Site icon अग्नि आलोक

सूर्या समाचार की महिला कर्मचारी ने आउटपुट हेड की बात मानने से किया इंकार तो उसे किया जाने लगा परेशान…….

Share

सूर्या समाचार में एक महिला कर्मचारी के शोषण का खुलासा हुआ है। यह खुलासा महिला कर्मचारी ने खुद ही किया है। महिला असिस्टेंट आउटपुट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत थीं। वो बताती हैं कि जब से उन्होंने इस चैनल को ज्वाइन किया तब से उनके साथ असहज होने वाला व्यवहार हो रहा था।

नौकरी के शुरुआती दिनों से ही चैनल के आउटपुट हेड नवीन चौधरी उन्हें अपने पास ही बिठाया करते थे। जब भी वो कहीं दूसरी जगह बैठने की कोशिश करती तो कहा जाता कि सीनियर्स के पास ही बैठा करो। सीनियर्स के साथ बैठने से बहुत कुछ सीखने को मिलती है। ममता पहले तो इसे बहुत सामान्य तरीके से ले रही थीं लेकिन बाद में उन्हें लगने लगा कि कुछ तो गलत हो रहा है या गलत करने की कोशिश हो रही है।

ममता ने आरोप लगाया कि नवीन चौधरी अपने पास बैठाकर हाथों से, आंखों से आपत्तिजनक इशारे किया करते थे। पर्सनल बातें पूछा करते थे। ममता को ऑफर दिया गया कि चलो बाहर चाय पीने, घूमने चलो। ममता ने इस तरह की बातों को मानने से साफ इंकार कर दिया।

नवीन चौधरी की प्रताड़ना से तंग आकर चैनल छोड़ने वाली ममता पहली कर्मचारी नहीं हैं बल्कि इसके पहले भी मार्च के महीने में सूर्या समाचार की एंकर तमन्ना ने इस्तीफ़ा दे दिया था। तमन्ना ने भी अपनी नौकरी छोड़ने का कारण नवीन चौधरी की प्रताड़ना को बताया था।

ममता के अनुसार उन्हें सूर्या चैनल के द्वारा फिर परेशान किया जाने लगा। पहले वो गुड़गांव में रहती थीं। उन पर दबाव बनाया गया कि वो नोएडा में ही रहें। फिर वो, नोएडा में रहने लगीं। परेशान करने के लिए शिफ्ट चेंज किया जाने लगा। जबर्दस्ती लीव के पेपर भरे जाने लगे। हर तरह से परेशान करने की कोशिश की जाने लगी क्योंकि ममता ने उनकी बातों को मानने से इंकार कर दिया था। जब ममता इन ज्यादतियों का विरोध करने लगीं तो उन्हें कहा गया कि काम करना है तो ऐसे ही होगा। ज्यादा दिक्कत है तो रिजाइन कर दो…

ममता जब इन परेशानियों को लेकर अपने एचआर से बात करती तो कहा जाता कि वो इसमे कुछ नहीं कर सकते हैं। उनका हेड नवीन चौधरी ही है, इसलिए आप उन्हीं से बात करो। हद तो तब होने लगी जब पीरियड्स के दौरान वॉशरुम में ज्यादा टाइम लगने पर पूछताछ शुरु की जाने लगी। वॉशरुम जाने के लिए भी इजाजत मांगने को कहा गया।

अब ममता के लिए इस चैनल का माहौल जहरीला बनाया जाने लगा। ऑफिस आने पर ममता को बाहर बैठा दिया जाता था। उन्हें तरह तरह से प्रताड़ित किया जाने लगा। एक दिन इस नवीन चौधरी ने एचआर को कॉल लगाकर ममता के सामने कहा कि इसे काम करने का मन नहीं है। इसे बाहर निकालो। अगर ये खुद से बाहर नहीं जाती तो इसको बदतमीजी से बाहर निकालो।

ममता ने आरोप लगाया है कि उन्हें बिहारी होने के नाम पर भी टॉर्चर किया जाता था। ममता बिहार के पूर्वी चंपारण की रहने वाली है। कहा जाता कि ये बिहारन है। इसको हिंदी बोलने नहीं आता। इसका स्त्रीलिंग पुलिंग खराब है। ऑफिस में ममता के पीठ पीछे उनका मजाक बनाया जाता। वो कैसे चलती है, कैसे बोलती है…. बाकी सारी गतिविधियों पर भी ताने कसे जाते थें।

एक दिन परिस्थितियां नियंत्रण से बाहर हो गई। ममता को टर्मिनेशन लेटर देने की बात कही गई। ममता ऑफिस के बाहर इंतजार करती रहीं लेकिन उन्हें लेटर नहीं दिया गया। जब वो एचआर से मिलने गईं तो कहा गया कि तुम रिजाइन कर दो। ममता ने साफ कर दिया कि वो रिजाइन नहीं देंगी। ये घटना 05 दिसंबर की है लेकिन अब तक ममता को लेटर नहीं दिया गया है।

.


थक हार कर ममता ने यूपी के सीएम और महिला आयोग के पास अपनी शिकायत दर्ज कराया। इसके बाद सूर्या समाचार वालों के तेवर ढीले पड़े और उधर से फोन कॉल्स और मैसेजेस आने शुरु हो गए। उन्हें वापस से ऑफिस बुलाया जा रहा है लेकिन ममता ने भी साफ कर दिया है कि वो ऑफिस नहीं जाएंगी। जिसको भी बात करना है, वो उनके घर जाकर बात करे।

हालांकि ममता को अभी तक धमकाया जा रहा है कि तुम्हारी शिकायत से कुछ नहीं होने वाला है। वो बड़े लोग हैं। वो पुलिस को खरीद लेंगे। पुलिस उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी।

Exit mobile version