पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को जवाब देने को लेकर देश में बैठकों का दौर जारी है। इस क्रम में 7 मई को देशभर में मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए भीषण आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने सुरक्षा तैयारियों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। गृह मंत्रालय ने देश के कई राज्यों को 7 मई को व्यापक नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए जिलों और शहरों की लिस्ट जारी कर दी गई है। लिस्ट में आगे बदलाव हो सकता है। दिल्ली में दो स्थान दिल्ली कैंट और नई दिल्ली में मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा।
सभी राज्यों को भेजा सर्कुलर
सभी राज्यों एवं केंद्र-शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को गृह मंत्रालय की ओर से भेजे गए सर्कुलर में कहा गया है कि ‘मॉक ड्रिल’ के दौरान किए जाने वाले उपायों में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन का संचालन, नागरिकों को ‘किसी भी हमले’ की सूरत में खुद को बचाने के लिए सुरक्षा पहलुओं पर प्रशिक्षण देना और बंकरों एवं खाइयों की साफ-सफाई शामिल है।
देश में मॉक ड्रिल कहाँ कहाँ होगी देखिए जिलेवार लिस्ट
| राज्य | जिले |
| राजस्थान | कोटा, रावत-भाटा, अजमेर, अलवर, बाड़मेर, भरतपुर, बीकानेर, बूंदी, गंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, जैसलमेर, जोधपुर, उदयपुर, सीकर, नाल, सूरतगढ़, आबू रोड, नसीराबाद (अजमेर), भिवरी, फुलेरा (जयपुर), नागौर (मेड़ता रोड), जालोर, बेवर (अजमेर), लालगढ़ (गंगानगर) |
| उत्तर प्रदेश (UP) | बुलन्दशहर (नरौरा), आगरा, इलाहाबाद, बरेली, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा, मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर, वाराणसी, बख्शी-का-तालाब, मुगलसराय, सरसावा, बागपत, मुजफ्फर नगर |
| हरियाणा | अंबाला, हिसार, फरीदाबाद, गुड़गांव, पंचकूला, पानीपत, रोहतक, सिरसा, सोनीपत, यमुनानगर, झज्झर |
| गुजरात | सूरत, वडोदरा, अहमदाबाद, जामनगर, गांधीनगर, भावनगर, ककरापुर, कांडला, नलिया, अंकलेश्वर, ओखा, वडिनार, भरूच, दंग्स, कच्छ, मेहसाना, नर्मला, नवसारी |
| जम्मू-कश्मीर | अनंतनाग, बडगाम, बारामूला, डोडा, जम्मू, कारगिल, कठुआ, कुपवाड़ा, लेह, पूंछ, राजौरी, श्रीनगर, उद्यमपुर, संब, अखनूर, उरी, नौशेरा, सुंदरबनी, अवंतीपुर, पुलवामा |
| पंजाब | अमृतसर, भटिंडा, फिरोजपुर, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, पठानकोट, अजनामपुर, बरनाला, भाखड़ा-नांगल, हलवारा, कोठकापुर, बटाला, मोहाली (सासनगर), अबोहर, फरीदपुर, रोपड़, संग्रूर |
| ओडिशा | तालचेर, बालासोर, कोरापुट, भुवनेश्वर, गोपालपुर, हीराकुंड, पारादीप, राउरकेला, भद्रक, ढेंकनाल, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा |
| बिहार | बरौनी, कटिहार, पटना, पूर्णिया, बेगूसराय |
| असम | बोंगाईगांव, डिब्रूगढ़, धुबरी, गोलपारा, जोरहाट, सिबसागर, तिनसुकिया, तेजपुर, डिगबोई, डिलियाजान, गुवाहाटी (डिसपुर), रंगिया, नामरूप, नाजिरा, नॉर्थ-लखीमपुर, नुमालीगढ़, डारंग, गोलाघाट |
| झारखंड | बोकारो, गोमियो, गोड्डा, साहेबगंज |
| अरुणाचल प्रदेश | इटानगर, तवांग, हायूलिंग |
| पश्चिम बंगाल | कूचबिहार, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, दुर्गापुर, ग्रेटर कोलकाता, हल्दिया, हाशिमारा, खरगपुर, आसनसोल, फरक्का, चितरंजन, बालुरघाट, अलीपुरद्वार, इस्लामपुर, दिनहाटा, मेखलीगंज, माथाभांगा, कलिंपोंग, जलढाका, कुर्सियांग, कोलाघाट, बर्धमान, बिरभूम, पूर्व मेदनीपुर, हावड़ा, हुगली, मुर्शिदाबाद |
| मध्यप्रदेश | भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, कटनी |
| गोवा | नॉर्थ गोवा, साउथ गोवा |
| महाराष्ट्र | मुंबई, तारापुर, ठाणे, पुणे, नासिक, पिंपरी चिंचवाड, औरंगाबाद, भुसावल, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग |
| लक्षद्वीप | लक्षद्वीप |
| कर्नाटक | बेंगलुरु, मल्लेश्वर, रायचूर |
| केरल | कोचीन, तिरुवंतपुरम |
| मेघालय | ईस्ट खासी हिल्स, जैंतिया हिल, वेस्ट गारो हिल्स |
| मणिपुर | इंफाल, चुराचांदपुर, उखरूल, मोरेह, निगंथौ-खौंग |
| चंडीगढ़ | चंडीगढ़ |
| छत्तीसगढ़ | दुर्ग (भिलाई) |
| दादरा और नगर हवेली | दादरा (सिलवासा) |
| दमन और दीव | दमन |
| पुडुचेरी | पुडुचेरी |
| हिमाचल प्रदेश | शिमला |
| दिल्ली | नई दिल्ली और दिल्ली छावनी |
| अंडमान-निकोबार | पोर्टब्लेयर |
| आंध्र प्रदेश | हैदराबाद, विशाखापत्तनम |
| त्रिपुरा | अगरतल्ला |
| उत्तराखंड | देहरादून |
अन्य उपायों में दुर्घटना की स्थिति में ‘ब्लैकआउट’ के उपाय, महत्वपूर्ण संयंत्रों और प्रतिष्ठानों की रक्षा तथा निकासी योजनाओं को अद्यतन करना एवं उनका पूर्वाभ्यास करना शामिल है। ‘मॉक ड्रिल’ में वायुसेना के साथ हॉटलाइन और रेडियो-संचार लिंक का संचालन, नियंत्रण कक्षों और छाया नियंत्रण कक्षों की कार्यक्षमता का टेस्ट भी शामिल है।
मॉक ड्रिल में क्या-क्या होगा?
मॉक ड्रिल के तहत महत्वपूर्ण गतिविधियां की जाएंगी। इस दौरान एयर रेड वार्निंग सायरनों का संचालन होगा। यह बड़े खतरे और दुश्मन की गतिविधियों को लेकर अलर्ट जारी करने से जुड़ा कदम है। नागरिकों और छात्रों को संभावित हमलों की स्थिति में खुद को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक नागरिक सुरक्षा तकनीकों का ट्रेनिंग दी जाएगी। क्रैश ब्लैकआउट की व्यवस्था की जाएगी। इसके तहत दुश्मन की हवाई निगरानी या हमले से शहरों और ढांचों को छिपाने के लिए इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू किया जाएगा।

