लगातार दूसरा और कुल तीसरा टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारतीय टीम भगवान का आशीर्वाद लेना नहीं भूली. रविवार देर रात आईसीसी अध्यक्ष जय शाह, टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अहमदाबाद के हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की. इस दौरान मंदिर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात नजर आया. कप्तान सूर्या ने ट्रॉफी के साथ मंदिर में प्रवेश किया और बजरंग बली के सामने माथा टेका.भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर टी-20 विश्व कप जीता. भारतीय टीम तीन बार टी-20 विश्व कप (2007, 2024 और 2026) जीतने वाली पहली टीम बन गई. इस ऐतिहासिक जीत को सेलिब्रेट करने के लिए भारतीय टीम के कप्तान, कोच और जय शाह हनुमान मंदिर पहुंचे.

जीत के बावजूद किस पर भड़के गंभीर?
भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा कि वह ड्रेसिंग रूम में मौजूद लोगों के प्रति ही जवाबदेह हैं और उन्होंने टी-20 विश्व कप में भारत की खिताबी जीत वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ को समर्पित की. बकौल गंभीर:
मेरी जवाबदेही सोशल मीडिया पर लोगों के लिये नहीं है. मेरी जवाबदेही उन 30 लोगों के लिये है जो चेंज रूम में हैं. कोच टीम से बनता है. खिलाड़ियों ने मुझे वह कोच बनाया, जो मैं हूं. मैं यह ट्रॉफी राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण को समर्पित करता हूं. राहुल भाई को भारतीय टीम को इस मुकाम तक लाने के लिए और लक्ष्मण को सीओई में खिलाड़ियों की पाइपलाइन बनाने के लिए.
ये तो न्यूजीलैंड की शर्मनाक हार है
भारत ने अपने बैटर्स के दमदार खेल के बूते टॉस गंवाने के बावजूद पांच विकेट पर 255 रन बनाए. अभिषेक ने 21 गेंद में 52 रन बनाये जबकि सैमसन ने 46 गेंद में 89 रन की पारी खेली. बाद में जसप्रीत बुमराह ने चार ओवर में 15 रन देकर चार विकेट चटकाते हुए साबित कर दिया कि उनका कोई सानी नहीं. न्यूजीलैंड की टीम फाइनल में 19वें ओवर में 159 रन पर ही सिमट गई और भारत ने 96 रन के बड़े अंतर से टाइटल अपने नाम किया.
वर्ल्ड कप ट्रॉफी के साथ टीम इंडिया
सूर्या ने की गौतम गंभीर की तारीफ
फाइनल की ऐतिहासिक जीत के बाद रखी गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में हेड कोच गंभीर के साथ सूर्या भी पहुंचे थे. सूर्यकुमार ने कहा, ‘मैंने गौतम गंभीर की कप्तानी में चार साल खेला (केकेआर के लिए). हमारे बीच कभी बहस नहीं हुई क्योंकि साझा लक्ष्य टीम को जिताना था. हमारी दोस्ती ऐसे ही हुई. वह दो कदम चले और मैं दो कदम. मैं यह नहीं कहूंगा कि सफेद गेंद का यह भारत का दौर है. ऐसा होता तो हम पिछली तीन में से दो वनडे श्रृंखला नहीं हारते. मैने भरोसे पर टीम चुनी. उम्मीद पर नहीं.’