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माफिया श्याम दवे के दो मकान किए जाएंगे नीलाम, 12 मार्च के लगेगी बोली

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इंदौर

प्रदेश में चर्चित हुए इंदौर के राशन घोटाले के आरोपी श्याम दवे के दो मकान वसूली के लिए नीलाम किए जाएंगे। मोती तबेला के इन दोनों मकानों को प्रशासन 12 मार्च को नीलाम करेगा। राशन घोटाले का भंडाफोड़ के बाद दुकान संचालक से वसूली के आदेश कलेक्टर मनीष सिंह के दिए थे।

इस आदेश के बाद प्रशासन की ओर से वसूली का नोटिस जारी कर दिया गया था। चेतावनी जारी के बाद भी परिवार के द्वारा बकाया राशि को जमा नहीं की गई। अब प्रशासन तबेला में 1 हजार फीट और और 500 वर्गफीट पर बने दोनों मकान को नीलाम करने का फैसला लिया है।

प्रशासन की ओर से इस बारे में मध्य प्रदेश भूराजस्व संहिता 1959 की धारा 137 के अंतर्गत नोटिस जारी कर दिया गया है। इसमें इस बात का ऐलान किया गया है कि 12 मार्च को दोपहर 3 इन दोनों मकानों की नीलामी कर दी जाएगी। नीलामी के माध्यम से राशि अर्जित कर प्रशासन घोटाले की राशि की वसूली कर लेगा। यह नीलामी कलेक्टर कार्यालय के कक्ष क्रमांक-115 में होगी।

यह है मामला
कलेक्टर मनीष सिंह ने 19 जनवरी को राशन घोटाले का खुलासा किया था। कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान गरीबों को अनाज की समस्या नहीं हो, इसके लिए केंद्र और प्रदेश सरकार ने दोगुना अनाज भेजा था। लेकिन राशन माफिया ने केवल 12 दुकानों में ही 79 लाख रुपए के ढाई लाख किलो अनाज में गबन कर दिया, जो जिले के 51 हजार गरीबों को वितरित होना था। वहीं, इस अनाज के वितरण की जिम्मेदारी जिस जिला फूड कंट्रोलर आरसी मीणा की थी, वह खुद इसमें लिप्त थे।

इन पर दर्ज हुआ था केस
श्याम दवे, भरत दवे, धीतेश दवे, कमलेश कनाड़े, आरसी मीणा, धर्मेंद्र पुरोहित, अंजू पति अशोक, प्रमोद दहीगुड़े, राकेश राठौर, पवन उपाध्याय, रितेष महापारे, यश जाधव, अनिता, अनिल पालीवाल, राजेश पालीवाल, कांता देवी, विजया पति नरेंद्र, सुनीता चौधरी, विवेक पुरुषोत्तम, दिलीप गौड़, दलबार सिंह, रमेश सिंह, ललित दयाराम सहित 31 को आरोपी बनाया गया है।

राशन घोटाले में किसकी क्या भूमिका

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