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ईरान-इस्राइल और US के बीच जंग:, बमबारी के बीच अब तक 51 छात्राओं समेत 54 की मौत

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पश्चिम एशिया में तनाव के बीच आखिरकार अमेरिका और इस्राइल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ईरान पर बम बरसानें शुरू कर दिए हैं। ईरान की राजधानी तेहरान में खामेनेई के कार्यालय के पास भी हमला हुआ है। इस्राइल ने एक साथ ईरान के कई शहरों पर हवाई हमले किए हैं। ईरान ने पलटवार करते हुए 8 देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। 

मीडिल ईस्ट में एक बार फिर से तनाव काफी बढ़ गया है. दो दिनों से अफगानिस्तान और पाकिस्तान एक ओर जंग में उलझे हैं, जो रुक-रुक कर अभी भी जारी है. दूसरी ओर, कई दिनों से माहौल बनाए अमेरिका और इजरायल ने भी ईरान के शहरों पर एक के बाद एक मिसाइल दागने शुरु कर दिए हैं. ईरान ने भी पलटवार करते हुए मिडिल ईस्ट के 8 देशों में स्थित अमेरिका के मिलिट्री बेस पर ताबड़तोड़ मिसाइल दागने शुरू कर दिए हैं. कुल मिलाकर मिडिल ईस्ट के तीन मोर्चों पर जंग की आहट सुनाई दे रही है. पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा से लेकर तेहरान और दोहा तक जंग की आग धधक रहे हैं, तो यरुशलम और हाइफा में भी धमाकों गूंज सुनाई दे रही हैं. सैकड़ों लोग जंग से प्रभावित हुए हैं. प्रभावित इलाके से लोग लगातार पलायन कर रहे हैं. खासकर, पाकिस्तान और अफगानिस्तान सीमा पर मरघट जैसा सन्नाटा पसरा हुआ है. (तस्वीरें- रायटर्स और एपी से ली गईं हैं)

दक्षिणी ईरान के स्कूल पर हमले में मृतकों की संख्या 51 पहुंची

ईरान के दक्षिणी शहर मिनाब में स्थित बालिका प्राथमिक विद्यालय पर कथित इस्राइली हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 51 हो गई है। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार इस हमले में करीब 60 लोग घायल हुए हैं। स्थानीय अधिकारी मोहम्मद रदमेहर ने कहा कि हमले के समय स्कूल में लगभग 170 छात्र मौजूद थे। राहत और बचाव अभियान जारी होने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। यानी देशों के हमलों में अब तक कुल 54 मौते हो चुकी हैं। इसमें मिनाब शहर की एक प्राथमिक बालिका विद्यालय की 51 छात्राएं, ईरान के पूर्वी इलाके में एक स्कूल के दो छात्र और अबू धाबी में हुई एक मौत शामिल है। 

इस्राइल में मिसाइल हमले की चेतावनी, नागरिकों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश

इस्राइली सेना ने देश की ओर बढ़ रही मिसाइलों की भारी खेप को लेकर अलर्ट जारी किया है। सेना ने चेतावनी दी कि जल्द ही मिसाइलों की बड़ी बौछार हो सकती है और नागरिक तुरंत सुरक्षित शेल्टर में चले जाएं। इससे पहले भी सेना ने बताया था कि रक्षा प्रणाली आने वाले खतरों को रोकने के लिए सक्रिय है। पूरे देश में सुरक्षा सायरन बजाए जा रहे हैं और आपात व्यवस्था लागू कर दी गई है।

यूएई ने मिसाइलों की नई खेप को हवा में किया नष्ट, दुबई में धमाकों की आवाजें

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने नई मिसाइल हमलों को नाकाम करने का दावा किया है। मंत्रालय के अनुसार वायु रक्षा प्रणाली ने आने वाली मिसाइलों की एक और खेप को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया। इसी दौरान दुबई में कई धमाकों की आवाजें सुनाई देने की खबर है, जिन्हें मिसाइल इंटरसेप्शन से जोड़ा जा रहा है। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या हताहत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पाकिस्तान-अफगान सीमा, पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में शनिवार को तनाव चरम पर पहुंच गया. एक ओर पाकिस्तान और अफगान बलों के बीच सीमा पर झड़पें तेज हुईं, तो दूसरी ओर ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में मिसाइलों और धमाकों की गूंज सुनाई दी. अलग-अलग मोर्चों से आई तस्वीरें रूह कंपा देने वाली हैं.

ये पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की तस्वीर है. लक्की मरवत जिले में सीमा पार झड़पों में मारे गए एक पाकिस्तानी सैनिक को अंतिम विदाई दी गई. गांव में जनाजे की नमाज के दौरान छत पर तैनात एक सैनिक चौकसी करता दिखा. सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच लोगों ने अपने शहीद जवान को नम आंखों से विदा किया.

तोरखम बॉर्डर क्रॉसिंग के पास हालात तनावपूर्ण बना हुआ है. खबर आ रही है एक बार फिर से अफगान लड़ाके पाकिस्तान पर अटैक कर दिए हैं. आप देख सकते हैं कि सड़क किनारे ट्रकों की लंबी कतारें लगी हुई हैं. इनमें अफगान शरणार्थी अपने सामान के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर जाने का इंतजार कर रहे थे. सीमा पर फायरिंग और गोलाबारी के कारण आवाजाही बाधित हो रही है.

