नई दिल्ली
‘हम लोग संडे को प्रेयर कर रहे थे। तभी बाहर कुछ शोर हुआ। मैंने एक साथी से कहा कि बाहर जाकर देखो। अचानक, 15-20 अनजान लोग अंदर घुस आए। वे ‘जय श्रीराम’ के नारे लगा रहे थे। कहने लगे कि हमारा देश हिंदू राष्ट्र है, यहां ये सब नहीं चलेगा। इसके बाद कुछ लड़कों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी और हमें पीटने लगे। बाइबिल भी फाड़ दी।’
पास्टर सतपाल भाटी ये कहानी सुनाते हुए दुख और गुस्से में नजर आते हैं। 20 अगस्त की सुबह दिल्ली के ताहिरपुर गांव में पास्टर सतपाल के घर पर एक भीड़ ने हमला कर दिया था। ताहिरपुर गांव दिलशाद गार्डन इलाके में आता है। आरोप है कि हमला करने वाले विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और BJP से जुड़े हैं।
पास्टर सतपाल भाटी के घर में घुसे लोगों ने प्रेयर हाउस में रखा सामान तोड़ दिया था। हमले के वक्त घर में प्रेयर के लिए लोग जुटे थे।
दैनिक भास्कर इस मामले की पड़ताल करने ताहिरपुर पहुंचा। हमारी मुलाक़ात वहां सतपाल भाटी के अलावा आसपास के लोगों से हुई। हमने आरोपियों से भी बात की। छानबीन में तीन अलग-अलग बातें निकलीं…
- हिंदू पक्ष का आरोप है कि पास्टर सतपाल के घर में धर्मांतरण कराया जाता है।
- सतपाल भाटी का आरोप है कि हिंदूवादी संगठनों ने 20 अगस्त की सुबह प्रेयर के दौरान हमला किया।
- आसपास के लोगों ने बताया कि हमले में VHP या बजरंग दल के लोग शामिल नहीं थे। हमलावर मोहल्ले के ही कुछ लोग हैं।
पहले जान लीजिए, 20 अगस्त को क्या हुआ था…
ताहिरपुर गांव में घुसते ही एक संकरी गली है। इसी में सतपाल भाटी का घर है। पहली मंजिल पर किराएदार रहते हैं। सतपाल पत्नी के साथ दूसरी मंजिल पर रहते हैं। वे 13 साल पहले नोएडा से दिल्ली रहने आए थे, तब ये घर लिया था।
दिलशाद गार्डन के ताहिरपुर में पास्टर सतपाल भाटी का घर, इसी के ग्राउंड फ्लोर पर उन्होंने प्रेयर हाउस बनाया है।
सतपाल बताते हैं, ‘घर खरीदते वक्त मैंने पहली शर्त यही रखी थी कि ग्राउंड फ्लोर पर प्रेयर हाउस बनाएंगे। 10 साल से मैं प्रेयर हाउस चला रहा हूं। आसपास के कई परिवार मुझसे जुड़े और अब हर संडे को सब मिलकर प्रेयर करते हैं।’
20 अगस्त, रविवार की सुबह करीब 10:40 बजे 30-35 लोग इसी जगह प्रेयर कर रहे थे। सतपाल बताते हैं, ‘प्रेयर के बीच में ही भीड़ प्रेयर हाउस में घुस आई। उनके पास माइक और ट्रॉली वाला स्पीकर था। उन लोगों ने बिना कुछ पूछे या बात किए हमला कर दिया। यीशू मसीह की फोटो तोड़ दी। हमारे म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट ड्रम, ढोलक और कांगो तोड़ दिए। कुर्सियां तोड़ दीं।’
हमारी तरफ से कुछ लड़कों ने उनसे बात करने की कोशिश की, तो वे मारपीट करने लगे। हमारे साथियों पायल, पुष्पा, एलिस, अभिषेक और जॉनी को चोटें भी आईं। ये सब करीब 10 मिनट तक चला। 4 दिन हो गए, लेकिन महिलाएं और बच्चे अब तक डरे हुए हैं।’
सतपाल आगे कहते हैं, ‘उन लोगों ने भगवा रंग के कपड़े पहने थे और गमछा ओढ़ा हुआ था। कुछ के सिर के पीछे चोटी थी।’
वो हमारे हाथों में कलावा बांधने लगे, बोले- अब ये हिंदू राष्ट्र है
हमले के वक्त शिवम भी प्रार्थना गृह में थे। ई-कॉमर्स कंपनी में काम करने वाले शिवम पहले ताहिरपुर में ही रहते थे। दो महीने पहले परिवार के साथ रोहिणी शिफ्ट हो गए। शिवम बताते हैं, ‘कुछ लोग आए और हमारे हाथ में जबरदस्ती कलावा बांधने लगे। उन्होंने कहा कि देश का कानून बदल गया है। अब ये हिंदू राष्ट्र है।’
