अग्नि आलोक

*20 जून की ताजा खबर:ईरान के साथ दो महाशक्तियां, चीन ने नेपाल में खोज लिया खजाना; तीन देशों की यात्रा से स्वदेश लौटे पीएम मोदी,अब 22 जून को भी नहीं होगी ‘एक्सिओम मिशन 4’ की लॉन्चिंग,ईरान से जंग में यूएस-इस्राइल हटेंगे पीछे या छिड़ेगा महासंग्राम?,गिरती जा रही ‘हाउसफुल 5’ की कमाई*

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आज के बड़े इवेंट

प्रधानमंत्री तीन देशों की अपनी चार दिवसीय यात्रा समाप्त कर बृहस्पतिवार को देश लौट आए। इस दौरे में पीएम ने साइप्रस, कनाडा और क्रोएशिया की यात्रा। साइप्रस और क्रोएशिया में जहां उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए वहां के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा की वहीं कनाडा में उन्होंने जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया और कई देशों के शीर्ष नेताओं से द्विपक्षीय वार्ता की।

ईरान के साथ आईं दो महाशक्तियां, पुतिन-जिनपिंग ने कह दी बड़ी बात

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ईरान पर इजरायली हमलों की निंदा करते हुए तनाव कम करने का आह्वान किया है। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि इस स्थिति का कोई सैन्य समाधान नहीं है, बल्कि राजनीतिक और कूटनीतिक माध्यमों से ही हल निकाला जा सकता है। 

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ईरान पर इजरायली हमलों की निंदा की है। दोनों ने यह निंदा टेलीफोन पर आपसी बातचीत के दौरान की। पुतिन और जिनपिंग ने इस बात पर सहमति जताई कि ईरान और इजरायल को तनाव कम करने की जरूरत है। क्रेमलिन सहयोगी यूरी उशाकोव ने ने कहा, ” दोनों नेता इजरायल की कार्रवाइयों की कड़ी निंदा करते हैं, जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के अन्य मानदंडों का उल्लंघन करती हैं।” ऐसे में रूस और चीन के राष्ट्राध्यक्षों के बयानों से अमेरिका की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि वह दूसरे पक्ष इजरायल का समर्थन कर रहा है। ऐसी भी आशंका है कि ईरान के खिलाफ इजरायल के संघर्ष में अमेरिका भी शामिल हो सकता है।

रूस-चीन बोले- सैन्य समाधान नहीं आएगा काम

उशाकोव ने कहा कि, “मास्को और बीजिंग दोनों ही मूल रूप से मानते हैं कि मौजूदा स्थिति और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित मुद्दों का कोई सैन्य समाधान नहीं है। “यह समाधान केवल राजनीतिक और कूटनीतिक माध्यमों से ही प्राप्त किया जाना चाहिए।” रूस ने चेतावनी दी है कि अगर इजरायल-ईरान संघर्ष, जो अब अपने सातवें दिन में है, और आगे बढ़ता है तो तबाही मच सकती है, और उसने अमेरिका से इजरायल की बमबारी में शामिल न होने का आग्रह किया है।

पुतिन हाल के दिनों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के संपर्क में रहे हैं और उन्होंने बार-बार कहा है कि रूस युद्धरत पक्षों के बीच मध्यस्थता करने के लिए तैयार है। अभी तक, किसी ने भी रूस के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। गुरूवार को, पुतिन ने अपने करीबी सहयोगी शी के साथ अपने फोन कॉल में उस प्रस्ताव को दोहराया।

जिनपिंग भी इजरायली हमले के खिलाफ

उशाकोव ने कहा कि चीनी नेता ने इस विचार के लिए समर्थन व्यक्त किया, “क्योंकि उनका मानना है कि यह मौजूदा गंभीर स्थिति को कम करने में मदद कर सकता है।” दोनों व्यक्ति आने वाले दिनों में निकट संपर्क बनाए रखने पर सहमत हुए।

अमेरिका की क्यों बढ़ेगी टेंशन

दरअसल, अगर अमेरिका भी ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होता है, तो इससे रूस और चीन भड़क सकते हैं। ऐसा भी हो सकता है कि अमेरिका जैसा यूक्रेन में कर रहा है, रूस और चीन वैसा ही ईरान में करें। यानी ये दोनों देश ईरान को अमेरिका के खिलाफ युद्ध के लिए हथियार और इंटेलीजेंस से मदद करें। इससे अमेरिका को होने वाला नुकसान बढ़ सकता है।

एयर इंडिया का 15% उड़ानों में कटौती, किस-किस रूट पर चलेगी कैंची?

एयर इंडिया ने बड़े विमानों की कुछ उड़ानें 21 जून से 15 जुलाई तक कम करने का फैसला किया है। दिल्ली से नैरोबी, अमृतसर से लंदन गैटविक और गोवा मोपा से लंदन गैटविक की उड़ानें रद्द रहेंगी। उत्तरी अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के कई रूटों पर भी उड़ानों की संख्या घटाई गई है।

एयर इंडिया ने हाल ही में अपने बोइंग 787 और 777 जैसे बड़े विमानों से भरी जाने वाली कुछ उड़ानों में कमी करने की घोषणा की थी। बुधवार शाम को विमानन कंपनी ने बताया था कि इन उड़ानों में 15% तक की कटौती की जाएगी। अब गुरुवार शाम को एयर इंडिया ने यह स्पष्ट किया है कि यह कटौती 21 जून से शुरू होकर कम से कम 15 जुलाई तक जारी रहेगी। इसका मतलब है कि इस अवधि में इन बड़े वाइड बॉडी एयरक्राफ्ट की कुछ उड़ानें कम हो जाएंगी।

इसके तहत फैसला लिया गया है कि तीन रूटों की फ्लाइट 15 जुलाई तक सस्पेंड रहेगी। इनमें दिल्ली से नैरोबी, अमृतसर से लंदन गैटविक और गोवा मोपा से लंदन गैटविक की 21 जून से 15 जुलाई तक सभी फ्लाइटों को सस्पेंड कर दिया गया है। 15 जुलाई तक इंटरनेशनल सेक्टर में कई फ्लाइटों को कम किया गया है।

इन रूटों पर भी कम की गई हैं उड़ानें

इनमें उत्तरी अमेरिका सेक्टर में दिल्ली-टोरंटो को सप्ताह में 13 की जगह घटाकर सात, दिल्ली-वैंकूवर को सप्ताह में सात से घटाकर पांच, दिल्ली-सैन फ्रांसिस्को के लिए सप्ताह में 10 से घटाकर सात, दिल्ली-शिकागो के लिए सप्ताह में सात फ्लाइट से घटाकर तीन और दिल्ली-वाशिंगटन की सप्ताह में पांच फ्लाइट से घटाकर तीन उड़ानें की गई हैं।

इसी तरह से यूरोपीय देशों के लिए दिल्ली-लंदन की सप्ताह में 24 फ्लाइटों को घटाकर 22, बेंगलुरू-लंदन की सात से छह, अमृतसर-बर्मिंघम और दिल्ली-बर्मिंघम की सप्ताह में तीन से घटकर दो, दिल्ली-पेरिस 14 से 12, दिल्ली-मिलान सात से चार, दिल्ली-कोपेनहेगन पांच से तीन, दिल्ली-वियना चार से तीन और दिल्ली-एम्स्टर्डम वाली सप्ताह में सात फ्लाइटों की जगह पांच फ्लाइट उड़ान भरेंगी।

ऑस्ट्रेलिया सेक्टर में फ्लाइट हुई हैं कम

ऑस्ट्रेलिया सेक्टर पर दिल्ली-मेलबर्न और दिल्ली-सिडनी की सप्ताह में सात फ्लाइट को घटाकर पांच, सुदूर-पूर्व में दिल्ली-टोक्यो सप्ताह में सात की जगह छह और दिल्ली-सियोल की सप्ताह में पांच की जगह चार फ्लाइट टेक ऑफ करेंगी।

