अग्नि आलोक

*यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे की राख के विनष्टीकरण की जानकारी देने PCB को मोहलत, अब 17 सितंबर को सुनवाई*

Share

यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे विनष्टीकरण की राख के संबंध में जानकारी प्रस्तुत करने के लिए मध्य प्रदेश राज्य प्रदूषण बोर्ड ने हाईकोर्ट से समय प्रदान करने का आग्रह किया। हाईकोर्ट जस्टिस अतुल श्रीधरन व जस्टिस अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ आग्रह को स्वीकार करते हुए याचिका पर अगली सुनवाई 17 सितम्बर को निर्धारित की है।यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे की राख से जुड़ी जानकारी पेश करने के लिए मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हाईकोर्ट से समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर अगली सुनवाई 17 सितंबर तय की। कोर्ट ने विशेषज्ञ समिति से मर्करी और हैवी मेटल्स पर ठोस जवाब मांगा है। 

गौरतलब है कि साल 2004 में आलोक प्रताप सिंह ने यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के विनष्टीकरण की मांग करते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता की मृत्यु के बाद हाईकोर्ट मामले की सुनवाई संज्ञान याचिका के रूप में कर रही थी। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान राज्य शासन की तरफ से पेश रिपोर्ट में बताया गया था कि यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का विनष्टीकरण सफलतापूर्वक पीथमपुर स्थित सुविधा केंद्र में कर दिया गया है। केंद्रीय व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में जहरीले कचरे का  विनष्टीकरण किया गया है। जहरीले कचरे से 850 मीट्रिक टन राख व अवशेष एकत्रित हुआ है। एमपीपीसीबी से सीटीओ मिलने के बाद अलग लैंडफिल सेल में उसे नष्ट किया जाएगा। कोर्ट ने उक्त रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लेते हुए अपने आदेश में एक्सपर्ट कमेटी के सदस्यों को उपस्थित रहने आदेश जारी किए थे।

इस दौरान हाईकोर्ट में एक अन्य जनहित याचिका दायर की गई थी। इसमें कहा गया था कि यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे की राख में रेडियो एक्टिव पदार्थ सक्रिय है, जो चिंता का विषय है। इसके अलावा रखा में मरकरी है, जिसे नष्ट करने की तकनीक सिर्फ जपान व जर्मनी के पास है। हाईकोर्ट ने इस मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद मूल मामले के साथ सुनवाई के आदेश दिए थे।

पिछली सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने हाईकोर्ट में उपस्थित एक्सपर्ट कमेटी की सदस्यों से यूनियन कार्बाइड के जहरीला कचरा की राख में हैवी मेटल व मर्करी के संबंध में सवाल किए गए थे। इसके अलावा घनी आबादी वाले क्षेत्र के पास कचरे के विनष्टीकरण की साइड का चयन के संबंध में भी सवाल किए गए थे। युगलपीठ ने एक्सपर्ट कमेटी के सदस्यों के जवाब पर असंतुष्टि जाहिर करते हुए अगली सुनवाई के दौरान तर्कपूर्ण जवाब पेश करने के आदेश जारी किए थे। याचिका पर गुरुवार को आग्रह को स्वीकार करते हुए मप्र-पीबीसी को समय प्रदान किया।   

Exit mobile version