इंदौर
70 करोड़ की एमडी ड्रग्स मामले में क्राइम ब्रांच की टीम ने दाे और तस्करों काे गिरफ्तार किया है। इसके पास से पुलिस काे 15 लाख रुपए से ज्यादा कीमत की 150 ग्राम एमडी ड्रग्स (मेफेड्रॉन) और एक बाइक मिली है। ये लोग लंबे समय से इंदौर सहित आसपास के इलाकों में ड्रग्स की तस्करी कर रहे थे। टीम ने इन्हें ड्रग्स का सौदा करते रंगे हाथ पकड़ा है। ये 5 हजार से 10 हजार रुपए प्रति एक ग्राम कीमत में ड्रग्स बेचते थे। पकड़े गए आरोपियों का सदर बाजार, पंढरीनाथ सहित शहर के अन्य थानों पर आपराधिक रिकार्ड हैं।
एएसपी गुरु प्रसाद पाराशर ने बताया कि क्राइम ब्रांच की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि चिमन बाग मैदान के अंदर हाई मास्क लाइट के पास बाउंड्रीवाॅल के किनारे मौजूद शीशम के पेड़ के नीचे एमडी ड्रग्स की डिलेवरी होने वाली है। ड्रग्स की सप्लाई करने इरफान काले रंग की बाइक MP09 VT 7609 से आने वाला है। वहीं, ग्रे रंग की स्कूटर MP 09 SJ 6232 से अरबाज नामक व्यक्ति आएगा। दोनों के बीच ड्रग्स का सौदा किया होने वाला है। इस पर एक टीम ने मौके पर दबिश दी तो बताए हुलिए वाला व्यक्ति वहां आता नजर आया। इस पर पुलिस ने घेराबंदी कर दो व्यक्तियों को पकड़ लिया।
पूछताछ में इन्होंने अपना नाम मोहम्मद इरफान पिता सरफराज निवासी मोती तबेला और मोहम्मद अरबाज पिता मोहम्मद मुश्ताक देहलवी निवासी पिंजारा बाखल बताया। पुलिस ने इनके पास से 150 ग्राम एमडीएमए जब्त की, जिसक कीमत 15 लाख 3 हजार रुपए आंकी गई। 2 मोबाइल, दो पहिया वाहन और 3300 रुपए जब्त किए हैं। इनके खिलाफ एनडीपीएस एक्स के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपियों से पूछताछ में कई माह से चोरी छिपे नशे का व्यापार करना कबूला है।
यह है मामला
क्राइम ब्रांच ने 5 जनवरी को 5 आरोपियों से 70 करोड़ रुपए की 70 किलो MDMA ड्रग्स बरामद की थी। इनके पास से 13 लाख रुपए नकद भी बरामद हुए थे। आरोपी तेलंगाना और मप्र के रहने वाले हैं। आरोपी ड्रग्स की खेप देने और टोकन मनी लेने के लिए एकत्रित हुए थे। आरोपियों की माने तो वे ट्रेन, प्लेन, बस, ट्रक ट्रांसपोर्ट और निजी कार हर प्रकार से ड्रग्स लाते थे। ये इतने शातिर हैं कि ट्रांसपोर्ट से ड्रग्स भेजते समय वे पैकेट में मुर्गी दाना पाउडर या बीमारियों के वैक्सीन का पाउडर बताते थे। अब तक इस रैकेट में 31 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