एयर इंडिया ने कहा है कि संशोधित शेड्यूल को उनकी वेबसाइट airindia.com, मोबाइल ऐप और हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से धीरे-धीरे उपलब्ध कराया जा रहा है। हम जल्द से जल्द अपने पूर्ण शेड्यूल को बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

 ट्रंप ने टिकटॉक पर प्रतिबंध को एक बार फिर टाला, आखिर डरा हुआ क्यों है US?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टिकटॉक को लेकर एक और फैसला लिया है। उन्होंने वीडियो शेयरिंग ऐप को अमेरिका में 90 दिनों तक चलाने का आदेश दिया है। प्रशासन चाहता है कि इस बीच कंपनी के अमेरिकी स्वामित्व को लेकर कोई समझौता हो जाए। ट्रंप प्रशासन पहले भी कई बार समयसीमा बढ़ा चुका है।

 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वीडियो शेयरिंग मंच टिकटॉक को अमेरिका में 90 अतिरिक्त दिन तक चालू रखने के एक आदेश पर हस्ताक्षर किए ताकि उनके प्रशासन को इस सोशल मीडिया कंपनी को अमेरिकी स्वामित्व में लाने के लिए एक सौदा करने का समय मिल सके।

टिकटॉक को लेकर ट्रंप ने तीसरी बार समयसीमा बढ़ाई है। पहला आदेश 20 जनवरी को उनके राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण के दिन ही जारी किया गया था। दूसरा आदेश अप्रैल में आया था जब व्हाइट हाउस के अधिकारियों को लगा कि वे टिकटॉक को अमेरिकी स्वामित्व वाली एक नई कंपनी में बदलने के सौदे के करीब हैं।

टिकटॉक पर प्रतिबंध नहीं लगा रहे ट्रंप

टिकटॉक को अमेरिकी सीनेट की तरफ से लाए गए एक प्रस्ताव और उसे अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का अनुमोदन मिलने के बाद कुछ समय के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था। लेकिन ट्रंप ने इस प्रतिबंध अवधि को लगातार टालने के आदेश जारी किए हैं। दरअसल, अमेरिकी प्रशासन चीन की कंपनी बाइटडांस के स्वामित्व वाले टिकटॉक के संबंध में एक सौदे पर बातचीत करने की कोशिशों में जुटा है।

हालांकि, प्रतिबंध को टालने के इन शासकीय आदेशों का कोई स्पष्ट कानूनी आधार नहीं है, लेकिन अबतक इसे कोई कानूनी चुनौती नहीं दी गई है। पिछले साल टिकटॉक के मंच से जुड़ने के बाद ट्रंप के फॉलोअर की संख्या 1.5 करोड़ से अधिक हो चुकी है। उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव के दौरान युवा मतदाताओं का समर्थन जुटाने में टिकटॉक की भूमिका को श्रेय भी दिया है।

ट्रंप क्यों बढ़ा रहे प्रतिबंध की मियाद

ट्रंप ने जनवरी में कहा था कि उनके मन में टिकटॉक के लिए एक ‘गर्मजोशी’ है। फिलहाल, टिकटॉक का अमेरिका में अपने 17 करोड़ उपयोगकर्ताओं के लिए काम करना जारी है। ऐसे में सवाल उठता कि ट्रंप टिकटॉक पर प्रतिबंध से पीछे क्यों हट रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका इस वक्त चीन के साथ व्यापार समझौता करने के लिए प्रयास कर रहा है, ऐसे में ट्रंप ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहते हैं, जिससे माहौल बिगड़ जाए।

चीन से दुर्लभ पृथ्वी तत्वों को खरीदना चाहता है अमेरिका

चीन के पास दुर्लभ पृथ्वी तत्वों का सबसे बड़ा भंडार है। इसके अलावा वह वैश्विक स्तर पर ऐसे तत्वों की शोधन और निर्यात पर भी हावी है। अमेरिका को इस तत्व की बहुत जरुरत है। अमेरिकी डिफेंस इंडस्ट्री ऐसे तत्वों की सबसे बड़ी खरीदार है। अगर चीन इन तत्वों के निर्यात से इनकार करता है तो इससे अमेरिकी रक्षा उद्योग के चरमराने का खतरा है।

चीन ने नेपाल में खोजा अरबों डॉलर का खजाना, 50 साल तक जरूरतें पूरी

चीन ने नेपाल में जमीन में दबा अरबों डॉलरी की कीमत का खजाना ढूंढा है। यह इतना ज्यादा कि नेपाल को अगले 50 साल तक इसकी आयात की जरूरत नहीं होगी। इससे नेपाल की अर्थव्यवस्था में बड़ा उछाल आने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, ऐसा माना जा रहा है कि इसे चीनी कंपनी संचालित करेगी।

पश्चिमी नेपाल में कुल मीथेन गैस भंडार लगभग 430 अरब घन मीटर तक पहुंच सकता है, जो संभवतः देश की गैस की मांग को लगभग 50 वर्षों तक पूरा करने के लिए पर्याप्त है। गुरुवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में यह कहा गया है। सरकारी दैनिक गोरखापत्र के अनुसार, चीन भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (सीजीएस) द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में दैलेख जिले के जलजले क्षेत्र में लक्षित चार कुओं में से केवल एक से प्रारंभिक निष्कर्ष पेश किए गए हैं। इससे देश के घरेलू ऊर्जा स्रोतों का दोहन करने की संभावना बढ़ गई है।

1.12 अरब घन मीटर मीथेन मौजूद

गुरुवार को नेपाल सरकार के साथ निष्कर्ष साझा किए गए। यह अन्वेषण नेपाल और चीन के बीच 2019 में हस्ताक्षरित एक द्विपक्षीय समझौते के तहत किया गया था। रिपोर्ट में कहा गया है, “पहला खुदाई अभियान 11 मई, 2021 को शुरू किया गया, जो 4,000 मीटर से अधिक की गहराई तक पहुंच गया। इससे एक ही कुएं में अनुमानित 1.12 अरब घन मीटर मीथेन का पता चला।

नेपाल की 50 साल की जरूरतें होंगी पूरी

गोरखापत्र ने कहा, “रिपोर्ट में चार लक्षित कुओं में से सिर्फ एक से प्राप्त प्रारंभिक निष्कर्षों को दर्शाया गया है। शुरुआती अनुमानों के आधार पर, इस क्षेत्र में कुल भंडार 430 अरब घन मीटर तक पहुंच सकता है, जो संभवतः नेपाल की गैस की मांग को लगभग 50 वर्षों तक पूरा कर सकता है।”

खान एवं भूविज्ञान विभाग के उप महानिदेशक तथा पेट्रोलियम अन्वेषण परियोजना के प्रमुख दिनेश कुमार नापित ने कहा कि यह स्थल नेपाल में अब तक किया गया सबसे गहरा तथा वैज्ञानिक रूप से उन्नत अन्वेषण है। गैस की गुणवत्ता, वाणिज्यिक व्यवहार्यता और आर्थिक क्षमता का आकलन करने के लिए आगे का परीक्षण जारी है।

पश्चिम बंगाल में बंपर वोटिंग…गुजरात-केरल में नहीं दिखा वोटरों का जोश, देखें उपचुनाव में कितने लोगों ने डाले वोट?

