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बाजार में ये क्या हो गया?: सब बेचने की होड़ में क्यों

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मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। पिछले दो कारोबारी सत्रों से चली आ रही तेजी पर अचानक ब्रेक लग गया। वैश्विक स्तर पर व्यापारिक अनिश्चितताओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते असर ने निवेशकों के सेंटिमेंट को बुरी तरह प्रभावित किया। 

मंगलवार को बाजार में क्या हुआ?

बिकवाली के भारी दबाव के बीच 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,068.74 अंक या 1.28 प्रतिशत लुढ़ककर 82,225.92 के स्तर पर बंद हुआ। दिन के कारोबार के दौरान सेंसेक्स में 1,359.93 अंकों तक की बड़ी गिरावट देखी गई थी। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 288.35 अंक या 1.12 प्रतिशत का गोता लगाकर 25,424.65 पर आ गया। बाजार में चौतरफा बिकवाली का आलम यह था कि बीएसई पर 2,802 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि केवल 1,422 शेयर बढ़त

बाजार में गिरावट के कारण क्या?

गिरावट के दौरान किस सेक्टर पर क्या असर?

आईटी सेक्टर के इस दबाव का नकारात्मक असर रियल एस्टेट पर भी पड़ा, क्योंकि आईटी में छंटनी या तनाव से प्रॉपर्टी की मांग घट सकती है; नतीजतन रियल्टी इंडेक्स 2.61 प्रतिशत गिर गया। हालांकि, इस भारी गिरावट के बीच डिफेंसिव सेक्टर्स ने बाजार को कुछ सहारा दिया। मेटल, ऑयल एंड गैस, एफएमसीजी, पावर और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर्स हरे निशान में बंद हुए। एनटीपीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाटा स्टील और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे शेयरों में निवेशकों ने खरीदारी की।

बाजार की गिरावट पर विशेषज्ञ क्या कह रहे?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, बाजार फिलहाल भू-राजनीतिक जोखिमों के प्रति बेहद संवेदनशील है, जिसके कारण निवेशक अब रक्षात्मक और घरेलू बाजार पर केंद्रित सेक्टर्स का रुख कर रहे हैं। डेरिवेटिव्स एक्सपायरी और मिले-जुले वैश्विक व घरेलू संकेतों को देखते हुए आने वाले दिनों में भी बाजार के एक व्यापक दायरे में अस्थिर रहने की संभावना है।

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