अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि उनका देश भारत और पाकिस्तान पर नजर बनाए हुए है। उनका यह बयान तब आया है, जब अमेरिका, रूस और यूक्रेन में संघर्ष विराम कराने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है। हालांकि, अमेरिका को अभी तक आपेक्षित सफलता नहीं मिली है।

अमेरिका विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि उनका देश भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने यह भी कहा कि संघर्ष विराम को बनाए रखना बहुत मुश्किल है। उनका यह बयान तब आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार भारत-पाकिस्तान युद्ध विराम का क्रेडिट लेने की कोशिशें कर रहे हैं। ट्रंप ने कम से कम 35 बात भारत-पाकिस्तान युद्ध विराम कराने का दावा किया है, हालांकि, भारत ने हर बार ट्रंप के दावे को खारिज किया है। कहा जा रहा है कि ट्रंप इसे लेकर भारत से नाराज हैं।
मार्को रुबियो ने क्या कहा
अमेरिकी मीडिया NBC से बात करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, “जब आप शत्रुता के बीच हों, तो बातचीत करना जरूरी है। लेकिन, युद्धविराम का एकमात्र तरीका यह है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गोलीबारी बंद करने पर सहमत हों। और रूस अभी तक इस पर सहमत नहीं हुआ है। इसके अलावा, मैं कहूंगा कि युद्धविराम की एक जटिलता यह है कि इसे बनाए रखना जरूरी है, जो बहुत मुश्किल है। मेरा मतलब है, हम हर दिन पाकिस्तान और भारत के बीच, कंबोडिया और थाईलैंड के बीच क्या हो रहा है, इस पर नजर रखते हैं। युद्धविराम बहुत जल्दी टूट सकते हैं।”
अमेरिका की कोशिश रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष विराम कराने की है। इसके लिए ट्रंप प्रशासन ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस युद्ध विराम के लिए मोर्चा संभाले हुए हैं। उन्होंने अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक की है। इस बीच अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने दावा किया है कि पुतिन यूक्रेन को नाटो जैसी सुरक्षा गारंटी देने के अमेरिका के प्रस्ताव से सहमत हैं।