चार राज्यों की पांच विधानसभा सीटों के उप चुनाव के लिए गुरुवार को वोट डाले गए। इसमें गुजरात की दो सीटों पर वोट पड़े। इनमें जूनागढ़ जिले के विसावदर और मेहसाणा जिले के कडी विधानसभा सीट शामिल रही। गुजरात में अन्य राज्यों की तुलना में कम वोट डाले गए। 

गुजरात की दो और पंजाब, पश्चिम बंगाल और केरल की एक-एक सीट के गुरुवार को हुए उप चुनाव में वोट डाले गए। चुनाव आयोग के वोटिंग टर्नआउट एप के अनुसार सबसे ज्यादा वोट पश्चिम बंगाल की कालीगंज सीट पर पड़े। दूसरे नंबर पर पंजाब के लुधियाना विधानसभा सीट। गुजरात की दोनों सीटें के साथ केरल की नीलांबुर सीट पर मतदान का प्रतिशत काफी कम रहा। गुजरात की विसावदर सीट पर 57.80 फीसदी वोट पड़े तो वहीं महेसाणा जिले की कडी विधानसभा सीट पर मतदान का प्रतिशत और नीचे रहा। सिर्फ 56.89 फीसदी लोगों ने मताधिकार का प्रयोग किया।

क्र. सं.विधानसभा क्षेत्रराज्यकुल वोटिंग (प्रतिशत में)

1विसावदरगुजरात57.80

2कडीगुजरात56.89

3कालीगंजपश्चिम बंगाल73.26

4नीलांबुरकेरल51.33

5लुधियानापंजाब72.50

सचिन तेंदुलकर ने शुभमन गिल को दिया जीत का गुरु मंत्र, ये बात मान ली तो सुपर हिट जाएगी कप्तानी

भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज 20 जून से शुरू होने वाली है। पहला मैच लीड्स के हेडिंग्ले में होगा। यह सीरीज अगस्त की शुरुआत तक चलेगी। इस बार इस सीरीज को एक नया नाम मिला है। बीसीसीआई और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने मिलकर एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी की शुरुआत की है। यह ट्रॉफी अब इन दोनों टीमों के बीच होने वाली हर टेस्ट सीरीज के विजेता को दी जाएगी। इस मौके पर सचिन तेंदुलकर ने बताया कि इंग्लैंड में खेलते समय धैर्य रखना बहुत जरूरी है। उन्होंने शुभमन गिल को टीम का नया कप्तान बनाए जाने पर टीम के नेतृत्व को समर्थन देने की बात भी कही।

टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए सचिन तेंदुलकर ने शुभमन गिल को लेकर कहा, शुभमन के लिए मेरी सलाह ये है कि उन्हें परिस्थितियों का सम्मान करने और उसके अनुसार बल्लेबाजी करने की जरूरत है, क्योंकि जब आप परिस्थितियों का सम्मान करते हैं, तो आपके पास अपनी विचार प्रक्रिया में वह लचीलापन होता है। अगर हम इसका सम्मान करते हैं तो बहुत सी चीजें सही हो सकती हैं, लेकिन अगर कोई परिस्थितियों की परवाह किए बिना बहुत सी चीजों को बदलने में विश्वास नहीं करता है तो कभी-कभी आपको इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ती है। इसलिए, मेरा संदेश होगा कि खेल में परिस्थितियों का सम्मान करें, ताकि आपको पता चले कि कब हमला करना है और कब बचाव करना है।’

शुभमन गिल की कप्तानी पर सचिन ने क्या कहा?
सचिन तेंदुलकर ने शुभमन गिल की कप्तानी पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने, ‘मुझे लगता है कि उन्हें समय दिया जाना चाहिए, उनका समर्थन किया जाना चाहिए। मेरा मानना है कि बहुत सारी राय होंगी कि उन्हें यह करना चाहिए और उन्हें वह करना चाहिए और इस तरह की सभी चीजें खेल में आएंगी, लेकिन उन्हें इस बात पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए कि टीम की योजना क्या है, ड्रेसिंग रूम में क्या चर्चा हुई और क्या यह उसके अनुसार हो रहा है और क्या जो भी फैसले लिए जा रहे हैं, वे टीम के हित में लिए जा रहे हैं या नहीं।’

सचिन ने कहा, ‘शुभमन को सिर्फ टीम में क्या चल रहा है उसके बारे में सोचना चाहिए। बाहरी दुनिया में क्या हो रहा है उससे उन्हें दूरी रखने की जरूरत है। जहां किसी को लगता है कि वह बहुत आक्रामक हो रहे हैं या वह बहुत रक्षात्मक हो रहे हैं और वह सब वे राय हैं और लोग राय देंगे, आखिरकार ड्रेसिंग रूम में क्या होता है और वह टीम के हित में क्या कर रहे हैं यह मायने रखने वाला है और उसी को महत्व दिया जाना चाहिए और कुछ नहीं।’

असम में ब्रह्मपुत्र में नाव पलटने से छह लोग लापता
असम के नलबाड़ी जिले के मुकालमुआ में ब्रह्मपुत्र नदी में बृहस्पतिवार की सुबह नाव पलटने से पांच स्कूली बच्चों समेत छह लोग लापता हो गए। नाव पर सवार अन्य लोगों को बचा लिया गया है। फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य जारी है। जानकारी के अनुसार नलबाड़ी जिलांतर्गत बरखेत्री सर्कल के मुकालमुआ में ब्रह्मपुत्र नदी में एक यंत्र चालित नाव नादिया चर से लारकुची पाराधरा पारघाट आ रही थी। इसी दौरान नाव दुर्घटना का शिकार हो गई।

सूत्रों के अनुसार दुर्घटना के बाद एक वयस्क व्यक्ति और पांच स्कूली छात्र-छात्राएं लापता हैं। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और पुलिस की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। नाव पर 20 से 25 लोग सवार थे, जिसमें स्कूली बच्चों की संख्या अधिक थी।

आतंकी साजिश मामला : एनआईए अदालत ने बांग्लादेशी को सुनाई छह साल जेल की सजा
एनआईए की एक विशेष अदालत ने आतंकी साजिश के एक मामले में एक बांग्लादेशी को बृहस्पतिवार को छह साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि नजीउर रहमान पावेल उर्फ जॉयराम ब्यापारी उर्फ जोसेफ को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, विदेशी अधिनियम और भारतीय पासपोर्ट अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई गई है। अदालत ने उस पर 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

जांच एजेंसी ने कहा कि यह दोषसिद्धि मूल रूप से जुलाई 2021 में कोलकाता पुलिस की ओर से बांग्लादेशी नागरिकों एसके शब्बीर, जोसेफ और अन्य के भारत में अवैध प्रवेश के संबंध में दर्ज मामले में हुई है। 

सिकल सेल की नई दवा विकसित करने पर मिलेंगे 10 करोड़  
सिकल सेल रोगियों को शारीरिक स्थिति और बीमारी की गंभीरता के आधार पर दवा चुनने का विकल्प जल्द मिल सकता है। नई दवा के विकास के लिए आदिवासी मामलों का मंत्रालय दिल्ली एम्स की मदद से एक प्रतियोगिता आयोजित करेगा। इसमें चयनित प्रस्ताव के आवेदक को 10 करोड़ का पुरस्कार मिलेगा। केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने विश्व सिकल सेल दिवस पर यह जानकारी दी।

मंत्री ने कहा, बीमारी के प्रबंधन के लिए एक दवा उपलब्ध है। गर्भावस्था या अन्य गंभीर स्थितियों की उपस्थिति जैसी विशेष स्थितियों में समस्या और गंभीर हो जाती है, इसलिए एक नई दवा विकसित करने की  आवश्यकता है। 

