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 60 लाख लोग अब कहां बैठकर पिये!?

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सरकार ये बता दे कि 60 लाख लोग जो रोज अहातो मे बैठकर शराब पीते थे! वो अब कहां बैठकर पिये!?*

*अहातो मे काम करने वाले और चखने के ठेले लगाने वाले 50 हजार से ज्यादा लोग जो बेरोजगार होंगे उनका क्या!?* 

*@प्रदीप मिश्रा

*मध्यप्रदेश सरकार की केबिनेट ने इतवार छुट्टी वाले दिन राज्य की आबकारी नीति मे बड़ा परिवर्तन करते हुए एक तरफा निर्णय लेते हुए  प्रदेश के तकरीबन 2600 अहातो ( निम्न और मध्यमवर्गीय लोगों के लिए बैठकर शराब पीने की जगह या यू कहे बार) को बंद करने का तुगलकी आदेश पारित कर दिया!?बिना यह सोचे की ये 60 लाख लोग अब शराब कहा पियेंगे!?*

*क्या सरकार यह कहना चाह रही है कि ये अपने घरों में परिवार के सामने बैठकर पिये! या आवारा पशुओ और कुत्तों की तरह हर गली, मोहल्ले, चौपालों और सार्वजनिक जगहों पर मदिरापान करते हुए पाए जाए!?*

*एक पूर्व मुख्यमंत्री और साध्वी की धार्मिक, नैतिक और पुरातन सोच के अव्यावहारिक राजनीतिक विरोध के आधार पर सरकार निर्णय ले यह आज के ग्लोबल भारत में कहा तक उचित है!?*

*शराब आधुनिक भारत में एक इंडस्ट्री है कोई नारकोटिक्स ड्रग्स नहीं! मध्यप्रदेश सरकार हर साल तकरीबन 15000 करोड़ रुपये शराब की दुकानों से राजस्व कमाती है! तकरीबन 2600 अहातो मे 50 हजार से ज्यादा लोगों को सीधे सीधे रोजगार मिला था! जो अब छिन जाएगा! इन 50 हजार बेरोजगार लोगो को सरकार कैसे रोजगार मुहैया कराएगी!?*

*सरकार को शराब पर रोकथाम और लगाम ही कसनी है तो सिर्फ शराब की बिक्री को केसलेश कर दे! सिर्फ क्रेडिट कार्ड या बैंक ए टी एम कार्ड से प्रति व्यक्ति को सीमित मात्रा में एक बार शराब बेची जाय! लेकिन सरकार ऐसा करेगी नहीं क्योंकि तकरीबन 3000 करोड़ रुपये हर साल भ्रष्टाचार से सरकार मे बैठे लोगों के पास जाता है!*

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