय, गतिशीलता और उत्पादकता के साथ उच्च-गुणवत्ता वाले विकास के एक नए चरण में प्रवेश करेगा। बता दें कि भारत और चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर डेपसांग मैदानों और डेमचोक क्षेत्रों में गश्त फिर से शुरू करने और पीछे हटने पर सहमत हुए हैं।

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