दुष्कर्म के मुकदमे का सामना करने को भगोड़े अपराधी को ब्रिटेन प्रत्यर्पित करने की अनुमति
नई दिल्ली स्थित प्रत्यर्पण अदालत ने यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म के मामले में स्कॉटलैंड हाईकोर्ट में मुकदमे का सामना करने के लिए भगोड़े अपराधी को ब्रिटेने को प्रत्यर्पित करने की अनुमति दे दी। अपराधी अपराध करने के बाद ब्रिटेन से भागकर केरल आ गया था। उसे कोच्चि में गिरफ्तार कर दिल्ली लाया गया। तब से वह न्यायिक हिरासत में था। उसने प्रत्यर्पण के लिए अपनी सहमति दे दी। 24 दिसंबर, 2024 को आरोपी के प्रत्यर्पण के लिए आवेदन किया गया। 

प्रोफेसर सुमन चक्रवर्ती आईआईटी खड़गपुर के निदेशक नियुक्त
आईआईटी खड़गपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में इंस्टीट्यूट चेयर प्रोफेसर और विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सर जेसी बोस नेशनल फेलो सुमन चक्रवर्ती को आईआईटी खड़गपुर का निदेशक नियुक्त किया गया है, संस्थान ने शुक्रवार रात एक बयान में कहा।

प्रोफेसर सुमन चक्रवर्ती आईआईटी खड़गपुर के निदेशक नियुक्त किया गया है। वे वर्तमान कार्यवाहक निदेशक प्रोफेसर अमित पात्रा का स्थान लेंगे। उनका कार्यकाल कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से पांच वर्ष की अवधि तक या 70 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक, जो भी पहले हो, रहेगा। चक्रवर्ती को हाल ही में यूनेस्को द्वारा इंजीनियरिंग और कंप्यूटर विज्ञान में 2026 टीडब्ल्यूएएस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान सूक्ष्म और नैनोस्केल प्रवाह में उनके मौलिक कार्य, नैदानिक प्रौद्योगिकियों में नवाचारों को सक्षम करने और हाशिए पर रहने वाली आबादी के लिए ग्रामीण आजीविका और स्वास्थ्य सेवा पहुंच में सुधार के लिए दिया गया था। चक्रवर्ती को 2023 में एशिया में सभी विषयों के शीर्ष 100 शोधकर्ताओं की सूची में शामिल किया गया। चक्रवर्ती को 2002 में आईआईटी खड़गपुर में सहायक प्रोफेसर के रूप में शामिल हुए थे और 2008 से वरिष्ठ प्रोफेसर हैं।

अब 22 जून को भी नहीं होगी ‘एक्सिओम मिशन 4’ की लॉन्चिंग; नासा ने किया स्थगित

भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और तीन अन्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए बहुप्रतीक्षित एक्सिओम-4 वाणिज्यिक मिशन की लॉन्चिंग फिर टाल दी गई है। 22 जून को लॉन्चिंग से दो दिन पहले इसका एलान किया गया।

एक्सिओम मिशन 4 के प्रक्षेपण के लॉन्चिंग में एक बार फिर व्यवधान आ गया है। नासा ने रविवार को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए एक्सिओम-4 मिशन का प्रक्षेपण को स्थगित कर दिया है। हालांकि नासा ने नई तारीख का एलान भी अभी नहीं किया है। नासा ने कहा है कि आने वाले दिनों में नई प्रक्षेपण तिथि की घोषणा की जाएगी। प्रक्षेपण तिथि में बदलाव से नासा को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के ज्वेज्दा सेवा मॉड्यूल के सबसे पिछले हिस्से में हाल ही में किए गए मरम्मत कार्य के बाद स्टेशन संचालन का मूल्यांकन जारी रखने का समय मिलेगा।

कई बार टाला जा चुका मिशन
22 जून वाली लॉन्चिंग टालने से पहले एक्सिओम स्पेस मिशन को लॉन्च करने के लिए नई तारीख 19 जून आई थी, लेकिन उसे भी आगे बढ़ा दिया गया था। उससे पहले, 11 जून को फ्लोरिडा में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किया जाना था, लेकिन स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट में ईंधन रिसाव और फिर आईएसएस के रूसी खंड में रिसाव के कारण पहले इसे टालना पड़ा था। सबसे पहले 29 मई को लॉन्च होने वाले इस 14 दिवसीय मिशन को 8 और 10 जून को भी टालना पड़ा था।

क्या है एक्सिओम मिशन 4?
यह मिशन भारत के लिए ऐतिहासिक होगा, साथ ही पोलैंड और हंगरी के लिए भी। ये दोनों देश 40 साल बाद पहली बार मानव अंतरिक्ष उड़ान में हिस्सा लेंगे। यह पहली बार होगा जब भारत, पोलैंड और हंगरी एक संयुक्त मिशन के तहत आईएसएस पर साथ जाएंगे। इस मिशन को फाल्कन 9 रॉकेट पर स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल में लॉन्च किया जाएगा। एक्सिओम-4 चालक दल का प्रक्षेपण फ्लोरिडा में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर में लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39A से होगा।  

पैगी व्हिटसन संभालेंगी मिशन की कमान 
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि मिशन में नासा की पूर्व अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन भी शामिल हैं, जो मिशन की कमान संभालेंगी। निजी मिशन के अन्य सदस्य पोलैंड के स्लावोज उज्नान्स्की-विस्नीव्स्की और हंगरी के टिबोर कापू हैं, जो पोलैंड और हंगरी के पहले अंतरिक्ष यात्री हैं। 

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचने वाले पहले भारतीय
इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत भारत जल्द ही ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने वाला है। भारत के शुभांशु शुक्ल अब अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बनने वाले हैं। इतना ही नहीं, वे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में पहुंचने वाले पहले भारतीय होंगे।  इस मिशन को अमेरिका के अंतरिक्ष अभियानों से जुड़ी कंपनी एक्सिओम स्पेस और नासा के सहयोग से अंजाम दिया जा रहा है। साथ ही एलन मस्क की स्पेसएक्स इस मिशन में अहम भूमिका निभाएगी। 

तस्वीरें और वीडियो के जरिए अनुभवों को इकट्ठा करेगी टीम
बता दें कि इस मिशन में शुभांशु के साथ तीन और अंतरिक्ष यात्री शामिल रहेंगे। शुभांशु शुक्ल इस अभियान के दौरान कई वैज्ञानिक मिशन्स को अंजाम देंगे। शुभांशु ने इससे पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी यह अंतरिक्ष यात्रा भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरित करने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि वह आईएसएस पर एक निजी एजेंडे के साथ भी जा रहे हैं। वहां वे अपने अनुभवों को वे तस्वीरें और वीडियो के जरिए इकट्ठा करेंगे। शुभांशु ने कहा, मैं इन अनुभवों को साझा करुंगा, ताकि सभी भारतवासी मेरी आंखों से देखी गई चीजों को खुद महसूस करें। मैं भले ही एक व्यक्ति की तरह यह यात्रा कर रहा हूं, लेकिन यह सफर 1.4 अरब लोगों का है। 

दो दिन में बिहार, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के दौरे पर पीएम, परियोजनाओं की सौगात के साथ योग दिवस कार्यक्रम में होंगे शामिल

प्रधानमंत्री मोदी दो दिन में तीन राज्यों के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे बिहार और ओडिशा में कई विकास परियोजनाओं के शुभारंभ करेंगे। वहीं योग दिवस के मौके पर आंध्र प्रदेश में योग कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से दो दिन के लिए तीन राज्यों बिहार, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के दौरे पर रहेंगे। पीएम मोदी आज बिहार और ओडिशा में जहां कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे तो आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सामूहिक कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।

