अमेरिका पर कर्ज का पहाड़ है। उसका कर्ज दुनिया की टेंशन बनता जा रहा है। नौबत यह आ गई है कि चीन जैसे देशों ने अमेरिकी ट्रेजरी (बॉन्ड) होल्डिंग को घटाना तक शुरू कर दिया है। यह विश्वास में कमी का संकेत है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रफ्तार भी चींटी की चाल से आगे बढ़ रही है। इसके उलट इन सभी पैमानों भारत अमेरिका से बहुत बेहतर स्थिति में है। उसका कर्ज कंट्रोल में है। अर्थव्यवस्था दौड़ रही है। महंगाई पर भी अंकुश लगा हुआ है। लेकिन,अमेरिका के मुकाबले भारत की सॉवरेन रेटिंग कहीं कम है। यह ग्लोबल रेटिंग एजेंसियों के पक्षपात की तरफ इशारा करता है। भारत इस मुद्दे को लगातार उठाता रहा है। हाल में S&P ग्लोबल ने भारत की सॉवरेन रेटिंग बढ़ाई है। ऐसा 18 साल बाद किया गया। वहीं, एक अन्य रेटिंग एजेंसी फिच ने उसकी रेटिंग को पहले की तरह बनाए रखा।
दुनिया की तीन सबसे बड़ी और प्रभावशाली रेटिंग एजेंसियां अमेरिका की हैं। इनमें फिच रेटिंग्स, एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स और मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस शामिल हैं। इन तीनों के मुख्यालय न्यूयॉर्क में हैं। अमेरिका पर बेपनाह कर्ज होने के बावजूद इन्होंने अमेरिकी सॉवरेन रेटिंग को हाईग्रेड में बनाए रखा है।
भारत की तुलना में अमेरिका पर बहुत ज्यादा कर्ज
अमेरिका का डेट-टू-जीडीपी रेशियो 125% है। यह भारत के 56.10% के मुकाबले बहुत ज्यादा है। इसका मतलब है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर उसकी वार्षिक जीडीपी की तुलना में काफी ज्यादा कर्ज है। वहीं, भारत का कर्ज प्रबंधन बेहतर स्थिति में दिखता है। अमेरिका का कुल कर्ज भी भारत के मुकाबले बहुत ज्यादा है। उसका कुल कर्ज 3021 लाख करोड़ रुपये है। जबकि भारत का कुल कर्ज 182 लाख करोड़ रुपये है।
इकनॉमिक ग्रोथ की दूर-दूर तक नहीं तुलना
वहीं, रियल जीडीपी ग्रोथ में दोनों देशों की कोई तुलना नहीं है। इस मामले में भारत अमेरिका से काफी आगे है। भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.50% है। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में भी जीडीपी ग्रोथ में जोरदार तेजी दर्ज की गई है। पिछली पांच तिमाही में यह सबसे ज्यादा 7.8% रही है। अमेरिका की ग्रोथ सिर्फ 3% के आसपास है। भारत और अमेरिका दोनों में महंगाई दर लगभग बराबर है।
भारत Vs अमेरिका की अर्थव्यवस्था की तुलना
| डेट-टू-जीडीपी | 56.10% | 125% |
| कुल कर्ज (लगभग) | 182 लाख करोड़ रुपये | 3021 लाख करोड़ रुपये |
| आंतरिक कर्ज | 176 लाख करोड़ रुपये | 2324 लाख करोड़ रुपये |
| बाहरी कर्ज | 6.2 लाख करोड़ रुपये | 747 लाख करोड़ रुपये |
| वास्तविक जीडीपी ग्रोथ | 6.50% | 3% |
| महंगाई | 3.30% | 3.10% |
| रेटिंग | BBB- | AA+ |
…पर भारत की रेटिंंग बहुत कम
हर प्रमुख पैमाने पर अमेरिका से बेहतर होने के बावजूद क्रेडिट रेटिंग के मामले में अमेरिका की रेटिंग टॉप ग्रेड AA+ है। यह भारत की BBB- रेटिंग से बेहतर है। यह दर्शाता है कि निवेशकों की नजर में अमेरिकी अर्थव्यवस्था अधिक स्थिर और कम जोखिम वाली है, भले ही उसका कर्ज ज्यादा है।

