‘नफरत छोड़ो, संविधान बचाओ’ अभियान यात्रा के तहत आप सब छिंदवाड़ा के किसान, मजदूर, मछुआरे एड.आराधना भार्गव के साथ डॉ सुनीलम की प्रेरणा और मार्गदर्शन मे स्थानीय किसान नेताओं के साथ पदयात्रा कर रहे हैं, वह बहुत ही अहम है। निश्चित ही आपने समाज में एकता और एकजुटता की भावना को एक प्रकार से बोया होगा जिसकी फसल निश्चित ही मिलेगी। संवैधानिक अधिकार जिससे आज बहुत सारे किसान मजदूर वंचित है, पेंच के विस्थापितों के हालत जैसी हालत सभी जगह एक जैसी है। नर्मदा में 37 साल संघर्ष करके ही कुछ पाया है, पर आज भी संघर्ष और निर्माण का कार्य जारी है। सरकारें बहुत सारे गलत हथियार जन आंदोलनों को दबाने के लिए इस्तेमाल करती रही हैं लेकिन आप लोगों ने हिम्मत से संघर्ष के रास्ते चलकर गांव-गांव, गली-गली पहुंचकर जो संदेश देना शुरू किया है, वह एक अभियान के तहत है, केवल यात्रा से वह समाप्त नहीं होगा और अभियान एक आंदोलन में परिवर्तित होगा, यह हमारी अपेक्षा है। राष्ट्रीय स्तर पर 300 जिलों में 75 किलोमीटर की यात्राएं होने वाली है। कल आपके यहां यात्रा के समापन कार्यक्रम में डॉ सुनीलम जी, एडवोकेट आराधना भार्गव जी आगे की दिशा और मार्ग भी तय करेंगे, जो सत्य, अहिंसा और सद्भावना के आधार पर ही होगा।
‘नफरत छोड़ो, संविधान बचाओ’ अभियान पदयात्रा पर मेधा पाटकर का वीडियो संदेश