गिनी को निर्यात के लिए पहले स्वदेशी इंजन को आज बिहार में हरी झंडी दिखाएंगे पीएम
आधिकारिक बयान में कहा गया कि पीएम मोदी शुक्रवार को चुनावी राज्य बिहार के सिवान और ओडिशा के भुवनेश्वर जाएंगे तथा जनसभाओं को संबोधित करेंगे। पीएम सिवान में 400 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली नई वैशाली-देवरिया रेलवे लाइन परियोजना का उद्घाटन करेंगे और इस मार्ग पर एक नई ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे। साथ ही वह उत्तर बिहार में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए मुजफ्फरपुर और बेतिया के रास्ते पाटलिपुत्र और गोरखपुर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड विजन के अनुरूप, पीएम गिनी गणराज्य को निर्यात के लिए मरहोरा संयंत्र में निर्मित अत्याधुनिक लोकोमोटिव को हरी झंडी दिखाएंगे। यह इस कारखाने में निर्मित पहला निर्यात किया जाने वाला लोकोमोटिव है। बयान में कहा गया कि ये लोकोमोटिव उच्च अश्वशक्ति इंजन, उन्नत एसी प्रणोदन प्रणाली, माइक्रोप्रोसेसर आधारित नियंत्रण प्रणाली, एर्गोनोमिक कैब डिजाइन से सुसज्जित हैं और पुनर्योजी ब्रेकिंग जैसी प्रौद्योगिकियां भी शामिल हैं। गंगा नदी के संरक्षण और पुनरुद्धार के लक्ष्य के अनुरूप पीएम मोदी नमामि गंगे परियोजना के तहत 1,800 करोड़ रुपये से अधिक लागत के छह सीवेज उपचार संयंत्रों (एसटीपी) का भी उद्घाटन करेंगे। वह जल आपूर्ति और बिजली बुनियादी ढांचे से संबंधित कई अन्य परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे और 53,600 से अधिक लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की पहली किस्त जारी करेंगे। पीएम 6,600 से अधिक पूर्ण हो चुके मकानों के गृह प्रवेश समारोह के अवसर पर कुछ लाभार्थियों को चाबियां भी सौंपेंगे।

ओडिशा में 18,600 करोड़ के विकास परियोजनाओं का करेंगे शुभारंभ
वहीं, पीएम मोदी ओडिशा में भाजपा सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर राज्य स्तरीय समारोह की अध्यक्षता करेंगे। साथ ही वह 18,600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। इन परियोजनाओं में पेयजल, सिंचाई, कृषि अवसंरचना, स्वास्थ्य अवसंरचना, ग्रामीण सड़कें और पुल, राष्ट्रीय राजमार्गों के खंड और एक नई रेलवे लाइन शामिल हैं। राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क के साथ बौध के एकीकरण के ऐतिहासिक क्षण पर पीएम मोदी पहली बार जिले में रेल संपर्क बढ़ाने वाली नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाएंगे। वह राजधानी क्षेत्र शहरी परिवहन (सीआरयूटी) प्रणाली के अंतर्गत 100 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाएंगे। पीएम ओडिशा विजन दस्तावेज भी जारी करेंगे। यह 2036 के ऐतिहासिक वर्षों पर आधारित है, जब ओडिशा भारत के प्रथम भाषाई राज्य के रूप में 100 वर्ष पूरे करेगा तथा 2047 जब देश स्वतंत्रता के 100 वर्ष मनाएगा। वह राज्य की सफल महिलाओं को सम्मानित करने सहित कई अन्य पहलों का हिस्सा भी बनेंगे।

पीएम मोदी पांच लाख प्रतिभागियों के साथ विशाखापत्तनम में करेंगे योग
पीएम मोदी 21 जून शनिवार को 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विशाखापत्तनम से राष्ट्रीय समारोह का नेतृत्व करेंगे। बयान में कहा गया कि पीएम विशाखापत्तनम के समुद्र तट पर करीब पांच लाख प्रतिभागियों के साथ कॉमन योग प्रोटोकॉल (सीवाईपी) सत्र में भाग लेंगे, जबकि सामंजस्यपूर्ण योग प्रदर्शन में राष्ट्र का नेतृत्व करेंगे। देशभर में 3.5 लाख से अधिक स्थानों पर एक साथ योग कार्यक्रम होंगे। इस वर्ष माईजीओवी और माईभारत जैसे प्लेटफार्मों पर विशेष प्रतियोगिताएं जैसे परिवार के साथ योग और योग अनप्लग्ड के तहत युवा-केंद्रित पहल शुरू की गई हैं। इससे जन भागीदारी को बढ़ावा मिल रहा है। इस वर्ष का विषय एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग है। यह मानव और ग्रहीय स्वास्थ्य के अंतर्संबंध पर प्रकाश डालता है तथा सामूहिक कल्याण के वैश्विक दृष्टिकोण को प्रतिध्वनित करता है, जो भारत के सर्वे संतु निरामया (सभी लोग रोगों से मुक्त रहें) के दर्शन पर आधारित है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में स्वीकार किए जाने के बाद से पीएम मोदी नई दिल्ली, चंडीगढ़, लखनऊ, मैसूर, न्यूयॉर्क (संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय) और श्रीनगर सहित विभिन्न स्थानों से इस समारोह का नेतृत्व कर चुके हैं।

देशभर में बारिश का दौर: झारखंड-महाराष्ट्र में हाल-बेहाल; अगले दो दिनों में उत्तर भारत में मानसून देगा दस्तक

राजस्थान में बारिश के बावजूद गर्मी का प्रकोप जारी है और जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में बृहस्पतिवार पिछले 20 साल में जून का सबसे गर्म दिन रहा। झारखंड में दो दिनों से मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। नदियां उफान पर हैं और हादसों में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति लापता है।  

दक्षिण पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही पिछले दो दिनों में यह मध्य, पश्चिम और पूर्वी भारत के ज्यादातर हिस्सों में पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून के अगले दो से तीन दिनों में दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्से में पहुंचने का अनुमान है। मौसम विभाग ने कहा है कि 20 से 25 जून के बीच हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख सहित पूरे उत्तर भारत में बारिश हो सकती है। वहीं, राजस्थान और श्रीनगर में गर्मी से लोग अब भी बेहाल हैं। झारखंड में भारी बारिश से चार लोगों की मौत हो गई और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।

राजस्थान में बारिश के बावजूद गर्मी का प्रकोप जारी है और जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में बृहस्पतिवार पिछले 20 साल में जून का सबसे गर्म दिन रहा। झारखंड में दो दिनों से मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। नदियां उफान पर हैं और हादसों में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति लापता है।

 जैसलमेर 44.6 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा
राजस्थान में बृहस्पतिवार को करौली (36.5 मिमी), अजमेर (18.2 मिमी), प्रतापगढ़ (5.5 मिमी), और कोटा (4.6 मिमी) में हल्की बारिश ने गर्मी से कुछ राहत दी। हालांकि, जैसलमेर में तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में और बारिश की संभावना जताई है, लेकिन गर्मी का प्रभाव बरकरार रह सकता है।

हिमाचल में दो-तीन दिन में आ सकता है मानसून
मौसम विभाग के अनुसार, अनुकूल परिस्थितियां होने के कारण अगले दो-तीन दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में पहुंच जाएगा। हिमाचल में 22-23 जून को ऊना, बिलासपुर और कांगड़ा में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। 20-25 जून तक राज्य में बारिश का दौर रहेगा। ऊना में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने 21-25 जून को भारी बारिश की चेतावनी दी है। हालांकि, न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। यह सामान्य से 2-4 डिग्री अधिक रहा। हालांकि, अधिकतम तापमान में कुछ डिग्री की बढ़ोतरी हुई। ऊना 38 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य में सबसे गर्म रहा। प्रमुख पर्यटन स्थलों में शिमला में अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस, मनाली में 28.6 डिग्री, धर्मशाला में 30 डिग्री, नारकंडा में 21.8 डिग्री और कसौली में 25.1 डिग्री दर्ज किया गया।

