टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली एक बार फिर मैदान पर धूम मचाने को मैयार हैं. केवन वनडे फॉर्मेट खेलने वाले विराट का ऑस्ट्रेलिया में शानदार रिकॉर्ड रहा है. उन्होंने यहां अलग-अलग मैदानों पर कई बार ऐतिहासिक पारी खेली है. कोहली के मास्टरक्लास की वजह से ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने उनको किंग नाम दिया है. यहां उनकी पांच बड़ी पारियों के बारे में चर्चा कर रहे हैं, जो उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में खेली है.
: टीम इंडिया रविवार 19 अक्टूबर को पर्थ में तीन वनडे मैचों की सीरीज के पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है. भारतीय क्रिकेट फैंस इस मैच का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इसमें आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद पहली बार इंटरनेशनल सर्किट पर भारतीय बल्लेबाजी के दिग्गज विराट कोहली की वापसी होगी. कोहली ने आधिकारिक तौर पर अपने टी20आई और टेस्ट करियर को अलविदा कह दिया है. 3 मैचों की यह सीरीज कोहली के लिए खास मायने रखती है, क्योंकि अगर उन्हें दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे में होने वाले 2027 के आईसीसी वनडे विश्व कप के लिए भारतीय टीम में जगह बनानी है, तो बल्ले से अच्छा प्रदर्शन करना होगा. हालांकि, ऑस्ट्रेलिया में वनडे में कोहली के बल्लेबाजी रिकॉर्ड को देखते हुए, यह कोई बड़ी समस्या नहीं लग रही.
ऑस्ट्रेलियाई धरती पर कोहली के वनडे आंकड़े
पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली ने 2009 में अपने पहले दौरे के बाद से ऑस्ट्रेलिया में 29 वनडे मैच खेले हैं और 51.03 की प्रभावशाली औसत से 1,327 रन बनाए हैं, जिसमें पांच शतक और छह अर्धशतक शामिल हैं. अब, उनके प्रभावशाली आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए, आइए ऑस्ट्रेलियाई धरती पर उनकी सर्वश्रेष्ठ पारियों पर एक नजर डालते हैं. ऑस्ट्रेलिया में कोहली के दमदार प्रदर्शन के कारण ही उन्हें ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में ‘किंग’ नाम दिया गया. ऑस्ट्रेलिया में विराट कोहली की सर्वश्रेष्ठ 5 पारियों पर एक नजर डालते हैं…
133 बनाम श्रीलंका, होबार्ट (28 फरवरी, 2012)
होबार्ट में विराट कोहली द्वारा मात्र 86 गेंदों पर खेली गई नाबाद 133 रनों की पारी ऑस्ट्रेलिया में खेली गई अब तक की सबसे यादगार वनडे पारियों में से एक है. भारत को सीबी सीरीज में बने रहने के लिए 40 ओवरों के अंदर 321 रनों का पीछा करना था, जो लगभग नामुमकिन सा था. हालांकि कोहली ने श्रीलंकाई आक्रमण, खासकर लसिथ मलिंगा की धज्जियां उड़ा दी और सटीकता और शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन करते हुए 16 चौके और दो छक्के जड़े. भारत ने 36.4 ओवरों में लक्ष्य हासिल कर लिया और कोहली की तूफानी पारी ने न केवल टीम को मुकाबले में बनाए रखा, बल्कि एक विश्वस्तरीय लक्ष्य का पीछा करने वाले बल्लेबाज के रूप में उनकी प्रतिष्ठा को भी मजबूत किया. कई लोग मानते हैं कि इसी पारी ने कोहली को भारत के सबसे भरोसेमंद सीमित ओवरों के बल्लेबाज में बदल दिया.

