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क्या अशोक गहलोत सरकार से जवाब तलब किया जाएगा?

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जन्म दिन मनाने के लिए प्रियंका गांधी दो दिन राजस्थान के रणथम्बौर पर्यटन स्थल पर रहीं और दोनों ही दिन मासूम बालिकाओं के साथ दरिंदगी की घटनाएं हुई।
प्रियंका गांधी से मिलने के लिए बड़ी संख्या में बालिकाएं रणथम्बौर पहुंची।

एस पी मित्तल, अजमेर

कांग्रेस शासित राज्यों में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी का कितना रुतबा है, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि 5 जनवरी को फिरोजपुर में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई लापरवाही के प्रकरण में पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रियंका गांधी को रिपोर्ट की। कांग्रेस शासित राज्यों में इतना रुतबा रखने वाली प्रियंका गांधी ने 11 व 12 जनवरी को अपना जन्मदिन राजस्थान के पर्यटनस्थल रणथम्बौर में मनाया। राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांगे्रस सरकार ने प्रियंका गांधी और उनके परिवार के सदस्यों की सुख सुविधा का पूरा ख्याल रखा। लेकिन इसे दुर्भाग्यपूर्ण ही कहा जाएगा कि राजस्थान में 11 व 12 जनवरी को बालिकाओं के साथ दरिंदगी के मामले भी उजागर हुए।

11 जनवरी को भरतपुर में गैंगरेप की शिकार नाबालिग ने बदनामी से बचने के लिए जहर खाकर आत्महत्या कर ली। वहीं अलवर के शहरी क्षेत्र में एक 15 वर्षीय बालिका के साथ दिल्ली की निर्भया जैसी दरिंदगी की गई। गैंग रेप के बाद बालिका के गुप्तांगों में नुकली चीज डाल कर जख्म कर दिए गए। गंभीर और दर्दनाक बात यह है कि बालिका मूक बधिर है। यह बालिका अब जयपुर के जेके लोन अस्पताल में मौत के साथ संघर्ष कर रही है। प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश के चुनाव के मद्देनजर महिला सुरक्षा को मुद्दा बना कर लड़की हंू, लड़ सकती हंू का नारा दे रखा है। उम्मीद की जानी चाहिए कि प्रियंका गांधी राजस्थान की ताजा घटनाओं पर भी अशोक गहलोत सरकार से जवाब तलब करेंगी। प्रियंका गांधी पर्यटन स्थल रणथम्बौर में अपना जन्म दिन मनाएं यह अच्छी बात है, लेकिन उन्हें अपनी पार्टी के राजस्थान में बिगड़ी कानून व्यवस्था की स्थिति पर भी चिंता दिखानी चाहिए। राजस्थान में गृह मंत्री का प्रभार मुख्यमंत्री गहलोत के पास ही है। ऐसे में बालिकाओं के साथ हो रही घटनाओं को लेकर सीएम गहलोत की जवाबदेही और बढ़ जाती है। दोनों ही मामलों में आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलवानी चाहिए। गैंगरेप के बाद कोई बालिका आत्महत्या कर ले, इससे बड़ी अपराध की कोई घटना नहीं हो सकती। जाहिर है कि वारदात के बाद पीडि़ताओं को ही परेशान होना पड़ रहा है।

बालिकाएं पहुंची:

बताया जा रहा है कि 13 जनवरी को भी कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी रणथम्बौर में ही हैं। प्रियंका की मौजूदगी को देखते हुए भाजपा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में बालिकाएं रणथम्बौर पहुंच गई है। हालांकि पुलिस ने सांसद मीणा और उनके साथ आई बालिकाओं को बीच रास्ते में ही रोक दिया है, लेकिन सांसद मीणा का कहना है कि राजस्थान में बालिकाओं के साथ हो रही दरिंदगी की ओर ध्यानआकर्षित करने के लिए प्रियंका गांधी से मिलकर ही जाएंगे। अलवर की दरिंदगी को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने एक जांच कमेटी का भी गठन किया है। इस कमेटी में भाजपा की राष्ट्रीय सचिव अलका सिंह गुर्जर, सांसद जसकौर मीणा, महिला मोर्चे की प्रदेश अध्यक्ष अलका मूंदड़ा, विधायक रामलाल शर्मा और जीतेंद्र गोठवाल शामिल हैं। इन सभी ने 13 जनवरी को जयपुर के जेके लोन अस्पताल में पहुंचकर पीडि़ता के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली है। भाजपा की यह कमेटी भी प्रियंका गांधी से मिलने के लिए रणथम्बौर पहुंच गई है।

 

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