हवा बंगला इलाके में स्थित विदुर नगर इंदौर की सबसे बड़ी अवैध कॉलोनियों में से एक है, जहां भू-माफियाओं और बिल्डरों ने करोड़ों रुपयों की ठगी की है…. बिना नक्शा या वैध अनुमति के यहां जमीन और प्लॉट बेचे गए, जिससे अब बड़े पैमाने पर विवाद सामने आ रहा है…. प्रशासन की सख्त कार्रवाई और ‘अखबारों की सनसनीखेज खबरों ने इस मामले में भू-माफियाओं को हिला कर रख दिया है.
जहां अवैध कॉलोनी का घोटाला अब जनता और प्रशासन के बीच तना हुआ तीर बन चुका है….
इंदौर।इंदौर के हवा बंगला इलाके की अवैध कॉलोनी विदुर नगर में पिछले कुछ समय से जो हलचल मची है, उसके पीछे कई बड़ी जमीन खींचतान और गुंडागर्दी की घटनाएं सामने आई हैं.. अखबार की धारदार रिपोर्ट्स के बाद वहां के बिल्डरों, भूमाफियाओं और गुंडों में खानबली मची हुई है…
यह कॉलोनी बिना किसी वैध नक्शे एवं अनुमति के बसे हुए तमाम अवैध प्लॉटों और भवनों से भरी हुई है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग धोखे का शिकार हुए हैं…
विदुर नगर संस्था, जिसे अथ नेताजी सुभाषचंद बोस गृह निर्माण सहकारी संस्था कहा जाता है, के कार्यालय और कर्ताधर्ताओं पर कई बार जाचे हुई हैं. लेकिन अब तक इस घोटाले की गहराई पूटी तरह से सामने वहीं आई है…
विदुर नगर के लगभग 135 एकड़ हिस्से पर 250 करोड़ से अधिक का स्कैम हुआ है, जिसमें आरोप है कि कॉलोनाइजरों ने बड़ी ही योजना बनाकर ग्रीन बेल्ट समेत विभिष नियम विरुद्ध जमीन पर अवैध कॉलोनी बनाई और बड़ी संख्या में लोगों को धोखा देकर प्लॉट बेचे…
इंदौर के हवा बंगला इलाके की अवैध कॉलोनी बिदुर नगर में पिछले कुछ समय से जो हालबल मची है, उसके पीछे कई बड़ी जमीन खीचतान और गुंडागर्दी की घटनाएं सामने आई हैं…
ब्लिट्ज अखबार की धारदार रिपोट्र्स के बद वहां के चिल्लरों, भूमाफियाओं और गुंडों में खलबली मची हुई है. यह कॉलोनी चिना किसी वैध नवी एवं अनुमति के बसे हुए तमाम अवैध लॉटों और भवनों से भरी हुई है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग धोखे का शिकार हुए हैं…
विदा नगर में ताजा हालात ये है कि यहां के हर गली-मोहल्ले पर भूमाफियाओं की गंदी मजरें लार टपकर रही है…
जहां कोई विवादित या लावारिस प्लॉट दिखा
नहीं कि ये सारे गिद्ध वहां लगातार मंडराने लगते हैं…
इलाके में दर्जनों बड़े भारी अवैध निर्माण सीना तानकर बिकने को खड़े हैं और कोई सरकारी अधिकारी खोजखबर लेने को तैधार नहीं है…
हालांकि अच विदुर नगर पर ‘ब्लिट्ज सीरीज आने न बाद वहां के कई भूमाफियाओं के हलक सूख गए हैं. सबके दिलों में दर और विश्वास है कि दर और विश्वास है कि अगले दिन उनका ही
… मुंडे बदमाशों और अपने राजनीतिक आकाओं से मामले पर विचार विमर्श भी जमी है….
विदुर नगर भूमाफिया सिंडिकेट के विश्वसनीय सूत्रों का दावा है कि अखबारी की खबरों के बाद विदुर नगर में भूमाफिया बहुत फूंक-फूंक कर आगे कदम बढ़ा रहे हैं…
इन सबके दिलों में अपने ऊपर एफआईआर दर्ज होने और भूमाफिया अभियान में शहरभर ने हीरो हीरालाल बनने का डर चिपका हुआ है…..
खैर, आज नहीं तो कल इंदौर पुलिस इनका जुलूस निकालकर, लड्डू देके इनका पिछवाड़े सजाएगी ही..
कई नेता-कर्मचारी-अधिकारी भी इन भूमाफियाओं के चंगुल में विदुर नगर में अपना पैसा फंसा के अब बुरी तरह पछता रहे हैं.
