*25वां शहीद किसान स्मृति सम्मेलन हजारों किसानों की भागीदारी के साथ संपन्न
सम्मेलन में मुलतापी घोषणा पत्र 2023 पारित*
*
*अडानी अंबानी की संपत्ति का अधिग्रहण करने की मांग*
किसान संघर्ष समिति द्वारा आयोजित 25वां शहीद किसान स्मृति सम्मेलन एवं 301वीं किसान महापंचायत मुलतापी के ताप्ती लॉन भवन में प्रेमचंद मालवीय की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के तौर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कृष्णा मोदी और मुख्य अतिथि संयुक्त किसान मोर्चा के नेता राकेश टिकैत मौजूद रहे।
श्रीटिकैत ने कहा मुलताई में 1998 में हुए किसान आंदोलन ने एक ऐतिहासिक आंदोलन के बतौर पूरे देश में अपनी पहचान बनाई है। बंजर जमीन में फसल उगाना और सोई हुई जमीन में आंदोलन खड़ा करना बड़ी बात है। श्रीटिकैत ने अपने उद्बोधन में किसी संगठन का नाम लिए बिना अप्रत्यक्ष रुप से कटाक्ष करते हुए कहा कि केंद्र सरकार का हेड क्वार्टर नागपुर में है। जहां जातियों को कैसे लड़ाया जाए,लोगों को कैसे लड़ा जाए यह सिखाया जाता है। केंद्र की षड्यंत्रकारी सरकार ने किसानों की जमीन छीनने के लिए कृषि कानून लाया था। मंडियों की जमीन बेचने का पहला प्रयास मध्यप्रदेश में किया गया था। सरकार के विचारधारा के लोगों को बसाने की योजना थी। बिहार में किसानों की जमीन छीन कर मजदूर बनने के लिए मजबूर कर दिया गया है।
श्रीटिकैत ने कहा केंद्र सरकार ने अडानी को फंड दे दिया है और अडानी इस फंड से पूरे देश में प्रापर्टी खरीद रहा है।
सम्मेलन शुरू होने के पहले संयुक्त किसान मोर्चा के नेता राकेश टिकैत एवं हजारों किसानों ने परमंडल में शहीद किसान स्तंभ तथा शहीद मनोज चौरे की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
वे किसानों की मोटरसाइकिल रैली के साथ किसान स्तंभ, मुलतापी पहुंचे। जहां मुलतापी के नागरिकों एवं विभिन्न संगठनों के साथ उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित की तत्पश्चात ताप्ती जी के दर्शन कर गुरूद्वारा में मत्था टेका।
सम्मेलन में राकेश टिकैत द्वारा शहीद किसानो के परिवारजनों को शाल श्रीफल से सम्मानित किया गया तथा विद्या मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से 24 प्रतिभावान छात्राओं को पुरस्कृत राकेश टिकैत द्वारा किया गया।
सम्मेलन में जिला अध्यक्ष जगदीश दोड़के ने स्वागत भाषण दिया। लोकगायक शेष राव सूर्यवंशी ने वह आला गाया जिसको लेकर उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
सम्मेलन में 59 सूत्रीय मुलतापी घोषणा पत्र 4 घंटे चली बहस के बाद हाथ खड़े कर पारित किया गया। सम्मेलन के कुल खर्चे का आय व्यय का लेखा जोखा कृष्णा ठाकरे द्वारा प्रस्तुत किया गया।
शहीद किसानों की 25 वीं बरसी के अवसर पर बोलते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आज तक शहीद किसानों के लिए 1 इंच भी जमीन आवंटित नहीं किया जाना सरकारों की किसान विरोधी नीतियों को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मुझे यह जानकर आश्चर्य हुआ कि कांग्रेस और भाजपा पार्टी के द्वारा शहीदों को आजतक श्रद्धांजलि नहीं दी गई। उन्होंने दोनों पार्टियों के नेताओं और सरकार से पूछा कि वे कौन थे जिन्हें पुलिस ने 12 जनवरी 1998 को गोली मारी थी?