 श्रीनगर में 20 साल में सबसे गर्म जून
कश्मीर घाटी में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। श्रीनगर में बृहस्पतिवार को तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 20 साल में जून का सबसे गर्म दिन है। यह मौसमी औसत से सात डिग्री अधिक है। इससे पहले, 25 जून 2005 को 36.5 डिग्री तापमान दर्ज हुआ था। मौसम विभाग ने बताया कि घाटी के अन्य हिस्सों में भी तापमान सामान्य से अधिक रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।

ठाणे, रायगढ़, मुंबई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
महाराष्ट्र में मौसम विभाग ने पालघर, नासिक और पुणे के घाट क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। यहां अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी है। ठाणे, रायगढ़, मुंबई, रत्नागिरी और सतारा के लिए ऑरेंज अलर्ट है। रायगढ़ में अंबा और कुंडलिका नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, रत्नागिरी में जगबुडी नदी भी उफान पर है। रायगढ़ के स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। मुंबई में 24 घंटों में 142.6 मिमी बारिश दर्ज की गई।रत्नागिरी के कुचंबे गांव में भूस्खलन हुआ, और ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।

 ‘ईरान पर हमला करना है या नहीं, दो सप्ताह में फैसला लूंगा’, असमंजस में फंसे ट्रंप को अब भी आस

इस्राइल पर ईरान के ताजा हमले में कम से कम 240 लोग घायल हुए हैं, जिनमें सोरोका मेडिकल सेंटर पर हमले में घायल हुए 80 मरीज और चिकित्साकर्मी शामिल हैं। इस बीच ट्रंप ने ईरान पर हमले को लेकर बड़ा बयान दिया है। 

पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। इस्राइल और ईरान के बीच सैन्य झड़पें लगातार बढ़ रही हैं। इसी तनाव के बीच गुरुवार को ईरान ने जवाबी कार्रवाई में दक्षिणी इस्राइल के ‘सोरोका अस्पताल’ पर मिसाइल हमला किया। जिसके बाद बात और बिगड़ गई है। इस्राइल ने ईरान को खुली धमकी दी है कि अब अयातुल्ला खामनेई जिंदा नहीं बचेंगे। इस बीच, ईरान पर हमले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो इस मसले पर दो सप्ताह में निर्णय लेगे। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने इस संबंध में जानकारी दी। व्हाइट हाउस ने गुरुवार को कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले दो सप्ताह के भीतर यह निर्णय लेंगे कि ईरान पर हमला करना है या नहीं। उन्होंने कहा कि ट्रंप को अभी भी इस बात की पर्याप्त संभावना दिख रही है कि वार्ता के माध्यम से ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका और इस्राइल की मांगें पूरी हो सकती हैं।

प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि फिलहाल ईरान को अपने संवर्धन कार्यों तथा परमाणु हथियार बनाने की किसी भी अन्य संभावना को तत्काल बंद करने की राष्ट्रपति की चेतावनी की समयसीमा बढ़ा दी गई है। 

इससे पहले, इस्राइल के बीरशेबा इलाके में सोरोका अस्पताल पर ईरान ने मिसाइल हमला किया है। इस हमले में कम से कम 40 लोग घायल हो गए। वहीं, कुछ की मौत भी हुई है। मध्य और दक्षिण इस्राइल में भी ईरानी मिसाइलों से काफी नुकसान हुआ है। 

खामनेई अब जिंदा नहीं रह सकते- इस्राइल काट्ज
इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने कहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई अब जिंदा नहीं रह सकते। उन्होंने यह बयान तब दिया जब ईरान की मिसाइलों ने एक अस्पताल पर हमला किया, जिसमें कम से कम 40 लोग घायल हो गए। काट्ज ने कहा कि खामेनेई एक तानाशाह हैं और उन्होंने इस्राइल को खत्म करने का संकल्प लिया है, इसलिए उनका अस्तित्व अब स्वीकार्य नहीं है। इससे पहले अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई की हत्या की इस्राइली योजना को रोक दिया था। हालांकि ट्रंप ने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है।

बीते शुक्रवार से जारी है जंग
इस्राइल और ईरान के बीच संघर्ष पिछले शुक्रवार को शुरू हुआ था, जब इस्राइल ने ईरान के परमाणु और सैन्य स्थलों, शीर्ष जनरलों और परमाणु वैज्ञानिकों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए। तब से जारी इस जंग में अब तक ईरान में 263 नागरिकों सहित कम से कम 639 लोग मारे गए हैं और 1,300 से अधिक घायल हुए हैं। वहीं, ईरान की जवाबी कार्रवाई में इस्राइल में कम से कम 24 लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हो गए।

तनाव: रूस-चीन ने शांति स्थापना का खोला विंडो; ईरान से जंग में यूएस-इस्राइल हटेंगे पीछे या छिड़ेगा महासंग्राम?

मध्य पूर्व में रूस हमेशा संतुलन बनाने के लिए दखल देता रहा है। खासकर पुतिन के कार्यकाल में रूस ने हमेशा भू-राजनीतिक परिस्थिति का संतुलन बिगड़ने से रोकने का प्रयास किया है। अभी के संकेत से यही लग रहा हैकि इस जंग में अमरिका कूदा तो आगे महासंग्राम छिड़ने की संभावना बढ़ सकती है।

संभावनाएं असीमित होती हैं। ईरान और इस्राइल युद्ध इसे साबित करते हैं। कभी बैकफुट पर दिखाई दे रहा ईरान सेजल हाइपरसोनिक मिसाइल के इस्राइल पर प्रहार के बाद नए रूप में दिखाई दे रहा है। रूस, चीन ने मध्यपूर्व में इस्राइल के बहाने बढ़ते अमेरिकी दखल को रोकने के लिए शांति के प्रयास का विंडो खोल दिया है। रूस के तेवर सख्त हैं। ऐसे में क्या अब अमेरिका और इजरायल को अपने कदम पीछे खींचने पड़ेंगे?

रूस का साफ स्टैंड के साथ ईरान के साथ खड़ा होना पूरे समीकरण को नई दिशा दे रहा है। पहले भी माना जा रहा था कि देर सबेर रूस आगे आएगा। इसका एक बड़ा कारण यूक्रेन के साथ युद्ध में ईरान का रूस को समर्थन देना भी है। सीरिया में भी बसर अल असद की सरकार को बचाने के लिए ईरान ने रूस का साथ दिया था। सामरिक और रणनीतिक मामलों के जानकार भी मानते हैं कि मध्य पूर्व में रूस हमेशा संतुलन बनाने के लिए दखल देता रहा है। खासकर पुतिन के कार्यकाल में रूस ने हमेशा भू-राजनीतिक परिस्थिति का संतुलन बिगड़ने से रोकने का प्रयास किया है। अभी के संकेत से यही लग रहा हैकि इस जंग में अमरिका कूदा तो आगे महासंग्राम छिड़ने की संभावना बढ़ सकती है।

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इस्राइल धमका रहा है, अमेरिका तैयारी कर रहा है…
इस्राइल अपने अस्पताल पर ईरान की हाइपरसोनिक मिसाइल गिरने के बाद आग बबूला है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की भाषा अब निबटाने वाली हो गई है। इस्राइल का पूरा सहारा, भरोसा अमेरिका है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी ईरान और उसके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई को दबाव में लाने, चेतावनी देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। बड़े तरीके से अमेरिका ने यूएसएस निमित्ज को भी दक्षिण चीन सागर से डिएगो गार्शिया की तरफ रवाना कर दिया है। बी-52 बॉम्बर और 3000 पाऊंड के बम से ईरान के फोर्डे परमाणु संयंत्र को ध्वस्त करने तक के संकेत दिए जा रहे हैं। अमेरिका मे मध्यपूर्व के देशों में अपने दूतावासों को आंशिक रूप से खाली कर दिया है। बहरीन, कुवैत, यूएई समेत अन्य देशों से अपने कर्मियों के परिवार को वापस बुला रहा है। बाजी को इस्राइल के पक्ष में पलटने के लिए अभी कई तरह के दांव खेल रहा है। अर्थ यह हुआ कि दबाव की हर रणनीति अपना रहा है। जबकि इजरायल के अग्नेयास्त्र ईरान को धुआं धुआं करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