शिवम ने आगे बताया, ‘उनके हाथ में लाठी थी। एक शख्स ने चाकू से हमारे सभी म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट फाड़ दिए। महिलाओं को मारा। मेरी बहन के हाथ में चोट लगी, तो मैंने लड़कियों को प्रेयर हाउस से निकालने की कोशिश की, लेकिन वे लोग दरवाजा घेरकर खड़े थे।’
मैं और मेरा साथी जॉनी उन्हें धक्का देकर जीटीबी एनक्लेव थाने पहुंचे। वहां से पुलिसवालों को लेकर आए। तब तक भीड़ चली गई थी।’
सतपाल के घर में मेलिस भी बेटे के साथ किराए पर रहती हैं। वे कहती हैं, ‘भीड़ अचानक अंदर घुस आई। हमारे पास इतना समय भी नहीं था कि मोबाइल पर कुछ रिकॉर्ड कर लेते।’
सतपाल भाटी ने इस मामले में जीटीबी एनक्लेव थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है।
सतपाल के मकान के बाहर ‘प्रेयर हाउस’ लिखा है। वे बताते हैं, ‘लोगों को पता है कि यहां यीशु मसीह से जुड़ी प्रेयर होती है। हमारे यहां प्रार्थना में हिस्सा लेने के लिए द्वारका, विकासपुरी या रोहिणी से लोग आते हैं। ये सभी कई साल से मुझसे जुड़े हैं। ताहिरपुर गांव के लोग यहां नहीं आते। वे दूसरे पास्टर श्रीराम पाल के यहां जाते हैं। श्रीराम का घर भी ताहिरपुर में ही है।’
पास्टर सतपाल भाटी के घर पर प्रेयर हाउस की प्लेट लगी है। उनके मुताबिक, ये प्लेट 13 साल से लगी है।
हम लोग कलावा बांध रहे थे, उन्होंने हमला कर दिया…
सतपाल के बाद हमने प्रेयर हाउस में घुसने वाली भीड़ में शामिल लोगों से बात की। इनमें से एक ऋषि पासवान पहले सतपाल भाटी के किराएदार थे। ऋषि कहते हैं, ‘रक्षाबंधन से पहले RSS के स्वयंसेवक आसपास के लोगों को कलावा बांधते हैं। हम लोग कलावा ही बांध रहे थे।’
‘हम उनकी गली के बाहर पहुंचे। कुछ लोग वहां खड़े थे। हमें नहीं पता था वे ईसाई हैं। हमने उन्हें कलावा बांधना चाहा, तो उन्होंने मना कर दिया। हमने कहा कि हिंदू धर्म के लिए इसे बांध लो, लेकिन वे अड़े रहे। दोनों गुटों के बीच हाथापाई और धक्का-मुक्की होने लगी। ये देखकर हमारे साथी भी आ गए। दूसरे पक्ष के लोगों ने हमें देख लेने की धमकी दी। इससे मामला बढ़ गया।’
ताहिरपुर में धर्म जागरण मंच और RSS के कार्यकर्ता ‘रक्षासूत्र’ अभियान चला रहे हैं। ये अभियान रक्षाबंधन से पहले एक हफ्ते तक चलता है।
दिल्ली बीजेपी में झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के संयोजक आनंद मिश्रा भी इस भीड़ का हिस्सा थे। आनंद मिश्रा कहते हैं, ‘हमें पता है कि ताहिरपुर में ईसाई मिशनरी हिंदुओं का धर्म परिवर्तन करवा रही है। ये लोग धर्म के नाम पर सौदा करते हैं। प्रेयर हाउस में धर्म परिवर्तन हो रहा था।’
हमने पूछा कि आपको धर्म परिवर्तन की जानकारी कैसे मिली? आनंद कहते हैं, ‘पिछले 5 साल से ये लोग ताहिरपुर में हर रविवार प्रेयर के नाम पर लोगों को जमा करते हैं। बहुत लोगों ने उनके बहकावे में आकर धर्म बदल लिया है। ये लोग गरीबों को टारगेट करते हैं।’
क्या किसी ने आपसे धर्म परिवर्तन कराने की शिकायत की थी? आनंद कहते हैं, ‘नहीं, लेकिन छोटी जगहों पर ये सब छुपता नहीं है। पता चल जाता है कि कहां धर्म परिवर्तन चल रहा है। हमारा छोटा सा गांव है। यहां सब एक-दूसरे के परिवार से जुड़े हैं। इसलिए शिकायत करने की जरूरत ही नहीं पड़ती।’
हमने ताहिरपुर की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी राजेंद्र सिंह से बात की। वे RSS से जुड़े हैं। राजेंद्र कहते हैं, ‘पता चला था कि उस घर में 15-20 लोग बैठे हैं और पता नहीं क्या प्रेयर कर रहे हैं। इनमें 4-5 लोग ताहिरपुर गांव के बाहर से आए हैं।’
