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*आयुर्वेद में चर्म रोग का विश्लेषण व निदान*

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आयुर्वेद के अनुसार, केलॉइड पित्त और कफ दोष की असामान्यता के कारण होता है। यह त्वचा की अधिवृद्धि और त्वचा ऊतकों में असंतुलन को दर्शाता है।

3-आयुर्वेदिक उपचार —–

 हर्बल औषधियां ——

(1) कांचनार गुग्गुल ——

 * उपयोगी —-गांठ और त्वचा विकारों को कम करने में उपयोगी।

* सेवन —– 1-2 टैबलेट दिन में दो बार गर्म पानी के साथ।

(2) त्रिफला चूर्ण ——

* उपयोगी —– शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालने और पाचन सुधारने के लिए।

* सेवन —– 1 चम्मच रात को गर्म पानी के साथ।

(3) हल्दी (हरिद्रा) ——

* उपयोगी —— एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन कम करने में सहायता करते हैं। हल्दी का पेस्ट या काढ़ा लाभकारी है।

(4) मंजिष्ठा ——

* उपयोगी  —— रक्त शुद्धि के लिए।

* सेवन —– 1/2 चम्मच गर्म पानी या दूध के साथ।

4-  घरेलू उपचार ———-

(1) हल्दी और शहद का लेप —–

      हल्दी और शहद मिलाकर गांठ पर लगाएं।

(2) एलोवेरा जेल ——

      त्वचा को ठंडक और नमी प्रदान करता है।

(3) नींबू का रस और गुलाब जल ——

      दोनों को मिलाकर निशान पर लगाएं।

(4) सेब का सिरका ——

      प्रभावित क्षेत्र पर हल्के से लगाएं, यह ऊतकों की वृद्धि कम करता है।

5- पंचकर्म उपचार ——-

(1) रक्तमोक्षण —–

      अशुद्ध रक्त को निकालने के लिए किया जाता है।

(2) लेपन चिकित्सा ——

      औषधीय पेस्ट को केलॉइड पर लगाने से लाभ होता है।

(3) अभ्यंग (तेल मालिश) —–

विशेष औषधीय तेलों से मालिश करें।

(4) पिचु और उपनाह ——

     औषधीय लेप और कपड़े के साथ उपचार।

6- जीवनशैली में सुधार ——

      अत्यधिक धूप से बचें, मसालेदार और तैलीय भोजन से परहेज करें, योग और ध्यान करें, जैसे प्राणायाम।

7- तेल और लेप ——

(1) नारियल तेल या शहद ——

      प्रभावित क्षेत्र पर हल्के हाथों से मालिश करें।

(2) कुमकुमादि तेल ——

      निशान हल्के करने के लिए नियमित रूप से लगाएं।

8- आहार सुझाव ——-

(1) पथ्य ——

      ताजा फल और सब्जियां , एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थ (जैसे, अमरूद, संतरा), हल्दी वाला दूध।

(2) अपथ्य ——-

     अधिक तला-भुना और मसालेदार भोजन,  प्रोसेस्ड और जंक फूड, अत्यधिक चीनी और नमक।

9- संभव जटिलताएं ——

       यदि केलॉइड बढ़ता रहे तो यह दर्द, खुजली, या अन्य समस्याएं पैदा कर सकता है। इसलिए समय पर उपचार आवश्यक है।

यह सब उपाय कर लेने के बाद भी यदि रोग ठीक नहीं हो रहा तो ज़रूर परामर्श करें 

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महर्षि आयुर्वेद चिकित्सा संस्थान भोपाल

          (66 वर्षों का खानदानी अनुभव)

     *8770448757-9827334608*

     (आयुर्वेद अपनाएं-स्वस्थ रहें-प्रसन्न रहे)

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