इंदौर
रंगपंचमी पर इंदौर में निकली गेर से आसमान सतरंगी हो गया। जहां तक नजर पहुंची, वहां जमीन से लेकर आसमान तक उड़ते रंग-गुलाल नजर आए। लोगों का उत्साह चरम पर दिखा। जैसे-जैसे गेर आगे बढ़ी, लोगों का हुजूम बढ़ता गया।
गेर में करीब 5 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए। शहर की इस ऐतिहासिक गेर में कई लोग परिवार के साथ पहुंचे। 3 किलोमीटर से लंबी गेर निकलने का सिलसिला दोपहर 3 बजे के बाद भी चलता रहा। इधर शहर की कॉलोनियों और गली-मोहल्लों में भी लोगों ने एक-दूसरे को रंग लगाया। वहीं सराफा बाजार और गोपाल मंदिर के आसपास भी लोग रंग खेलते नजर आए।

गेर में शामिल लोगों पर रंग-गुलाल उड़ाया गया। वहीं लोग मस्त होकर नाचते-गाते रहे। दोस्तों के साथ बड़े-बुजुर्ग भी जगह-जगह डांस करते दिखे।
राजवाड़ा से गेर की एक्सक्लूसिव इमेज। यहां हजारों की संख्या में लोग रंगपंचमी खेलने के लिए इकट्ठा हुए। यहां से निकली 5 गेर के साथ लोगों की भीड़ भी बढ़ती गई।
रंगपंचमी पर दो साल बाद निकली रंगारंग गेर में इंदौरी रंग गए। चारों ओर रंगों की बौछार नजर आई। आसमान भी सतरंगी हो गया। लाखों लोगों का हुजूम ऐतिहासिक गेर का साक्षी बना और हर चेहरे पर रंगों का उल्लास नजर आया। एक अनुमान के मुताबिक करीब पांच लाख लोग इसमें शामिल हुए।
गेर में शामिल रही राधा-कृष्ण की झांकी
दरअसल कोरोना के कारण दो सालों से गेर नहीं निकल सकी। इस बार खूब रंग चढ़ा और इंदौर का हर कोना रंगों में रंगा नजर आया। सुबह करीब साढ़े दस बजे गेर निकलने की शुरुआत हुई। अलग-अलग जगह से अलग-अलग गेर निकली। सबसे आगे मोरल क्लब की गेर थी, जिसके बाद दूसरी गेर पीछे-पीछे चल रही थी। हिन्द रक्षक संगठन की फाग यात्रा भी इसमें शामिल थी। इसमें युवा भगवा ध्वज लेकर चल रहे थे। भारत माता की जय के नारे लगाते हुए लोग गेर में रंगों से रंगे हुए थे। मोरल क्लब की गेर में करीब दो दर्जन ट्रैक्टर, कंप्रेशर मशीन शामिल थी। मिसाइलों से रंग बरसाया जा रहा था। इस बार गेर में शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी गई।विज्ञापन
मिसाइलों और टैंकरों से उड़ा फाग यात्रा में रंग
करीब चार किमी के मार्ग में दो लाख के करीब लोग मौजूद रहे। इंदौर के अलावा देश के दूसरे शहरों से भी लोग गेर देखने पहुंचे। पांच सेक्टरों में गेर मार्ग को बांटा गया है। पुलिस-प्रशासन के अधिकारी इमारतों से इसकी निगरानी कर रहे हैं। करीब चार किमी के क्षेत्र में गेर घूमेगी और मिसाइलों से पानी फेंका जाएगा। कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि दो साल बाद निकल रही गेर को लेकर पुलिस-प्रशासन विशेष अलर्ट पर है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने विशेष इंतजाम किए गए हैं।
इस तरह गेर में उमड़ा लोगों का हुजूम – फोटो : सोशल मीडिया
पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र ने कहा कि सादे कपड़ों में भी पुलिस के जवान भीड़ में असामाजिक तत्वों पर नजर रख रहे हैं। इधर गेर में इस बार युवक-युवतियों व बच्चों में जबरदस्त उत्साह है। आपस में रंग गुलाल उड़ाते हुए चल रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल तैनात है। करीब चार हजार पुलिसकर्मी मोर्चा संभाल रहे हैं। नगर निगम के कर्मचारी भी तैनात हैं।विज्ञापन
कलेक्टर-पुलिस कमिश्नर ने इमारत से रखी गेर पर नजर – फोटो : सोशल मीडिया
रंगनाथ पहलवान डालते थे रंग
