इंदौर
प्रदेश की सबसे बड़ी लकड़ी मंडी वार्ड नंबर 70 में है। करीब 700 कारोबारी हर वर्ष 2000 करोड़ रुपए का कारोबार करते हैं। 350 करोड़ रुपए के आसपास का जीएसटी सरकार को यहां से मिलता है, लेकिन आज भी गुरुनानक टिंबर मार्केट (जीएनटी) में नर्मदा पानी की सप्लाय नहीं है। जिस तौलकांटे पर लकड़ी तुलती है, उसके आगे बारिश के पूरे सीजन में पानी भरा रहता है।
अधिकांश हिस्से में ड्रेनेज लाइन नहीं होने से कारोबारियों और यहां काम करने वाले करीब 6 हजार लोगों को परेशानी है। क्षेत्र में पानी की नई टंकी जरूरी है। बारिश में बस्तियों और मुख्य सड़कों पर जल जमाव होता है।
पुल का काम धीमा, लग रहा दो किमी का चक्कर
आदर्श इंदिरा नगर में रहने वाले गोलू गड़वाल बताते हैं इंदिरा नगर के पास बनने वाले नए पुल का काम धीमा होने से क्षेत्र की करीब 2 दर्जन कॉलोनियों के 10 हजार से अधिक लोग परेशान हैं। पुल नहीं होने से लोगों को डेढ़ से दो किमी घूमकर आना-जाना पड़ रहा है।
ड्रेनेज चोक, नलों से गंदा पानी- माली मोहल्ले में रहने वाले कृष्ण कुमार थलोरे ने बताया, लाबरिया भेरू, इंदिरा नगर, लोकनायक नगर, पंचमूर्ति नगर और चांदमारी के भट्टे में ड्रेनेज लाइनें चोक हैं। एक दिन छोड़कर नल आते हैं, उनमें भी गंदा पानी। कचरा कलेक्शन वाहन नहीं आने से खुले में कचरा डाल देते हैं।
नालों पर कब्जे से डूबता है क्षेत्र- लाबरिया भेरू में रहने वाले जगदीश महावर ने बताया, जीएनटी मार्केट की ओर से दो नाले वार्ड से गुजर कर भूतेश्वर मंदिर के पीछे मुख्य नाले से मिलते हैं, लेकिन वार्ड के अधिकांश हिस्से में नालों के दोनों किनारों पर अवैध निर्माण हैं।
बारिश के दिनों में इसी वजह से चांदमारी का भट्टा, पंचमूर्तिनगर नगर, श्रीकृष्ण कॉलोनी में पानी जमा हो जाता है। माली मोहल्ला, लाबरिया भेरू बस्ती, गड़रिया मोहल्ला, डेरी कॉलोनी, श्री हरि सोसायटी, श्री कृष्ण कॉलोनी, चांदमारी का भट्टा, आदर्श इंदिरा नगर के 30 हजार लोगों को मूलभूत सुविधाओं का इंतजार है।
सफाई व्यवस्था पिछले कुछ महीनों में कमजोर हुई है
सफाई व्यवस्था पिछले कुछ महीनों में जरूर कुछ कमजोर हुई है। इंदिरा नगर पुल का काम कोरोना के चलते धीमा था, जिसने अब गति पकड़ ली है। लोकनायक नगर में पानी सप्लाय से जुड़ी नई लाइन के टेंडर जारी किए जा चुके हैं। माली मोहल्ले में ड्रेनेज की नई लाइन डाली गई थी।
– सुधीर देड़गे, पूर्व एमआईसी सदस्य और पार्षद