राकेश टिकैत ने डॉ सुनीलम सहित 3 किसानों को न्यायालय द्वारा सजा दिलाने के फैसले को अन्यायपूर्ण बताते हुए सरकार से दोषियों को सजा दिलाने की मांग की और सरकार से डॉ सुनीलम एवं अन्य किसानों की सजा रद्द करने की मांग की।
राकेश टिकैत ने कहा सरकारें किसानों की जमीनें छीनकर उन्हें कॉर्पोरेट को सौंपने की साजिश कर रही हैं। उन्होंने देश के किसानों से कृषि भूमि के अधिग्रहण के खिलाफ निर्णायक संघर्ष छेड़ने की अपील की।
राकेश टिकैत ने किसानों और उपस्थित बच्चों को घर में नशाबंदी करने का फॉर्मूला भी बताया। उन्होंने कहा कि घर में यदि 100 रुपए की शराब कोई सदस्य पीता है तो उसे घर के सभी सदस्यों को 100 रुपए देने होंगे। उन्होंने कहा इतना बोझ वह नहीं उठा पाएगा और धीरे धीरे नशा करना बंद कर देगा।
उन्होंने किसानों से यह भी कहा कि वे घर में जन्मदिन पेड़ लगाकर मनाएं। इससे पर्यावरण भी बचेगा और याद भी बनी रहेगी।
किसान नेता ने कहा कि हर समस्या का हल संघर्ष में निहित है। उन्होंने कहा यदि संघर्ष नहीं किया तो किसान ,किसानी और गांव कुछ भी नहीं बचेगा।
शहीद किसान स्मृति सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ सुनीलम ने कहा कि राकेश टिकैत के साथ मुलताई के किसानों का खानदानी संबंध है और महात्मा टिकैत से लेकर राकेश टिकैत तक ने इस संबंध को निभाया है। गोली चालन के बाद महात्मा टिकैत सैकड़ों किसानों के साथ मुलताई आए थे और उन्होंने सरकार को चुनौती दी थी।
मुलताई के किसानों पर लादे गए फर्जी मुकदमों में सजा होने के बाद राकेश टिकैत मुझसे मिलने बैतूल जेल पहुंचे थे।
डॉ सुनीलम ने कहा कि आज मुलतापी घोषणा पत्र 2023 में जो प्रस्ताव पारित किए गए हैं, उन्हें सरकारों से लागू कराने के लिए किसान संघर्ष समिति पूरी ताकत के साथ संघर्ष करेगी।
उन्होंने कहा कि जिस तरह पहली बार मुलताई के किसानों ने फसल बीमा का मुद्दा उठाकर देशभर में लागू कराया था, उसी तरह आज प्रदेश भर से आए किसानों ने यह संकल्प लिया है कि हम एमएसपी की कानूनी गारंटी केंद्र सरकार से लागू कराकर रहेंगे। डॉ सुनीलम ने कहा कि जितने भी कानून बने या हटे सब कुछ जन आंदोलन के माध्यम से ही हुआ है।
सम्मेलन में छिंदवाड़ा के युवा किसान नेता राकेश वर्मा की संदिग्ध हत्या बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई।
मुलतापी घोषणा पत्र 2023 का प्रस्ताव किसंस की उपाध्यक्ष एड आराधना भार्गव, कटनी से किसंस के उपाध्यक्ष डॉ एके खान, किसंस के संयोजक रामस्वरूप मंत्री, विश्वजीत रतौनिया,अनिल सोनी और एड विनोद सिंह ने रखा
प्रस्ताव का समर्थन अ भा किसान सभा के रामनारायण कुरेरिया, भारतीय किसान श्रमिक जनशक्ति यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप ठाकुर, सम्मेलन में भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव, औरंगाबाद से एस एम जोशी फाउंडेशन के सुभाष लोमटे, नागपुर से सामाजिक कार्यकर्ता विलासराव भोंगाड़े , छत्तीसगढ़ के किसान नेता पलविंदर सिंह पन्नू , दिल्ली से सामाजिक कार्यकर्ता शशि भूषण, सरोज