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ई-स्कूटर में आग से एक और शख्स जिंदा जला; मौत का सामान बनीं बैटरियां

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भारत में पिछले एक महीने में ई-स्कूटरों में आग लगने के 7 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। ऐसे में ई-स्कूटरों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। देश में कई स्टार्टअप ई-स्कूटर के बाजार में अपने टू-व्हीलर बेच रहे हैं। आंध्र प्रदेश में 23 अप्रैल को इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी में धमाके के बाद फिर एक व्यक्ति की मौत हो गई।

ई-स्कूटरों में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और ग्राहकों के मन में इन्हें लेकर शंकाएं पैदा होने लगी हैं। आग लगने की घटना सिर्फ एक कंपनी में ही नहीं, बल्कि ओला, ओकीनावा, बूम मोटर्स, जितेंद्र इलेक्ट्रिक और प्योर कंपनियों के ई-स्कूटरों में हो चुकी है। इसके चलते ओला और ओकीनावा जैसी कंपनियों ने अपने ई-स्कूटर को वापस मंगाया है।

ऐसे में आइए जानते हैं कि इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने की घटनाएं लगातार क्यों बढ़ रही हैं? क्या ज्यादा गर्मी की वजह से ऐसा हो रहा है? सरकार ने अब तक इस तरह की घटना को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं?

इस साल इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने की घटना कहां सामने आई?

ई-स्कूटर बनाने वाली कंपनियों ने अब तक क्या किया है?

सरकार ने अब तक इस तरह की घटना को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं?

क्या बैटरी में खराबी और ज्यादा गर्मी की वजह से ऐसा हो रहा है?

एक्सपर्ट ने इन वजहों को बताया जिम्मेदार

इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी EV को कौन सर्टिफिकेट देता है?

ई-स्कूटरों में किन बैटरियों का इस्तेमाल होता है?

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