इंदौर में सख्त लॉकडाउन लगने के बाद अब प्रशासन और पॉलिटिक्स शुरू हो गई है। गुरुवार को कोरोना समीक्षा के बाद जैसे ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल लौटे। कुछ देर बाद सख्त लॉकडाउन का आदेश प्रशासन द्वारा जारी कर दिया गया था। इस सख्ती के पीछे कलेक्टर मनीष सिंह ने तर्क दिया है कि इंदौर में कोरोना की संक्रमण दर काबू में आ रही है। इसे 30 तारीख तक काबू में करने के लिए कुछ कड़े निर्णय लेना पड़ रहे हैं। दूसरी ओर प्रशासन के इस निर्णय पर भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने असहमति जताते हुए कहा कि आखिर क्या जरूरत है एक अलोकतांत्रिक और तानाशाही भरे निर्णय की।
क्या कहा विजयवर्गीय ने… आखिर क्या जरूरत है एक अलोकतांत्रिक और तानाशाही भरे निर्णय को इंदौर जैसे अनुशासित शहर पर थोपने की, जिस निर्णय की सर्वत्र निंदा हो रही हो, उस पर पुनर्विचार होना ही चाहिए। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को मिलकर विचार करना चाहिए।
क्या बोले कलेक्टर – आदेश को लेकर उन्होंने कहा – इंदौर में कोरोना की संक्रमण दर काबू में आ रही है। इसे 30 तारीख तक काबू में करने के लिए कुछ कड़े निर्णय लेना पड़ रहे हैं। चोइथराम मंडी, सहित अन्य मंडी को बंद करना जरूरी था, क्योंकि वहां पर के स्वरूप को सुधारा नहीं जा सकता है। उनके दो ही ऑप्शन हैं, बंद रखना या फिर चालू रखना। ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में संक्रमण है। शहर की स्थिति तो काफी बेहतर हो गई है। ऐसे में तय किया गया कि यदि 1 जून से शहर को खोलना है तो कुछ दिन की सख्ती जरूरी है।
मोघे भी इस लाॅकडाउन से खुश नहीं
अचानक किराना और फल-सब्जी का विक्रय बंद करने से कांग्रेस के साथ भाजपा नेता भी नाखुश हैं। वरिष्ठ नेता कृष्णमुरारी मोघे ने कहा कि किसानों और व्यापारियों ने सब्जियां व फल गोदाम में रखे हैं। उन्हें निकालने के लिए कम से कम 12 घंटे का समय मिलना चाहिए था। एकाएक रोक से उनका नुकसान होगा। भाजपा नेता जेपी मूलचंदानी और सुमित मिश्रा ने भी किसानों व व्यापारियों के हित में उन्हें समय देने की बात कही है। सोशल मीडिया पर भी लोग तत्काल सब कुछ बंद करने का विराेध जता रहे हैं।
1 जून से ऐसी है शहर को खोलने की प्लानिंग
कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि राशन दुकान को 7 से 8 दिन के लिए ही बंद किया है। इसके बाद यह 1 जून से खुलेगा। शुरुआत में हो सकता है पहले की तरह इसका समय 12 बजे तक ही रहे। इसके साथ कंस्ट्रक्शन को खोेलने पर विचार चल रहा है। इसे खाेलने पर कई लोगों को रोजगार मिलेगा। थोक के व्यापार को ढील देने की कोशिश रहेगी। सभी दुकानों को खोलने की प्लानिंग रहेगी। रेस्टोरेंट में टेक अवे की सुविधा शुरू की जा सकती है। एेसा करने से किचन में रोजगार शुरू हो जाएगा। पहले स्टेज में हम थोक को ओपन करेंगे। इसके बाद खेरची खोलेंगे। इसके अलावा जहां केस आएंगे, वहां सख्ती कर कंटेनमेंट जोन बनाएंगे, जिससे यह खुलना शहर का लंबे समय तक चल सके।

