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 गुजरात में गलत बयानी क्यों कर रहे हैं, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

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एस पी मित्तल,अजमेर

सब जानते हैं कि जोधपुर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का गृह जिला है। 30 अगस्त को गहलोत जोधपुर के दौरे पर रहे। एक समारोह में गहलोत ने स्वीकार किया कि जोधपुर की सड़कों की हालत बहुत खराब है। गहलोत ने अधिकारियों से कहा कि जब मुख्यमंत्री के गृह जिले की सड़कों की हालत ऐसी है तो फिर अन्य जिलों के हालातों का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसमें कोई दो राय नहीं कि प्रदेश भर की सड़कों की हालत खराब है। संबंधित विभागों में आपसी तालमेल भी नहीं है। आए दिन शहरी क्षेत्रों में दुर्घटनाएं हो रही है। बुजुर्ग नागरिकों का तो सड़क पर चलना मुश्किल है। यह अच्छी बात है कि सीएम गहलोत ने टूटी फूटी सड़कों की सच्चाई को सार्वजनिक तौर पर स्वीकार किया है। लेकिन सवाल उठता है कि राजस्थान की सड़कों को लेकर गहलोत गुजरात में गलत बयानी क्यों कर रहे हैं? गहलोत कांग्रेस पार्टी की ओर से गुजरात में सीनियर आब्र्जवर नियुक्त हैं। इस नाते गहलोत ने गत 24 अगस्त को अहमदाबाद के सर्किट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें स्वयं की सरकार की अनेक उपलब्धियां गिनाई। इन उपलब्धियों में राजस्थान की सड़कों की जमकर प्रशंसा की गई। गहलोत ने राजस्थान की सड़कों को गड्ढा विहीन बताया। जो अशोक गहलोत 24 अगस्त को गुजरात में राजस्थान की सड़कों की तारीफ कर रहे थे, वहीं अशोक गहलोत 6 दिन बाद 30 अगस्त को अपने गृह जिले की सड़कों को टूटी फूटी बता रहे हैं। जाहिर है कि सड़कों के मुद्दे पर गहलोत गुजरात में गलत बयानी कर रहे हैं।

झारखंड में गहलोत फार्मूला:

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अब अशोक गहलोत का फार्मूला काम में ले रहे हैं ताकि अपनी सरकार को बचा सके। मुख्यमंत्री रहते हुए स्वयं के नाम से ही खान का पट्टा आवंटित करवाने के मामले में चुनाव आयोग ने सोरेन की विधानसभा की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की है। इस सिफारिश पर अभी राज्यपाल को निर्णय लेना है। लेकिन विधायकों के बिक जाने की आशंका के मद्देनजर हेमंत सोरेन सभी 41 विधायकों को कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ राज्य में ले गए हैं। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की एक पांच सितारा होटल में सभी विधायकों को सुरक्षित रखा गया है। जिस होटल में ये विधायक बंद हैं उस होटल के बाहर छत्तीसगढ़ पुलिस का कड़ा पहना है। इन विधायकों को रांची से विशेष विमान रायपुर लाया गया। ये विधायक कब तक होटल में बंद रहेंगे इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। मालूम हो कि विधायकों को होटलों में बंद रखने का फार्मूला राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लागू किया था। कांग्रेस और सहयोगी दलों के सौ विधायक 35 दिनों तक जयपुर और जैसलमेर की होटलों में बंद रहे थे। गहलोत ने यह फार्मूला तब लागू किया, जब सचिन पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस के 18 विधायक दिल्ली चले गए थे। तब भी गहलोत की सरकार को अपने ही विधायकों के बिक जाने की आशंका थी।

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