
उज्जैन. निगम चुनाव में महापौर प्रत्याशी के परिणाम की घोषणा को लेकर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस ने चुनाव परिणामों में प्रशासन पर धांधली करने तथा रीकांउटिंग की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान कलेक्टर के साथ धक्कामुक्की हुई। कांग्रेसी अड़े थे कि ५५ वोटों से जीते गए लेकिन शासन ने दबाव में आकर हरा दिया । स्थिति यह रही कि कलेक्टर आशीषसिंह ने पहले ९२४ वोट से कांग्रेस प्रत्याशी को हारना बताया। इसके दो घंटे बाद हार का आंकड़ा ७३६ होकर भाजपा के मुकेश टटवाल को विजय घोषित कर दिया।
इंजीनियरिंग कॉलेज मे महापौर प्रत्याशियों की वोटों की गिनती सुबह से ही कश्मकश भरी रही। पहले राउंड में कांग्रेस महापौर प्रत्याशी ६०६ वोटों से आगे थे लेकिन बाद के सभी १० राउंड में भाजपा प्रत्याशी मुकेश टटवाल बढ़त बनाए हुए रखे। शाम ५ बजे के करीब प्रशासन की ओर से भजपा प्रत्याशी मुकेश टटवाल को ९२४ वोटों से विजयी घोषित कर दिया। इसी के बाद कांग्रेसी विरोध में उतर आए। कांग्रेसी के मुताबिक उनकी गिनती में वह ५५ वोटों जीत गए लेकिन प्रशासन ने धांधली कर भाजपा को जिताया। इसके बाद गुस्साएं कांग्रेसियों ने जमकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस प्रत्याशी महेश परमार ने आपत्ति जताते हुए प्रशासन पर भाजपा के दबाव में काम करने के आरोप लगाए, वहीं प्रमाण-पत्र लेने से इनकार कर दिया। बाद में कांग्रेस ने दोबारा से री-काउंटिंग की मांग की लेकिन कलेक्टर ने यह कहकर मना कर दिया सही आधार नहीं है। इस पर कांग्रेसी धरने पर बैठ गए। शाम तक प्रदर्शन चलता रहा। आखिरकार दो घंटे बाद कलेक्टर ने दोनों प्रत्याशियों को मतदान केंद्रों पर मिले वोटों की जानकारी देकर आपत्ति दर्ज कराने को कहा। कांग्रेस की ओर से आपत्ति भी दर्ज करवाई गई। इसके बाद कलेक्टर ने भाजपा प्रत्याशी मुकेश टटवाल को ७३६ वोटों से जीतने की घोषणा कर दी।
५४ में से ३७ भाजपा तो १७ कांग्रेस के पार्षद जीते
निगम चुनाव में भाजपा ने पार्षद पद पर खासी जीत दर्ज की। भाजपा के ३७ तो कांग्रेस के महज १७ पार्षद ही विजय हुए। निगम में अब भाजपा को बोर्ड बनना तय हो गया है। चुनाव में एक भी अन्य पार्टी और निर्दलीय पार्षदों ने जीत दर्ज नहीं की।
महापौर प्रत्याशी को इतने मिले वोट
मुकेश टटवाल (भाजपा)- १३४०९४
महेश परमार (कांग्रेस) – १३३३५८
नोटा- २२५५
जीत – ७३६ वोटों से