पासवान, धर्मेंद्र, ललित, मुस्कान, प्रभा, भारतीय किसान एवं मजदूर सेना के प्रदेश अध्यक्ष बबलू जाधव, इंदौर से शैलेश पटेल, लाखनसिंह डाबी, सोहन यादव, एआईकेकेएमएस के महेंद्र नायक, कटनी से देवी दिन गुप्ता, किसंस के संयोजक इंद्रजीत सिंह शंखू, निसार आलम अंसारी, किसंस के प्रदेश सचिव लीलाधर चौधरी, डॉ राजकुमार सनोडिया, श्री राम सेन, राजेश बैरागी जी, किसंस के जिलाध्यक्ष रामकुमार सनोडिया, अभिनय श्रीवास, ललीत मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा, मनोज कोल, इंद्रसेन निमोनकर, शत्रुघन यादव, छिंदवाड़ा से सज्जे पटेल, बलराम पटेल, सतीश जैन, श्रीकांत वैष्णव,भोपाल से सुरेश पाटीदार, सुहास मल्होत्रा, शैलेश यादव, शिवशंकर राठौर, सिवनी से मोनू राय ने किया । सम्मेलन में किसान संगठनों, जन संगठनों के हजारों प्रतिनिधि शामिल हुए।
सम्मेलन में श्रमिक नेता कृष्णा मोदी,भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव,अखिल भारतीय किसान सभा के रामनारायण कुरेरिया,भारतीय किसान मजदूर सेना के प्रदेश अध्यक्ष बबलू जाधव,किसान संघर्ष समिति की प्रदेश अध्यक्ष आराधना भार्गव, जिलाध्यक्ष जगदीश दौड़के,राजकुमार सनोडिया,डॉ एके खान,इंद्रजीतसिंह शन्खू रामस्वरूप मंत्री सहित देशभर से आए किसान मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखते हुए किसान और मजदूरों की समस्या के लिए एकजुट होकर कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई।
सम्मेलन का समापन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, वरिष्ठ श्रमिक नेता कृष्णा मोदी ने किया और किसानों मजदूरों से निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार रहने की अपील की।
*परमंडल और किसान स्तंभ के पास हुआ श्रद्धांजलि कार्यक्रम*
शहीद किसान सम्मेलन के पूर्व किसान नेता राकेश टिकैत,पूर्व विधायक डॉ सुनीलम सहित संगठनों के प्रतिनिधियों ने गुरुवार सुबह ग्राम परमंडल पहुंचकर ग्राम में बने शहीद किसान स्तंभ पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीद सैनिक मनोज चौरे की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया। उसके उपरांत ग्राम परमंडल से बाइक रैली निकालकर बस स्टैंड के सामने किसान स्तंभ पर पहुंचे। जहां शहीद किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उसके उपरांत श्रीटिकैत ने नगर के गुरुद्वारे में पहुंचकर अरदास की साथ ही ताप्ती मंदिर में भी दर्शन किए।

राकेश टिकैत को इंदौर आगमन का भी आमंत्रण दिया
मूलताई में किसान संघर्ष के 25 साल पूरे होने पर शहीद किसान स्मृति सम्मेलन में आए संयुक्त किसान मोर्चा के नेता चौधरी राकेश सिंह टिकैत से इंदौर के किसान नेताओं की मुलाकात हुई रामस्वरूप मंत्री ,बबलू जाधव शैलेंद्र पटेल, सोहन यादव, लाखन सिंह डाबी आदि ने राकेश टिकैत को इंदौर आगमन का भी आमंत्रण दिया उनसे इंदौर के संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने मुलाकात की इस अवसर पर इंदौर से प्रकाशित एग्रो इंडिया के संपादक रामस्वरूप मंत्री ने उन्हें एग्रो इंडिया का नया अंक भी भेंट किया