इंदौर
वर्ष 2014 में इंदौर चिड़ियाघर में लाए भोपाल से यलो टाइगर ‘बी-1’ की मौत हो गई है। B1 की मौत शनिवार शाम 4:00 बजे के लगभग हुई थी। उसकी उम्र 17 साल 6 महीने थी। जू प्रभारी का कहना है कि टाइगर अपनी औसत उम्र पार कर चुका था, लेकिन पोस्टमार्टम के बाद ही कुछ साफ हो पाएगा। वही बी 1 को पोस्टमार्टम के बाद जू में दफनाया जाएगा।
इंदौर में हुआ था नया प्रयोग
पहली बार इंदौर जू में टाइगर की दो अलग-अलग नस्लों की जोड़ी बनाई जा रही है। 7 साल पहले कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में सफेद बाघिन के साथ ये लो टाइगर बी-वन के साथ जोड़ी बनाई थी। इसके तीन माह बाद सफेद बाघिन ने 5 येलो टाइगर को जन्म दिया था।
लेकिन इस प्रयोग के बाद सफेद बाघिन ‘दीया’ और येलो टाइगर बी-1 से जन्मे 3 शावक की भी मौत हो गई थी । जू प्रभारी उत्तम का का कहना था, कि एक अलग क्रॉस ब्रिड के लिए यह प्रयोग किया गया था लेकिन अमूमन भाग दो से तीन शावकों को जन्म देते हैं, लेकिन 2015 में जो प्रयोग हुआ था उसमें 5 बच्चों को जन्म दिया था, जिसमें 3 बच्चों की मौत हुई थी
14 बाघ हैं इस समय जू में
इंदौर जू में इस समय 14 की संख्या में बाघ-बाघिन और उनके शावक हैं। वहीं, शेरों का कुनबा एक बार फिर बढ़कर 13 पर पहुंच गया है।