गेर के इतिहास की बात करें तो इसके साथ कई किस्से जुड़े हैं। शहर के प्रसिद्ध कवि सत्यनारायण सत्तन ने बताया कि पश्चिम क्षेत्र में गेर 1955-56 से निकलना शुरू हुई थी, लेकिन इससे पहले शहर के मल्हारगंज क्षेत्र में कुछ लोग खड़े हनुमान के मंदिर में फगुआ गाते थे। एक दूसरे को रंग और गुलाल लगात थे। 1955 में इसी क्षेत्र में रहने वाले रंगनाथ (रंगू) पहलवान एक बड़े से लोटे में केशरिया रंग घोलकर आने-जाने वाले लोगों पर रंग मारते थे। यहां से रंग पंचमी पर गेर निकलने का चलन शुरू हुआ। रंगू पहलवान अपनी दुकान के ओटले पर बैठा करते थे। वहां इस तरह गेर खेलने सार्वजनिक और भव्य पैमाने पर कैसे मनाएं चर्चा हुई। तब तय हुआ कि इलाके की टोरी कॉर्नर वाले चौराहे पर रंग घोलकर एक दूसरे पर डालेंगे और कहते हैं वहां से इसने भव्य रूप ले लिया।
इंदौर के राजवाड़ा पर उमड़ा हुजूम
होलकर राजघराने के लोग पंचमी के दिन बैलगाड़ियों में फूलों और रंग-गुलाल लेकर सड़क पर निकल पड़ते थे। रास्ते में उन्हें जो भी मिलता, उन्हें रंग लगा देते। इस परंपरा का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को साथ मिलकर त्योहार मनाना था। यही परंपरा साल दर साल आगे बढ़ती रही। करीब 300 साल से पंरपरा चली आ रही है।
दो साल बाद गेर निकलने का उत्साह इंदौरियों की भीड़ से लगाया जा सकता है।
दो साल तक ये उत्साह कोरोना के कारण दब गया था। इस बार युवक-युवतियां, महिलाएं-बच्चों में गेर को लेकर जबरदस्त उत्साह दिख रहा था। लोग टोलियों में रंग-गुलाल उड़ाते चल रहे थे। ढोल-ताशों और डीजे की धुन पर युवा नाच रहे थे। मोबाइल से सेल्फी लेकर स्टेटस अपडेट कर रहे थे। कई युवा फेसबुक पर लाइव भी कर रहे थे।
रसिया की गोल्डन जुबली गेर में 3 डीजे गाड़ियां, ट्रैक्टर ट्रॉली
रसिया कॉर्नर की गेर का 50वां यानी गोल्डन जुबली साल है। इस बार इसे यादगार बनाने के लिए 50 जरुरतमंद परिवारों को राशन की किट दी गई। युवाओं ने ब्लड डोनेट भी किया।
इस बार रसिया कॉर्नर गेर का गोल्डन जुबली साल है। गेर की शुरुआत ओल्ड राजमोहल्ला स्थित हरिराम मंदिर पर पूजन के बाद हुई। गेर में विशेष रूप से बैंड बाजे, ढोल ताशे, डीजे की 3 गाड़ियां, 10 ट्रैक्टर ट्रॉली पर ड्रम से पानी उड़ाते हुए हुरियारे चलते रहे। पानी की 5 टैंकरों पर 100 फीट तक केसरिया रंग की मार करने वाली मिसाइलें भी गेर में शामिल हुई। 500 युवा केसरिया हेलमेट पहनकर युवाओं को हेलमेट पहन गाड़ी चलाने का संदेश देते हुए निकले। गेर में शामिल सभी गाड़ियों पर हिंदू सनातन धर्म के प्रतीक बड़े-बड़े केसरिया ध्वज को शामिल किया गया।
मॉरल क्लब की गेर में मुंबई की ताशा पार्टी आकर्षण
मॉरल क्लब गेर का यह 49 वां साल है। यूनेस्को में गेर को शामिल करने की कवायद में कई आकर्षण के केंद्र रहे। 2 डीजे की गाड़ियां, 2 पानी के टैंकर, 30 से 35 गाड़ियां भी शामिल की गई।
मॉरल क्लब की गेर राजवाड़ा से सराफा के रास्ते से निकली। इस बार गेर को लेकर मॉरल क्लब ने भी जोरदार तैयारी की। गेर के लिए मुंबई से 70 लोगों की ताशा पार्टी बुलवाई। इसके अलावा 4 ब्लोअर मशीनों से अलग-अलग गाड़ियों से 60 फीट ऊपर तक गुलाल उड़ाया। 40 हजार लीटर के पानी टैंकर से 6 मिसाइल शामिल की गई। यूनेस्को में गेर का नाम शामिल हो इसके लिए खास प्रबंध किए गए।
निगम की गेर में पानी की बौछारें
नगर निगम की गेर में महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी शामिल हुए। इसमें पार्षद व भाजपा नेता भी ट्रैक्टर में बैठकर आगे बढ़ते दिखे। निगम की गेर में इस बार लोगों पर पानी की बौछारें डाली जा रही है। इस साल नगर निगम की गेर पहली बार नकाली गई। हर साल रसिया, टोरी कॉर्नर, रसिया कॉर्नर, हिंद रक्षक की गेर निकाली जाती है।
