
सुसंस्कृति परिहार
गुजरात माडल की जुगल जोड़ी वाकई अद्भुत रही है उनका कोई सानी नहीं। अपराध और तिलस्म का ऐसा सुंदर गठजोड़ शायद ही कहीं हो।सम्मोहन क्षमता यूं जैसे किसी कथा प्रवचन में अटूट भीड़ जुटती है। देश की जनता आज जिस बुरे दौर से गुजर रही है उसमें भी यह मोहक चेहरे आज भी भीड़ जुटा लेते हैं भले ही इसका इंतज़ाम उनकी सरकार करती हो।झूठ की इतनी ताकत शायद ही कभी देखी गई एक लोकतांत्रिक गणराज्य में।
कभी किसी ने सोचा भी नहीं था कि एक अदद अडानी के व्यापार को चमक देने उसे दुनियां का नं 2 उद्यमी बनाने ग़रीब जनता के अरबों रुपए मिटाकर अडानी के साथ दुनिया भर में शताधिक देशों की राजनैतिक यात्राएं की गईं।पहले जब भी राहुल गांधी ने इसके खिलाफ आवाज उठाई तो देशवासियों को बताया जाता रहा वह तो अभी पप्पू है।लोग मान भी लिए यहां तक कांग्रेसियों ने भी राहुल को समझने की बजाय उसके खिलाफ अलगाव का षड्यंत्र भी रच डाला था।कोरोना त्रासदी की सूचना भी राहुल ने सरकार को सबसे पहले दी।तब भी जुगल जोड़ी नमस्ते ट्म्प और मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार गिराने में लगी रही।एक सदी की बड़ी त्रासदी को इन्होंने गंभीरता से नहीं लिया लाखों मर गए पर अपने नाम का डंका वैक्सीन के नाम का पीटते रहे।इसी दौर में आपदा को अवसर बनाते हुए भाजपाई उद्योगपतियों का व्यापार खूब चमका।
उधर चीन ने हमारी ज़मीन पर सर्वसुविधायुक्त गांव बसा लिए। राहुल चीखते रहे उनका सांसद अरुणांचल भी सदन में बोला पर उनके कान में जूं तक नहीं रेंगी।उल्टे कहा गया ना चीन घुसा है ना घुस सकता है हमारी सीमाएं सुरक्षित हैं।तब इस बयान को सेना का अपमान बताकर वाहवाही लूटी गई।चीन से सूत्र बता रहे हैं इस बार ई वी एम सैंटिग का सहयोग मिलने वाला है। इसलिए चीन के सामने देश की कमज़ोर स्थिति बताने का शर्मनाक बयान भी आया था।
कश्मीर में धारा 370 हटाने बेताबी में राज्यपाल को जनता का प्रतिनिधि बनाकर जनता का मखौल उड़ाया गया।यह निर्णय संविधान के अनुसार वहां की चुनी हुई सरकार को लेना था।आतंक के साए में वहां के नेताओं को रखा आज वे सब एक हैं लेकिन आज तक वहां विधानसभा चुनाव की घोषणा नहीं। कश्मीरी पंडितों की हत्याएं हो रही हैं उनका केंद्र सरकार से मोहभंग हुआ है।
इसी कश्मीर में इसी जुगल जोड़ी से पारिवारिक रिश्ते रखने वाले गुजराती भाई किरण पटेल की जो हरकतें सामने आईं हैं वह सुरक्षा एजेंसियों के मुख पर तमाचा है खुद को PMO (प्रधानमंत्री कार्यालय) का एडिशनल डायरेक्टर बताने के आरोपी किरण पटेल (Kiran Patel) को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अहमदाबाद (गुजरात) के रहने वाले किरण भाई पटेल के खिलाफ आईपीसी की धारा 419,420,467,468 और 471 का मामला दर्ज किया गया है। उनके पास से दस फर्जी विजिटिंग कार्ड और और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
किरण पटेल ने कश्मीर में खुद को पीएमओ का एडिशनल डायरेक्टर बताया था। वह वहां सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की निगरानी में घूम रहे थे। उन्हें हाई सिक्योरिटी और बुलेटप्रूफ गाड़ी भी मिली थी। हालांकि उनकी पोल खुल गई। अक्टूबर 2022 से कश्मीर में वीआईपी ट्रीटमेंट का लाभ उठा रहे किरण पटेल को 3 मार्च, 2023 को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद किरण पटेल ने पुलिस के सामने अपना अपराध कुबूल किया था किरण भाई पटेल गुजराती मीडिया में अक्सर चर्चा में रहते हैं।
इंडिया टुडे ग्रुप की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें गुजरात भाजपा का नेता माना जाता है। वह अक्सर भाजपा कार्यालय में देखे जाते हैं। हालिया मामले के बाद किरण पटेल की मेनस्ट्रीम मीडिया में भी खूब चर्चा है। किरण पटेल पर पहले भी धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। गुजरात पुलिस ने उन्हें और उनके भाई मनीष पटेल को 78 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पकड़ा भी था। ऐसे ऐसे ठगों से जुगल जोड़ी का याराना है।
इसी तारतम्य में आज की घटना का ज़िक्र जरुरी हो जाता है जब दिल्ली पुलिस राहुल गांधी के घर पहुंच कर उनके भाषण में यौन हिंसा से पीड़ित महिलाओं के डिटेल पूछने दल बल के साथ जाती है तो इसका लक्ष्य साफ़ नज़र आता है यह महिलाओं के प्रति सदेच्छा नहीं वरना बदले की भावना के साथ साथ राहुल को परेशान करने लगती है।यदि इतनी ही उन महिलाओं की चिंता होती तो दिल्ली पुलिस तत्काल ऐक्शन लेती 45 दिन बाद यह कार्रवाई क्यों दूसरी बात यह भाषण में राहुल गांधी ने कहा कि वे पुलिस के पास नहीं जाना चाहती सिर्फ मुझे बताना चाहती हैं तब दिल्ली पुलिस के पहुंचने का तिलिस्म बिना जुगल जोड़ी के आदेश के कैसे संभव है। दिल्ली पुलिस इतनी उदार तो नहीं है।तीसरी बात नोटिस 16को रिसीव होता 3500 कि भी की यात्रा में यौन शोषण की घटनाओं का ब्यौरा दो दिन में कैसे पूरा किया जा सकता है।
दरअसल सारी मशक्कत अडानी मामले से जनता जनार्दन को दूसरी बातों की ओर ढकेलना ही है।वे सवालों से डर गए हैं। उनके सारे झूठ बोलने लगे हैं विदेशी मीडिया उनकी पोल पट्टी खोलने में लगी है। सोशल मीडिया विपक्ष का हथियार बन चुका है उनका करिश्मा अब टांय टांय फिस्स हो रहा है।इतने बड़े ठगों से निपटने का जो माद्दा राहुल गांधी जो स्वयं खानदानी गुजराती हैं, दिखाया है उससे लगता है महात्मा गांधी की तरह ही देश में घुसे शत्रुओं से देश को निज़ात दिलाने में उनकी बड़ी भूमिका रहेगी गुजरात के इन ठगों से विमुक्त होकर देश महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के पथ पर चलेगा।