ईरान से 2000 किमी के भीतर अमेरिका के आठ सैन्य अड्डे चिंता की बात
अमेरिका के मध्यपूर्व में 8 स्थायी सैन्य अड्डे हैं। ये बहरीन, कुवैत, इराक, जार्डन, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब में हैं। इसके अलावा करीब 11 स्थानों पर उसके अस्थाई सैन्य अड्डे हैं। पूरे मध्य-पूर्व में उसके 50-55 हजार सैनिकों के तैनात होने की संभावना है लेकिन अमेरिका के लिए चिंता की बात यह है कि यह सभी ईरान से 2000 किमी के भीतर हैं। ईरान की हाइपरसोनिक मिसाइल की रेंज 200-2500 किमी तक है। इन मिसाइलों को अमेरिकी वायुरक्षा प्रणाली के अलावा खुद की प्रणाली से संपन्न होने के बाद भी इस्राइल रोक पाने में नाकाम है। अमेरिका के लिए चिंता की बात यह भी है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई उसे इजरायल की मदद करने की दशा में धमका रहे हैं। सीधे अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाने की चेतावनी दे रहे हैं।

अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा कतर में है। कतर ईरान से सटा है। इराक, सीरिया, अफगानिस्तान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में इसका जमकर उपयोग हुआ है। दो विमान वाहक पोत(नौसैनिक बेडा) पहले से ही भूमध्य सागर में है। यूएसएस निमित्ज भूमध्य सागर की तरफ चल पड़ा है। यूएसएस निमित्ज अपने आप में काफी शक्तिशाली बेड़ा है। इस पर एप-18 सुपर हार्नेट, एफ-35 लड़ाकू विमान की तैनाती है। ड्रेन, वायुरक्षा प्रणाली, एंटी मिसाइल प्रणाली, आक्रामक हेलीकाप्टर, युद्धपोत, विध्वंसक, फ्रिगेट समेत सबकुछ है।  

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शुरू हुआ कूटनीतिक खेल
ईरान के नेता अयातुल्ला खामेनेई ने इराक से अपील की थी कि वह इस्राइल को अपने वायु क्षेत्र के इस्तेमाल की इजाजत न दे। खामनेई सरकार बदलने के बाद सीरिया से यह अपील नहीं कर सकते। हालांकि वहां भी इस्लामिक रेडिकल ग्रुप का शासन है, लेकिन पश्चिम के देशों के पक्ष में सीरिया की सरकार है। इराक ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इजरायल द्वारा अपने वायु क्षेत्र के दुरुपयोग की गुहार लगा दी है। उसे तमाम देशों का साथ मिल गया है। 21 इस्लामिक देशों ने इस्राइल के हमले की निंदा की है और इसे ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। रूस और चीन ने भी अब अमेरिका पर दबाव डालना शुरू किया है। देखना है यह कूटनीतिक खेल कितना रंग दिखा पाता है।

तो क्या होगी महापंचायत, पीछे खींचेगे अमेरिका और इजरायल कदम?
लाख टके का सवाल है। इस्राइल प्रधानमंत्री बेन्जामिन नेतेन्याहू के सामने दो मुश्किल चुनौती है। पहली उनके देश का क्षेत्रफल कम 22072 वर्ग किमी ) और आबादी घनी(लगभग 98 लाख) है। दूसरी  ईरान की हाइपरसोनिक मिसाइलों की क्षमता, उसके फायर पॉवर के आंकलन में उनकी खुफिया एजेंसी मोसाद, आईडीएफ और सामरिक तथा रणनीतिक विशेषज्ञों से बड़ी चूक हुई है। अमेरिका को भी इस तरह का अंदाजा नहीं रहा होगा। किसी के पास इसका सटीक आंकड़ा नहीं है कि ईरान के पास कितनी संख्या में मिसाइल लांचर प्रणाली और हाइपरसोनिक मिसाइलें हैं। क्या अभी तक जिन मिसाइलों का इस्तेमाल ईरान ने किया है, उसके पास इससे भी उन्नत, मारक, तीव्रगति वाली मिसाइलें हैं। क्या ईरान ने परमाणु बम या डर्टी परमाणु बम जैसा कुछ तैयार कर रखा है?

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रपति पुतिन की चुप्पी, रूस का यूक्रेन में फंसना और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राष्ट्रपति पुतिन से रिश्ते बनाकर चलने की नीति ने भी भ्रम पैदा किया था। रहा सवाल चीन का तो उसने कभी किसी देश के हित और दूसरे देश के साथ विवाद की स्थिति में अभी तक सशस्त्र दखल नहीं दिया है। रूस ने सीधे-सीधे ईरान-इजरायल युद्ध को रोकने, शांति के प्रयास की मांग की है। पहल किया है। दबाव बना रहा है। इस स्थिति में देखना है कि क्या मध्य-पूर्व में महापंचायत होगी? क्या इस्राइल और अमेरिका अपने कदम पीछे खींचेंगे? ईरान के साथ जंग रुकेगी? संभवना इसकी अधिक है कि कुछ दिन में शांति, संवाद और कूटनीति अपना असर दिखा सकती है।

 ‘2047 तक भारत को 32 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना लक्ष्य’, लंदन में बोले पीयूष गोयल

ब्रिटेन दौरे पर गए भारत के उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री पीयूष गोयल ने भारत के 32 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य पर जोर दिया। जहां लंदन के साइंस म्यूजियम में आयोजित फ्यूचर फ्रंटियर्स फोरम में भारत के आर्थिक भविष्य और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर कई सारी बड़ी बातें की। साथ ही उन्होंने भारत और ब्रिटेन के बीच ऐतिहासिक रिश्तों और सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों और समृद्ध विरासत को साझा करते हैं।ब्रिटेन दौरे पर लंदन में पीयूष गोयल ने कहा कि 2047 तक भारत 32 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनेगा। साथ ही उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर कहा कि भारत एआई को अपनाने जा रहा है। हम इसे रोजगार के लिए खतरा नहीं मानते।

32 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्ता बनाने का लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत आज 2500-3000 डॉलर प्रति व्यक्ति आय वाला देश है, लेकिन हमारा सपना है कि 2047 तक जब हम आजादी के 100 साल पूरे करेंगे, तब भारत 32 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बने। उन्होंने ब्रिटेन की राजनीतिक पार्टियों की स्थिरता और परिपक्वता की सराहना करते हुए कहा कि मैं चाहता हूं कि हमारे यहां भी विपक्ष इतना परिपक्व हो। 

इसके साथ ही गोयल ने ब्रिटेन और भारत के बीच व्यापार समझौते पर भी बात की। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन की पिछली सरकार के साथ व्यापार समझौते को लेकर कई बातचीत हुई और नई लेबर सरकार ने सत्ता में आने के बाद भी उन प्रयासों को आगे बढ़ाया। गोयल ने कहा कि लेबर सरकार का ये कदम परिपक्व राजनीति का उदाहरण है।

भारत में एआई की बढ़ती लोकप्रियता पर भी बोले गोयल
इसके साथ ही फ्यूचर फ्रंटियर्स फोरम में केंद्रीय मंत्री गोयल ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भारत में बढ़ती लोकप्रियता पर भी बातें की। उन्होंने कहा कि भारत एआई को अपनाने जा रहा है और हम इसे रोजगार के लिए खतरे के रूप में नहीं देखता। उन्होंने कहा कि एआई से डेटा विश्लेषण और नई संभावनाओं को समझने में मदद मिलेगी।

