अमेरिका का हाथ सिर पर आते ही पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ अनाप-शनाप बयानबाजी करनी शुरू कर दी है। कभी पाकिस्तान के आर्मी चीफ अमेरिका में जाकर गीदड़भभकी देते हैं तो कभी सेना के पिट्ठू प्रधानमंत्री भारत के खिलाफ जहर उगलते हैं। लेकिन अब भारत ने आतंकियों के पनाहगाह पाकिस्तान को जमकर खरी-खरी सुनाई है। भारत ने साफ कह दिया है कि अगर पाकिस्तान अपनी बयानबाजी से बाज नहीं आता है तो इसका अंजाम बेहद दर्दनाक होगा।
पाकिस्तान की बयानबाजी पर गुरुवार को भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से कई सवाल पूछे गए। इन सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी नेतृत्व की तरफ से भारत के खिलाफ लगातार जारी युद्धोन्मादी टिप्पणियों की रिपोर्ट देखी है। पाकिस्तान बार-बार इस तरह की बयानबाजी अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए कर रहा है। यह पाकिस्तानी नेतृत्व की एक जानी-मानी कार्यप्रणाली है। पाकिस्तान को अपनी बयानबाजी पर संयम बरतने की सलाह दी जाती है, क्योंकि किसी भी दुस्साहस के दर्दनाक परिणाम होंगे। जैसा कि हाल ही में हुआ है।
अमेरिका की धरती से परमाणु जंग की धमकी
दरअसल, इन बयानबाजियों की शुरुआत पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने हाल ही में अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान की। अमेरिका की यात्रा पर पहुंचे मुनीर ने वहां एक होटल में पाकिस्तानियों को संबोधित किया। इस दौरान भावनाओं में बहते हुए मुनीर ने परमाणु युद्ध की धमकी दे डाली। पाकिस्तानी समुदाय को संबोधित करते हुए मुनीर ने कहा था कि उनके देश पर खतरा आने पर वह परमाणु युद्ध भी कर सकते हैं। PAK आर्मी चीफ के बयान को लेकर इसलिए भी सवाल उठने लगे, क्योंकि परमाणु जंग की धमकी वाला ये बयान असीम मुनीर ने अमेरिका की धरती पर दिया था। भारत के विदेश मंत्रालय ने मुनीर के इस बयान पर तब भी कड़ा विरोध दर्ज किया था और आज के बयान से भारत ने साफ कर दिया है भारत भी पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है।
शहबाज शरीफ ने भारत के खिलाफ उगला जहर
असीम मुनीर के बाद पाकिस्तान के कठपुतली प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी भारत के खिलाफ जहर उगला था। शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान के लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत को पाकिस्तान के पानी की एक भी बूंद नहीं छीनने दी जाएगी। पाकिस्तान में एक समारोह को संबोधित करते हुए शहबाज ने कहा था,’मैं आज दुश्मन को बताना चाहता हूं कि अगर आप हमारा पानी रोकने की धमकी देते हैं तो यह बात ध्यान में रखें कि आप पाकिस्तान के पानी की एक बूंद भी नहीं छीन सकते।’ एक दिन पहले पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी सिंधु जल समझौते के निलंबन को सिंधु घाटी सभ्यता पर हमला बताया था और चेतावनी दी थी कि अगर जंग के लिए मजबूर किया गया तो पाकिस्तान पीछे नहीं हटेगा। दरअसल, पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकी हमले के एक दिन बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई दंडात्मक कदम उठाए थे, जिनमें 1960 की सिंधु जल संधि को स्थगित करना भी शामिल था।

