ठंड का प्रकोप शुरू! दिल्ली, MP-CG सहित कई राज्यों में शीतलहर
देश के अधिकांश हिस्सों में सर्दियों के मौसम ने पूरी तरह से दस्तक दे दी है. दिल्ली-एनसीआर में तापमान लगातार सामान्य से कम रिकॉर्ड किया जा रहा है. इसके साथ ही तमाम उपायों के बावजूद एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) का लेवल लगातार सीवियर कैटेगरी में बना हुआ है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें होने की आशंका बनी हुई है. हेल्थ एक्सपर्ट घर से बाहर निकलने पर मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दे रहे हैं. मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के साथ उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में ठंड का प्रकोप बढ़ने और शीतलहर चलने का पूर्वानुमान जताया है. पूर्वी भारत की बात करें तो बंगाल की खाड़ी में एक सिस्टम डेवलप हो चुका है, जबकि 22 नवंबर से दूसरे सिस्टम के एक्टिव होने की संभावना है. ऐसे में चक्रवाती तूफान का खतरा बढ़ गया है. इसके प्रभाव से तटवर्ती इलाकों के साथ ही दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है.
उत्तर और दक्षिण भारत में मौसम ने अलग-अलग रूप दिखाना शुरू कर दिया है। जहां उत्तर भारत कड़ाके की ठंड और शीतलहर की चपेट में है, वहीं दक्षिण भारत में भारी बारिश से हालात बिगड़े हुए हैं। IMD ने बताया कि दिल्ली, MP, यूपी, CG और बिहार में तापमान गिर रहा है, जबकि पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी लगातार जारी है।

देश में मौसम का बदलाव तेज़ी से महसूस (Weather Update) किया जा रहा है। एक तरफ उत्तर भारत कड़ाके की ठंड की लपेट में है, वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। IMD ने पूर्वी राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मराठवाड़ा, तेलंगाना और विदर्भ में 18 से 20 नवंबर के दौरान विभिन्न स्थानों पर शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने मछुआरों को 18 से 22 नवंबर तक समुद्री क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह भी दी है।
उत्तर भारत में ठंड का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। कई शहरों में सुबह-शाम तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है और लोग दिन के समय होने वाली धूप का आनंद लेते दिख रहे हैं। वहीं, दक्षिण भारत पिछले कुछ दिनों से बारिश की मार झेल रहा है, जिससे कई इलाके जलभराव और खराब मौसम की स्थिति से जूझ रहे हैं।