तोरखम के नजदीक पाकिस्तानी क्षेत्र में खड़े ट्रकों के पीछे अफगान इलाके की ओर से उठता धुआं साफ दिखाई दिया. स्थानीय प्रशासन ने लोगों को घरों में रहने की सलाह दी. कई परिवारों ने एहतियातन गांव छोड़कर रिश्तेदारों के यहां शरण ली.

खैबर पख्तूनख्वा के ही लांडी कोटल कस्बे में बाजार बंद रहे. सन्नाटे के बीच एक आवारा कुत्ता सुनसान बाजार से गुजरता नजर आया. आम दिनों में चहल-पहल से भरा यह इलाका झड़पों के बाद वीरान हो गया है. कभी लोगों की चहल-पहल गूंजने वाला ये शहर मरघट बन गया है, लोग इसलिए अपने घर छोड़कर जाने को मजबूर हैं क्योंकि कब क्या पता कहां से मिसाइल आ गिरे.

उधर पश्चिम एशिया में हालात और भी विस्फोटक हो गए. ईरान पर इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए हमलों के बाद आसमान में धुएं के गुबार छा गए. तेहरान में एक के बाद एक कई स्थानों से विस्फोटों की खबरें आईं. स्थानीय एजेंसियों के अनुसार कुछ सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया. साथ तेहरान यूनिवर्सिटी और न्याय विभाग के इमारतों को उड़ा दिया गया.

तेहरान में हमलों के बाद कई इमारतें क्षतिग्रस्त नजर आईं. सड़कों पर ट्रैफिक जाम लग गया और लोग आवश्यक सामान जुटाने के लिए पेट्रोल पंपों और बाजारों में कतारों में खड़े दिखे. हालात की अनिश्चितता के कारण आम नागरिकों में चिंता बढ़ गई.

हमलों के बाद ईरान से जवाबी कार्रवाई की खबरें भी सामने आईं. यरुशलम के ऊपर आसमान में धुआं देखा गया, जब ईरान की ओर से मिसाइलें दागे जाने की सूचना मिली. इजरायल ने देशभर में अलर्ट जारी किया और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने को कहा.

हाइफा की खाड़ी के ऊपर विस्फोट की तस्वीरें सामने आईं. समुद्र के ऊपर हवा में धमाका होते ही सायरन बज उठे. रक्षा प्रणालियों ने कई मिसाइलों को हवा में ही निष्क्रिय करने का दावा किया.

खाड़ी क्षेत्र में भी तनाव फैल गया. दोहा में लोगों ने अपने अपार्टमेंट की बालकनियों से धमाकों के बाद आसमान में उठता धुआं देखा. कतर के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि देश को निशाना बनाने वाली मिसाइलों को मार गिराया गया है. तेहरान शहर के ऊपर मंडराते धुएं और आग के बादलों ने स्थानीय नागरिकों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया है. हालांकि, कई बहुमंजिला इमारतें इन हमलों के बीच अभी भी खड़ी नजर आ रही हैं, लेकिन शहर की फिजाओं में डर और अनिश्चितता साफ तौर पर महसूस की जा सकती है.

दोहा में कुछ देर के लिए हवाई यातायात और आवाजाही पर असर पड़ा. नागरिकों को सावधानी बरतने की अपील की गई. क्षेत्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि संघर्ष का दायरा बढ़ने की आशंका से खाड़ी देशों ने भी सतर्कता बढ़ा दी है.

विश्लेषकों के अनुसार पाकिस्तान-अफगान सीमा पर तनाव लंबे समय से बना हुआ है, लेकिन हालिया झड़पों ने इसे फिर सुर्खियों में ला दिया. वहीं इजरायल-ईरान टकराव ने पश्चिम एशिया में शक्ति संतुलन को नई चुनौती दी है. अमेरिका की भागीदारी ने स्थिति को और जटिल बना दिया.

मानवीय दृष्टिकोण से देखें तो इन घटनाओं का सबसे बड़ा असर आम लोगों पर पड़ रहा है. शरणार्थी परिवार असुरक्षा में जी रहे हैं, बाजार बंद हैं, ईंधन और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हो रही है. बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह माहौल खास तौर पर कठिन है.

कूटनीतिक स्तर पर कई देशों ने संयम बरतने और वार्ता के जरिए समाधान निकालने की अपील की है. संयुक्त राष्ट्र समेत अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं हालात पर नजर रखे हुए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तत्काल संवाद शुरू नहीं हुआ तो क्षेत्रीय संघर्ष व्यापक रूप ले सकता है.

फिलहाल मीडिल ईस्ट में तीन अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में तनाव फैला हुआ है. ये जंग वैश्विक शांति के लिए चिंता का विषय बन गया है. सीमा पर अंतिम संस्कार से लेकर तेहरान और दोहा के आसमान में उठते धुएं तक, हर तस्वीर एक ही संदेश दे रही है.

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