विदुर नगर बॉलोनी में जमीन दलाल और कालोनाइजरों ने बिना सरकारी अनुमति के बड़े पैमाने पर प्लॉट बेच हाले, जिसका पर्दाफाश ब्लिट्ज पहाने ही कर चुका है… नगर निगम और जिला प्रशासन की टेड़ी नजरें भी लगातार इन जमीनी जगलरों पर टिकी हुई हैं लेकिन बिना राजनीतिक इच्छाशक्ति के आगे सरकार भी यहां पंगु और लाचार नजर आ रही है. हालांकि निगम ने इलाके के सभी अवैध
निर्माणकर्ता भूमाफियाओं को समय-समय पर नोटिस जारी किए हैं,
लेकिन आरोप है कि जोन क्रमांक-21 से गए ये नोटिस कंकन बिल्डरों से वसूली उगाही का मात्र एक जरिया बने हुए है… ताजा नोटिस कुछ महीने पूर्व ही जारी हुए हैं लेकिन इन नोटिसों पर हर बार की तरह ही
कोई कार्रवाई नहीं हुई….. गौरतलब है कि पहले भी कई मौकों पर यहां नोटिस जारी हो चुके हैं…
हर बार की तरह इस बार भी नोटिस मिलने पर निगम अधिकारियों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का दावा था कि जल्दी ही नए बन रहे अवैध निर्माणों को जमींदोज किया जाएगा लेकिन इनकी चात फिर गधे की लात साबित हुई है.
नगर निगम ने पहले भी यहां कार्रवाई करते हुए अवैध बन रहे निर्माणों को बुलडोजर से तोड़ा है….
शहर में अवैध कॉलोनियों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुया अपनाया है…
इंदौर कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि अवैध कॉलोनियों के प्लॉट रजिस्ट्रेशन को कोर्ट के माध्यम से शून्य कर दिया जाएगा और जो कॉलोनाइजर लोगों से अवैध तरीके से राशि वसूल चुके हैं. उन्हें राशि लौटानी होगी..
प्रशासन की इस कार्रवाई से अभी तक 800 से अधिक प्लॉटों की खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, लेकिन भूमाफिया अब भी कानूनी और अवैध हथकंडों से अपनी दावेदारी बनाए रखने में लगे हुए हैं…
विदुर नगर के इस विवाद ने स्थानीय मामाजिक और राजनीतिक तंत्र को भी हिला कर रख दिया है….
इस अवैध बस्ती में रहने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन यहा बुनियादी सुविधाओं का अभाव है… भूमाफिया और बिल्डरों ने प्रशासनिक अधिकारियों के कुछ तबकों वो साथ गठजोड़ कर रखा है, जिससे कई चार कार्रवाई में बाधा आती रही है….
यह मामला न केवल इंदौर के एक इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर की बहती हुई अनियोजित और अवैध कॉलोनी संस्कृति का बड़ा उदाहरण है, जो शहर के नियोजित विब्धस की राह में रोड़ा बनती जा रही है.. अवैध कॉलोनियों से निपटने के लिए त्वरित और प्रभावी न्यायिक तथा प्रशासनिक कदमों की जरूरत अब पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है. ताकि सामान्य नागरिकों के हित सुरक्षित रह सकें और भूमाफियाओं पर लगाम लगाई जा सके…
यहां की हालिया घटनाओं से साफ है कि विदुर नगर की अवैध कॉलोनी के पीछे बड़ी गहरी साजिश है, जिसमें सत्ता, अपराध और जमीन कारोबार का भयानक गठजोड़ है, जिसने करोड़ों रुपये के स्कैम को जन्म दिया है और इसे दबाने के लिए जानलेवा हमाला भी किया गया.. ब्लिट्ज अखबार इस पूरे मामाने को लगातार फॉलो कर रहा है और ऐसी खचरों के जरिए इस अवैध माफिया तंत्र के खिलाफ समाज में जोरदार उत्साह और भूमाफियाओं पर लगातार दचाच बनाता रहेगा. विदुर नगर के इस विवाद ने स्थानीय जनता को बड़े संकट में डाल दिया है, कई परिवारों को उनके घरों से बेदखल होने का खतरा है और उनकी जिंदगी अधर में है…. बुनियादी सुविधाओं का अभाव और कानून की कमर टूटने से लोगों में भारी असंतोष व्याप्त है. यह मामला केवल एका जमीन विवाद नहीं है बल्कि वह उस भ्रष्ट तंत्र का प्रतीक है जो शहर की नियोजित वृद्धि और शहरी विकास के प्रयासों को विफल कर रहा है… इसलिए, प्रशासन, पुलिस और न्यायिक व्यवस्था को इस मामले में प्रभावी और त्वरित्त कारवाई करनी होगी ताकि सामान्य नागरिकों के हित की रक्षा हो सके और भूमाफियाओं की मनमानी खत्म हो….

