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सेना की एमईएस के ठेकों में धांधली, रिश्वतखोरी में दो सेना अफसर गिरफ्तार

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मामला अम्बाला छावनी का है लेकिन महू छावनी में भी ऐसे ही बोगस ठेकों से अफसर लाखों के वारे न्यारे कर रहे हैं।  प्रिय पाठक को फक्र है कि वह महू का अकेला ऐसा अखबार है जो महू छावनी परिषद् के तमाम बड़े ठेकों की असलियत उजागर कर रहा है। हॉल ही में बिना बीम कॉलम की दीवार ने स्वतः गिरकर घटिया निर्माण की पोल खोली है।* 

*अम्बाला ठेका रिश्वत काण्ड,लेफ्टिनेंट कर्नल के घर से 32.50  लाख और ठेकेदार से 16 लाख बरामद*  

एमईएस के ठेकों में धांधली और रिश्वतखोरी के मामले में सीबीआई की टीम ने शनिवार की देर शाम अंबाला छावनी में छापामारी की। इस दौरान मौके से सेना के दो अधिकारियों और दो ठेकेदारों को हिरासत में लिया गया। सेना के अधिकारियों में एक लेफ्टिनेंट कर्नल और एक मेजर सूबेदार शामिल हैं। इसके अलावा दो निजी ठेकेदारों को भी काबू किया गया। चारों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने अंबाला छावनी में छापामारी के दौरान लेफ्टिनेंट कर्नल राहुल पवार और सूबेदार मेजर प्रदीप कुमार (मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज) को हिरासत में लिया है। वहीं, दो ठेकेदार दिनेश कुमार और प्रीतपाल को भी गिरफ्तार किया गया है। इस संबंध में सीबीआई की ओर से आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जिसमें अधिकारियों पर अंबाला छावनी के सभी ठेके आरोपी ठेकेदारों को देने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि सीबीआई ने गोपनीय शिकायत के बाद सुनियोजित तरीके से छापामारी को अंजाम दिया और मौके से आरोपियों को काबू कर लिया। यही नहीं छापे के दौरान लेफ्टिनेंट कर्नल के आवास से 32.50 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं, वहीं ठेकेदारों के परिसरों से 16 लाख की नकदी जब्त की गई। इसके साथ ही उनके पास से कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद हुए हैं, जिसे सीबीआई की टीम ने कब्जे में लिया है। बताया जा रहा है कि शनिवार की देर रात ही सीबीआई की टीम आरोपियों को अपने साथ दिल्ली ले गई। फिलहाल सीबीआई की टीम इस मामले की बारीकी से जांच कर रही है।

लाखों के टेंडर करोड़ों में होते थे अलॉट

एमईएस के ठेके के जरिए अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए लाखों के टेंडर को करोड़ों में अलॉट कर दिया जाता था। एमईएस के टेंडरों में सेना के सरकारी कार्यालयों, सेना क्वार्टरों और सड़कों की मरम्मत सहित अन्य कामों के टेंडर शामिल होते हैं। टेंडरों में गड़बड़ी और रिश्वत की गोपनीय शिकायत मिलने के बाद सीबीआई को जांच का जिम्मा सौंपा गया था, जिसके बाद सीबीआई की टीम ने अंबाला में पहले सीडब्ल्यूई कार्यालय और एमईएस के अधिकारियों के घर शनिवार की देर शाम छापेमारी की।

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