अग्नि आलोक

आखिर क्या है, कौन है जो तुम्हें रोक रहा है? 

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हितेश एस वर्मा

2014 के पहले देखा गया की पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़ती थी तब स्मृति ईरानी सड़क पर उतर कर नौटंकी किया करती थी. भ्रष्टाचार और महंगाई के खिलाफ अन्ना हजारे ने मजमा लगा दिया था, नितिन गडकरी मंच पर बेहोश हो जाते थे !! 
आज हमें क्या रोक रहा है जनहित के मुद्दों पर लड़ने से ?धूप, धूल, कुछ खोने का डर, आपकी कोई कमजोरी, आपका कोई केस ? क्या ? और इस पर ये बहाना की मीडिया कवर नहीं करती !! कांग्रेस सरकार के समय ऐसे कई वाकए हुए, जब भाजपाई कुछ ऐसा कर गए की मीडिया ने कवर भी किया और उस पर चर्चा भी हुई.


शर्म आना चाहिए उस प्रत्येक जनप्रतिनिधि को जो बढ़ती हुई महंगाई पर कुछ नहीं करने को तैयार, किंतु सत्ता आते ही मलाई खाने आ जाते हैं. बाबा रामदेव ने तब कहा था की भाजपा सरकार 40 रुपए में पेट्रोल और 300 रूपये में गैस सिलेंडर देगी, जिस पर बाबा के अनुयाइयों सहित बाकी जनता ने भी थोक में भाजपा को वोट दिए.


उसी बाबा से पत्रकार जब इस विषय पर सवाल पूछते हैं तो वह उन्हें डरा धमका कर हड़काता है. आज क्यों नहीं ऐसे पाखंडियों के मुंह पर कालिख पोती जाती, स्मृति ईरानी 66 रूपये पेट्रोल होने पर, कांग्रेस पीएम को चूड़ियां भेंट कर सकती है, तो तुम वर्तमान तानाशाह को 110 रुपए पेट्रोल होने पर नथ भेजने में इतना क्यों सोच रहे हो ?
अरे मीडिया को यदि टीआरपी चाहिए तो आप क्यों नहीं दे सकते, आखिर ऐसा क्या है जो आपको रोक रहा है ?मेरा उन सभी से निवेदन है, जिनके पास खोने को कुछ नहीं, जिनको किसी से कोई डर नहीं, जिन्हें अपनी नहीं अपने परिवार की, अपने समाज की चिंता हो, वे निर्भीक होकर सड़कों पर निकलें.
हितेश एस वर्मा

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