गिरती जा रही ‘हाउसफुल 5’ की कमाई, 14वें दिन सिर्फ इतना रहा कलेक्शन

साल की सबसे बड़ी कॉमेडी फिल्म ‘हाउसफुल 5’ इन दिनों सिनेमाघरों में बनी हुई है। हालांकि, अब बॉक्स ऑफिस पर लगभग दो हफ्ते बिताने के बाद फिल्म की कमाई लगातार घट रही है। जानते हैं 14वें दिन गुरुवार को कैसी रही फिल्म की कमाई।

गुरुवार को और घटी कमाई
‘हाउसफुल 5’ बॉक्स ऑफिस पर अब 14 दिन पूरे कर चुकी है। अब फिल्म के 14वें दिन की कमाई के आंकड़े सामने आ गए हैं। खबर लिखे जाने तक ‘हाउसफुल 5’ ने गुरुवार को 14वें दिन 2.01 करोड़ की कमाई कर ली है, जो कि बुधवार की कमाई से कम है। 13वें दिन बुधवार को फिल्म ने 3 करोड़ की कमाई की थी। ऐसे में गुरुवार को फिल्म की कमाई और भी कम हुई है। फिल्म की कुल कमाई अब तक 167.26 करोड़ तक पहुंच गई है। हालांकि, रात में फिल्म की कमाई में हो सकता है कुछ बदलाव आए।

दूसरे शनिवार-रविवार के बाद गिर रहा कलेक्शन
24 करोड़ से बॉक्स ऑफिस पर अपनी शुरुआत करने वाली ‘हाउसफुल 5’ ने अपने पहले हफ्ते 127.25 करोड़ की कमाई की थी। लेकिन दूसरे शनिवार और रविवार के बाद से फिल्म की कमाई में गिरावट देखने को मिल रही है। 14 दिन के बाद अब फिल्म का कुल कलेक्शन 167.26 करोड़ पहुंच चुका है। हालांकि, अभी भी फिल्म अपने बजट से काफी दूर है। फिल्म का बजट 225-230 करोड़ बताया जा रहा है।

पांच पार्ट वाली पहली फ्रेंचाइजी है हाउसफुल
‘हाउसफुल 5’ बॉलीवुड की पहली 5 फिल्मों वाली फ्रेंचाइजी है। इससे पहले आईं चार फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया था। हालांकि, ‘हाउसफुल 5’ बॉक्स ऑफिस पर 167 करोड़ से अधिक की कमाई करने के बावजूद अपने बजट को निकालने में फेल होती दिख रही है। ऐसे में अगर फिल्म अपना बजट नहीं निकाल पाई तो यह सुपरहिट की श्रेणी में भी शामिल नहीं हो सकेगी।

डेढ़ दर्जन स्टार्स भी नहीं दिला पाए सफलता
‘हाउसफुल 5’ का निर्देशन तरुण मनसुखानी ने किया है। इस बार मेकर्स ने फिल्म में डेढ़ दर्जन से भी अधिक स्टार्स को शामिल कर लिया। लेकिन फिल्म फिर भी उतनी सफलता हासिल नहीं कर पाई जितनी मेकर्स ने उम्मीद लगाई थी।

‘पार्टी विशेष पर बोले तो जान से मार देंगे, अंजाम भुगतना होगा’, उपेंद्र कुशवाहा को बिश्नोई गैंग से धमकी

राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर जान से मारने की धमकी मिली है। इस बात की जानकारी उन्होंने अपने सोशल मीडिया के माध्यम से दी। जहां उन्होंने बताया कि अलग-अलग नंबरों से उन्हें सात कॉल और एमएमएस के जरिए 10 दिन में खत्म करने की चेतावनी दी गई। कुशवाहा ने एसएसपी पटना से कार्रवाई की…

राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष, राज्यसभा सदस्य और एनडीए गठबंधन दल के सहयोगी उपेंद्र कुशवाहा को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी कि उन्हें लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जान से मारने की धमकी मिली है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि अलग-अलग नंबर से सात बार आए धमकी भरे कॉल में उन्हें दस दिनों के अंदर जान से मारने की धमकी दी है।  

अंजाम भुगतना पड़ेगा…कुछ ऐसे मिली धमकी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए पोस्ट में कुशवाहा ने कहा कि आज शाम 8:52 बजे से 9:20 बजे के बीच मुझे लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर मोबाइल नंबर +916305129156 और +919229567466 से लगातार 7 धमकी भरे कॉल आए। साथ ही मोबाइल नंबर +917569196793 से 8 बजकर 57 मिनट पर MMS/SMS के माध्यम से कहा गया कि यदि राजनीतिक रूप से एक पार्टी विशेष पर बोलते रहे तो अंजाम भुगतना पड़ेगा।

दस दिनों में जान से मारने की धमकी
राज्यसभा सांसद ने कहा कि धमकी भरे कॉल और मैसेज में दस दिनों में जान से मारने की बात कही गई। उन्होंने एसएसपी पटनी से मामले में संज्ञान लेने और दोषियो के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की। साथ ही कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह की धमकियां अस्वीकार्य है। इस पूरे व्यवधान को तुरंत समाप्त किए जाने की अपेक्षा है।

देश ही नहीं विदेशों में भी योग दिवस को लेकर लोगों में उल्लास; अमेरिका में हो रहीं खास तैयारियां

21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर देश ही नहीं दुनियाभर में तैयारियां तेज हो गई हैं। भारत से लेकर दुनियाभर में इस दिवस को धूम-धाम और उत्साह से मनाया जाएगा। एक ओर जहां भारत में संस्कृति मंत्रालय की ओर से इस दिन भारत के 100 प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों और 50 सांस्कृतिक स्थलों पर एक साथ योग सत्र आयोजित किए जाएंगे।…

 21 जून को देश-विदेश में 11वां अंतरार्ष्ट्रीय योग दिवस मनाने की तैयारी उत्साहपूर्ण तरीके से चल रही है। भारत से लेकर अमेरिका तक में इस दिवस के लिए लोगों के मन में एक अलग उत्साह देखने को मिल रहा है। बात अगर भारत की तैयारियों की करें तो संस्कृति मंत्रालय भी 21 जून को 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे देश में बड़े उत्साह के साथ मनाने जा रहा है।

संस्कृति मंत्रालय इस दिन भारत के 100 प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों और 50 सांस्कृतिक स्थलों पर एक साथ योग सत्र आयोजित किए जाएंगे। बता दें कि मुख्य कार्यक्रम आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में होगा, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद योग सत्र का नेतृत्व करेंगे। उनके साथ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण भी शामिल होंगे।

भारतीय दूतावास ने आयोजित किया कार्यक्रम
बात अगर अमेरिका में इस दिवस ी धूम-धाम की करें तो, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले भारतीय दूतावास ने वाशिंगटन में योग सत्र का आयोजन किया। इस अवसर में भारी मात्रा में वहां लोग उपस्थित हुए और योग सत्र में हिस्सा लिया। 

‘स्वास्थ्य जीवन के लिए योग बहुआयामी तरीका’
वाशिंगटन में आयोजित योग दिवस के अवसर पर आनंद मार्ग योग एवं ध्यान केंद्र के आचार्य मधुवर्तानंद अवधूत ने योगा की विशेषता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहले योगी भगवान शिव थे, जो 7000 साल पहले इस धरती पर आए थे। आचार्य ने कहा कि योग के तीन अलग-अलग भाग हैं। योग आसन, योग दर्शन और योग साधना। उन्होंने कहा कि योग स्वस्थ जीवन जीने का एक बहुआयामी तरीका है। योग विश्व शांति ला सकता है और यह मानव समाज को एकजुट कर सकता है। 

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