राज्य सरकार के कई मंत्रियों और विधायकों पर मछली परिवार को राजनैतिक संरक्षण के आरोप
मध्यप्रदेश में हिंदू लड़कियों से दुष्कर्म करने, उन्हें ब्लेकमेल कर मुस्लिम बनाने के आरोपी मछली परिवार पर जहां कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है वहीं इस मामले में प्रदेश के कई वरिष्ठ बीजेपी नेता भी घिरते जा रहे हैं। राज्य सरकार के कई मंत्रियों और विधायकों पर मछली परिवार को राजनैतिक संरक्षण के आरोप लग रहे हैं। विपक्ष इस मुद्दे पर बीजेपी और प्रदेश सरकार पर बेहद हमलावर रुख अपनाए हुए है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने रविवार को प्रदेश के मंत्रियों विश्वास सारंग और कृष्णा गौर को मछली परिवार का मददगार बताते हुए सीएम मोहन यादव से पूछा कि इन पर कार्रवाई कब की जाएगी! उन्होंने बाकायदा पत्र लिखकर कहा है कि सत्ता और संगठन के कई नेता मछली परिवार के संरक्षक रहे हैं। पटवारी के इस पत्र ने सूबे की सियासी हलचल बढ़ा दी है।

इंदौर में विश्व हिंदू परिषद के कार्यक्रम में सीएम मोहन यादव ने कहा था कि कानून सबके लिए बराबर है। हमारी सरकार ने मछली, मगर सबको ठिकाने लगाया है। 13 सितंबर को दिए सीएम के इस बयान पर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने पत्र लिखकर पूछा कि मछली परिवार से जुड़े मंत्रियों पर कार्रवाई कब होगी! उन्होंने अन्य कई नेताओं, अफसरों पर भी सवाल उठाए।
जीतू पटवारी ने अपने पत्र में लिखा – अर्श से फर्श पर पहुंचे मछली परिवार के संरक्षक बने रहने के आरोपों से घिरे हुए, आपकी काबीना के सदस्य विश्वास सारंग, कृष्णा गौर और सत्ता व संगठन के ऐसे तमाम मददगार करार दिए जा रहे चेहरों-जिनके तार मछली परिवार से बरसों बरस जुड़े रहने के पुख्ता प्रमाण आप जुटा चुके हैं- के खिलाफ सख्त कार्रवाई कब करेंगे!