‘लोगों ने ये बात हिंदू संगठनों को बताई। उनके 6 कार्यकर्ता मौके पर आ गए। इसके जवाब में ईसाइयों ने चर्च में फोन कर दिया और अपने लोग बुला लिए। उन्होंने RSS के लोगों पर हमला कर दिया। कुछ कार्यकर्ता घायल भी हुए।’
इस मामले में नंद किशोर, राधे हिंदू और पंकज हरि समेत 5 लोगों के नाम सामने आ रहे हैं। पुलिस ने ताहिरपुर के नंद किशोर पाल को अरेस्ट किया है।
जीटीबी एनक्लेव थाने के SHO लव अत्री ने भास्कर को बताया, ‘नंद किशोर को आईपीसी की धारा 452 के तहत गिरफ्तार किया गया है। उस पर किसी के घर में बिना इजाजत घुसने और हमला करने का आरोप है। गली में लगे CCTV फुटेज से इसकी पुष्टि हुई है। सतपाल भाटी ने भी CCTV फुटेज से नंद किशोर को पहचाना है। बाकी आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगाई गई हैं।’
SHO लव अत्री के मुताबिक, नंद किशोर, राधे हिंदू या किसी और आरोपी के खिलाफ पहले से कोई केस नहीं है।
प्रेयर हाउस में मौजूद लोगों ने फोटो-वीडियो से 5 लोगों को पहचाना
नंद किशोर की गिरफ्तारी के बाद हिंदू संगठनों ने 22 अगस्त, मंगलवार को जीटीबी एनक्लेव थाने के बाहर प्रदर्शन किया। भीड़ ने पुलिस अफसरों को घेरकर हनुमान चालीसा का पाठ किया।पुलिस की कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए लोगों ने मंगलवार, 22 अगस्त को जीटीबी एनक्लेव थाने के बाहर प्रदर्शन किया।
हमने प्रदर्शन के कुछ फोटो-वीडियो और गलियों में लगे पोस्टर प्रेयर हाउस में मौजूद लोगों को दिखाए। उन्होंने 5 लोगों को पहचाना और दावा किया कि ये उस दिन हमला करने वाली भीड़ के साथ थे। इनमें तीन लोग नंद किशोर पाल, राधे हिंदू और पंकज हरि हैं। बाकी 2 लोग बाहरी हैं।
हमने दोनों की फोटो RSS, VHP और बजरंग दल से जुड़े लोगों को भेजीं। उन्होंने भी इन्हें पहचानने से इनकार कर दिया।
प्रेयर हाउस में मौजूद रहे लोगों ने हमलावर भीड़ से इन दो लोगों की पहचान की है। दोनों थाने के सामने प्रोटेस्ट में भी शामिल थे। पुलिस इनका पता लगा रही है।
ताहिरपुर में आरोपियों के पोस्टर लगे
राधे हिंदू और पंकज हरि का नाम सामने आने के बाद हमने दोनों से संपर्क किया। ताहिरपुर में जगह- जगह नंद किशोर पाल और राधे हिंदू के पोस्टर लगे हैं। दोनों ताहिरपुर में धार्मिक कार्यक्रम करवाते रहते हैं। ये कार्यक्रम संस्कृति रक्षा समिति के बैनर तले होते हैं। यहां के शिव शक्ति मंदिर में हर मंगलवार लोगों को हनुमान चालीसा पढ़ने के लिए बुलाया जाता है।
ताहिरपुर में नंद किशोर पाल और राधे हिंदू के नाम से पोस्टर लगे हैं। पोस्टर में ताहिरपुर को हिंदू गांव लिखा गया है।
आरोपी 1 : राधेश्याम उर्फ राधे हिंदू
राधेश्याम उर्फ राधे हिंदू का घर ताहिरपुर में ही है। वे बिजनेस करते हैं। फिलहाल उनका फोन स्विच ऑफ है। हम उनके घर पहुंचे, तो उनके पिता ने दरवाजा खोला। अंदर से ही कहा, ‘राधे काम के सिलसिले में यूपी गया है। उसका परिवार भी गया है। वे लोग सोमवार को ही निकल गए थे।’ इतना कहकर पिता ने दरवाजा बंद कर दिया।
आरोपी 2: नंद किशोर पाल
राधेश्याम के घर से कुछ दूर नंद किशोर पाल का घर है। नंद किशोर दिलशाद गार्डन में BJP ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष हैं। वे RSS से जुड़े हैं और ताहिरपुर गांव में RSS के कार्यक्रम करवाते रहे हैं। हम नंदकिशोर के घर गए, तो उनकी पत्नी मिलीं। वे कैमरे के सामने नहीं आईं, पर बताया कि नंद किशोर का पहले कारोबार था, कोविड के बाद बंद हो गया। तब से वे प्राइवेट नौकरी कर रहे हैं।
