वाशिंगटन। भारतीय मूल के दो अमेरिकी युवाओं आदर्श हीरमठ और सूर्या मिधा ( ने 22 वर्ष की आयु में इतिहास रच दिया है। दोनों ने अपने मित्र ब्रेंडन फूडी के साथ मिलकर शुरू किए गए एआई-आधारित भर्ती स्टार्टअप मेर्कर के माध्यम से दुनिया के सबसे कम उम्र के सेल्फमेड अरबपति बनने का गौरव हासिल किया है।
फोर्ब्स की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, मेर्कर ने पिछले सप्ताह 350 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब ₹2,900 करोड़) की नई फंडिंग प्राप्त की, जिससे कंपनी का मूल्यांकन 10 अरब डॉलर (लगभग ₹83,000 करोड़) तक पहुंच गया है। इस मूल्यांकन के बाद दोनों संस्थापकों की व्यक्तिगत संपत्ति अरबों डॉलर आंकी जा रही है।
मार्क जुकरबर्ग का रिकॉर्ड टूटा
इस उपलब्धि के साथ ही हीरमठ और मिधा ने मार्क जुकरबर्ग का 2008 का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जब फेसबुक संस्थापक 23 वर्ष की उम्र में अरबपति बने थे। अब ये दोनों 22 वर्ष की उम्र में दुनिया के सबसे युवा स्वनिर्मित अरबपति बन गए हैं। स्वनिर्मित अरबपति शब्द का अर्थ है कि व्यक्तिगत रूप से उनकी शुद्ध संपत्ति कम-से-कम एक अरब डॉलर हो गई हो।
दोनों एक ही स्कूल के साथी
हीरमठ और मिधा ने कैलिफोर्निया के बेलारमाइन कॉलेज प्रिपरेटरी स्कूल से शिक्षा प्राप्त की थी और दोनों एक ही डिबेट टीम में थे। हीरमठ ने बाद में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई शुरू की, लेकिन स्टार्टअप पर पूरा ध्यान देने के लिए पढ़ाई बीच में छोड़ दी। सूर्या मिधा के माता-पिता मूल रूप से नई दिल्ली के निवासी हैं और बाद में अमेरिका में बस गए।
कंपनी का मॉडल
मेर्कर एक एआई संचालित प्लेटफॉर्म है जो कंपनियों को फ्रीलांसरों और पेशेवरों से जोड़ने में मदद करता है। कंपनी का कहना है कि उसका एआई इंजन भर्ती की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और लागत प्रभावी बनाता है। कंपनी का दावा है कि उसका एआई इंजन पारंपरिक भर्ती एजेंसियों की तुलना में कई गुना तेज़ और सटीक है।

