कांग्रेस में इन दिनों कुछ भी सही नहीं चल रहा है. पहले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा और पंजाब में सियासी उठापठक जारी है. अभी पंजाब में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पार्टी विधायक नवजोत सिंह सिद्धू के बीच जारी सियासी घमासान अभी शांत भी नहीं हुआ है. वहीं दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है. छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सामने खड़े हैं उनकी पार्टी के विधायक व स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव. मीडिया रिपोटर्स के मुताबिक, 16 दिसंबर 2018 को जब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम का ऐलान हुआ था तो वह एक फार्मूले के तहत किया गया था. इसमें छत्तीसगढ़ में सीएम पर ढाई-ढाई साल का फार्मूला लाया गया था. रिपोटर्स के मुताबिक, पहले ढाई साल भूपेश बघेल इस पद पर काबिज रहेंगे और बाद के ढाई साल टी एस सिंहदेव मुख्यमंत्री पद पर काबिज होंगे. हालांकि इस बात में कितनी सच्चाई है ये तो 17 जून को पता चलेगा लेकिन इससे पहले ही वहां की राजनीति इन दिनों गरमा गई है.
क्या कहना है टीएस सिंहदेव का…
ढाई साल के फार्मूले को लेकर बोले टीएस सिंहदेव ने शुक्रवार को कहा कि चटपटी चर्चा है चलने दीजिए. राजनीति में लिखित में एग्रीमेंट नहीं होता है, व्यवहारिकता की बातें होती है. जय चंद्राकर के ट्वीट पर सिंहदेव ने कहा कि छत्तीसगढ़ पंजाब नही है. छत्तीसगढ़ अपने हिसाब से चलेगा. हाई कमान के मार्गदर्शन में साथ में काम करते रहेंगे. 17 जून तो आ ही रहा है. शीर्ष नेतृत्व जैसा जिम्मेदारी देगा निभाते रहेंगे.
इससे पहले क्या बोले थे छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री
कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने गुरुवार को कहा था कि छत्तीसगढ़ सरकार में मुख्यमंत्री का कार्यकाल ढाई-ढाई साल करने का ना तो कोई फार्मूला है, ना ऐसी कोई चर्चा है और ना ऐसा कुछ होने वाला है. चौबे ने आगे कहा कि कांग्रेस की सरकार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में अपना कार्यकाल पूरा करेगी. वे सरकार का मुख्य चेहरा हैं और उनके नेतृत्व में सरकार 20 साल से ज्यादा राज करेगी.
ढाई-ढाई साल के कथित फॉर्मूले पर बघेल ने दिया था यह जवाब
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हाल में प्रदेश के नेताओं की बयानबाजी पर तो अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन 12 दिसंबर 2020 को जब मुख्यमंत्री पद के ढाई-ढाई साल के कथित फॉर्मूले को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सवाल पूछा गया था. तब उन्होंने कहा था कि आलाकमान के निर्देश पर वह तत्काल इस्तीफा दे देंगे. बघेल ने कहा था कि अभी मैं आपसे बात कर रहा हूं और आलाकमान का निर्देश आता है कि इस्तीफा दे दो तो मैं इस्तीफा दे दूंगा. (पार्टी) हाईकमान के निर्देश पर यह जिम्मेदारी मैंने ली है. हाईकमान बोले तो मैं तत्काल इस्तीफा दे दूंगा. उन्होंने दावा किया कि उन्हें इस पद का मोह नहीं है. उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है उस पद का वह निर्वहन कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि इस प्रकार से गलतफहमी पैदा करने वाले लोग प्रदेश का हित नहीं कर रहे हैं. बघेल ने कहा कि जिन लोगों को छत्तीसगढ़ का विकास होते हुए देखने में तकलीफ हो रही है, वह लोग इस प्रकार की बातें कह रहे हैं.
क्या है पंजाब में कांग्रेस सरकार के हाल?
पंजाब कांग्रेस में चल रहे सियासी ड्रामे के बीच शुक्रवार को सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दिल्ली में पार्टी पैनल से मुलाकात की. करीब तीन घंटे तक चली इस मीटिंग के बाद जब कैप्टन बाहर आए तो उन्होंने मीडिया को जानकारी देने से यह कह कर इनकार कर दिया कि यह पार्टी का इंटरनल मैटर है. इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष और नवजोत सिंह सिद्धू समेत करीब 25 विधायक और मंत्री कांग्रेस के आलाकमान के पैनल से मिल चुके हैं. बागियों ने अपनी ही सरकार पर जनता से वादा खिलाफी के आरोप लगाए हैं. चंडीगढ़. पंजाब के पूर्व मंत्री व फायर ब्रांड नेता नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस हाईकमान की कमेटी के समक्ष पेश हुए थे.