ताहिरपुर में नंदकिशोर पाल के ये पोस्टर भी लगे हैं, इसमें उन्हें भाजपा का दिलशाद नगर ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष बताया गया है।
वे आगे बात करतीं, तब तक उनके बेटे के पास पंकज हरि का कॉल आ गया। पंकज ने नंद किशोर की पत्नी से कहा कि वो किसी से बात न करें। इसके बाद हमने नंद किशोर के भाई तेजवीर से बात की। वे कहते हैं ‘नंदकिशोर हार्ट पेशेंट हैं। राजीव गांधी हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा है। RSS से उनका कोई ताल्लुक नहीं है।’
क्या नंद किशोर को झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है? तेजवीर कहते हैं, ‘घर के सामने पार्क में रविवार को RSS वालों का कार्यक्रम था। नंद किशोर वहीं चले गए थे। इसी चक्कर में पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।’
स्पीकर बजाने से रोका, इसी पर बहस हो गई…
छानबीन में सामने आया कि पंकज हरि RSS के जिला प्रचारक हैं। हालांकि बातचीत में उन्होंने खुद को सोशल वर्कर बताया। पंकज कहते हैं, ‘हम रक्षाबंधन से पहले रक्षासूत्र अभियान चला रहे हैं। हमारे पास माइक और स्पीकर होता है, जिस पर हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं।’
‘उस दिन हम राजीव गांधी हॉस्पिटल के सामने वाली गली में पहुंचे। यहीं सतपाल भाटी का मकान है। वहां से 2 लड़के बाहर आए और कहने लगे कि तेज गाने मत बजाओ। हम अंदर यीशु मसीह की प्रेयर कर रहे है। मैंने कहा कि हम भी तो भगवान का नाम ले रहे हैं। इसी पर हमारी उनसे बहस हो गई।’
पंकज आगे बताते हैं, ‘नंद किशोर हमारे साथ था, लेकिन वो पीछे खड़ा था। उसने बहस भी नहीं की थी। उसे गलत फंसाया जा रहा है। पुलिस ने बस इतना बताया कि ईसाइयों के कार्यक्रम में बाधा डालने के लिए नंद किशोर को ले जा रही है।’
ताहिरपुर में कनवर्जन का आरोप कितना सही…
धर्मांतरण के आरोपों पर हमने ताहिरपुर के लोगों से बात की। सबसे पहले प्रेयर हाउस के बगल में मेडिकल स्टोर पर गए। चंद्रशेखर इसके मालिक हैं और 8 साल से ताहिरपुर में दुकान चला रहे हैं। वे कहते हैं, ‘सतपाल अच्छे आदमी हैं। इधर-उधर कम जाते हैं और काम की ही बात करते हैं।’
इसके बाद हम श्रीराम पाल से मिले। वे जन्म से ताहिरपुर में ही हैं। उन्होंने 15 साल पहले यीशु मसीह की प्रेयर शुरू की थी और अब पास्टर हैं। उन्होंने और उनकी पत्नी ने नाम नहीं बदला। दोनों के हिंदू नाम हैं।
श्रीराम बताते हैं, ‘हमने सुना था कि स्पीकर पर नारे लग रहे हैं। वे अपने गीत गा रहे थे। सड़क पर लोगों को कलावा बांध रहे थे, लेकिन मैं घर से बाहर नहीं निकला।’
क्या राधे हिंदू या नंद किशोर ईसाइयों को निशाना बना रहे हैं? श्रीराम कहते हैं, ‘ये लोग बिना सबूत बोलते हैं कि हम धर्म परिवर्तन करा रहे हैं। ताहिरपुर में कभी ऐसी घटना नहीं हुई। पिछले 2 महीने से ये लोग हिंदू धर्म का प्रचार करने के लिए गली-गली में पंचायत करते हैं। हमारे घर के बाहर जमा होकर ‘जय श्री राम’ का नारा लगाते हैं। हमें उकसाने की कोशिशें करते हैं। देश में ईसाई और मुसलमानों को लेकर जो माहौल है, उसने ऐसे लोगों को बढ़ावा दिया है। ‘
ताहिरपुर में रहने वाली शीला पाल कहती हैं, ‘हमने अपनी आस्था से यीशु मसीह को अपनाया है। किसी ने जबरदस्ती नहीं की। मेरे पति को शराब की लत थी। वे बीमार रहते थे। प्रेयर करने से हमें फायदा हुआ। मैंने अपना नाम या धर्म नहीं बदला है। बस मेरा विश्वास यीशु मसीह पर है।’