नगर निगम की गेर के पीछे पानी के टैंकर रहे। इसी से लोगों पर पानी की बौछार डाली गई। ये सिलसिला 3 किमी से लंबे पूरे गेर मार्ग पर जारी रहा।
हिंद रक्षक : रंगारंग गेर के बीच फाग यात्रा
रंगारंग गेर के बीच हिन्द रक्षक की फाग यात्रा निकाली। यह फाग यात्रा बद्रीनारायण मंदिर से शुरू हुई। यात्रा के शुरू होने के पूर्व भगवान राधाकृष्ण की आरती की गई। यात्रा में शामिल रथ को संगठन की युवा शक्ति खींचते हुए चली। फागयात्रा में शामिल महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक दस्ता भी तैनात रहा। यात्रा में सबसे आगे भगवा ध्वज वाहिनी शामिल हुई। फाग यात्रा में अबीर, गुलाल व टेसू के फूलों का ही प्रयोग किया गया। यात्रा में भजन मंडलियां राधा कृष्ण के भजन व फाग गीत गाते हुए चलीं।
यात्रा में सबसे आगे भगवा ध्वज वाहिनी रहीं। फाग यात्रा में अबीर, गुलाल व टेसू के फूलों का ही प्रयोग किया गया। यात्रा में भजन मंडलियां राधा कृष्ण के भजन व फाग गीत गाते हुए चलीं।
टोरी कॉर्नर की गेर में डुप्लीकेट अमिताभ
टोरी कॉर्नर रंग पंचमी महोत्सव समिति की गेर सबसे आगे चली। इसमें डुप्लीकेट अमिताभ बच्चन भी शामिल हुए। वे ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठकर सभी का अभिवादन करते हुए निकले। उनके साथ लोग सेल्फी लेते नजर आए। इस गेर में बोरिंग मशीन से 100 फीट ऊपर तक गुलाल उड़ाया गया। ब्लोअर से चमकीले रंगों की बौछार भी की गई। पानी के टैंकरों से 100 फीट तक रंगों की बौछार से गेर में लोगों का स्वागत किया गया। गेर में ढोल, बैंड, ट्रेक्टर, ट्राली, बैनर, 2 डीजे की गाड़ियां, तीन टैंकर भी शामिल हुए।
गेर में अमिताभ बच्चन के डुप्लीकेट भी पहुंचे। यहां महिलाएं और युवतियां उनके साथ सेल्फी लेती नजर आईं। जूनियर बिग बी टोरी कॉर्नर रंग पंचमी महोत्सव समिति की ओर से शामिल हुए। वे अभिनेता अमिताभ बच्चन के होली के गानों पर जमकर नाचे।
भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय भी गेर में शामिल हुए। वे दोपहर 1.30 बजे गेर का हिस्सा बने। उनके साथ विधायक रमेश मेंदोला भी शामिल थे। इससे एक दिन पहले शनिवार की रात को वे बजरबट्टू सम्मेलन में चाचा चौधरी बनकर आए थे।
तीन साल की मेहनत के बाद पुराने स्वरूप में आए राजवाड़ा को प्लास्टिक से ढंका गया है। इस पर रंगों का असर न हो इसलिए ऐसा किया गया है।
टोरी कॉर्नर गेर में मिसाइलों में रंग-गुलाल भरकर उड़ाया। इसमें एक बार में ही 50 किलोग्राम से ज्यादा गुलाल भरकर उड़ाया जाता है। ये रंग-गुलाल 100 मीटर दूर तक जाता है।
गेर में शामिल हुरियारे ढोल-ताशे और डीजे की धुनों पर नाचते चले। ये सभी गेर के आगे चलते रहे। इन सभी का जगह-जगह स्वागत भी किया गया।
गेर में लोग अपने परिवार के साथ डांस किया तो महिलाएं भी होली खेली।
हुड़दंगियों पर नकेल कसने के लिए शहर में जगह-जगह पुलिस के चेकिंग पॉइंट बने है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस फोर्स तैनात है।ड्रोन के जरिए भी निगरानी कर रही है।
कंट्रोल रूम से पुलिस गेर मार्ग के अलावा शहर के रास्तों पर नजर रखे हुए है। यहां से असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा रही है। कुछ भी हलचल होने या गलत होते दिखाई देने पर कंट्रोल रूम से ही मैदान में मौजूद पुलिसकर्मियों को अलर्ट किया जा रहा है।