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मूल मुद्दों से ध्यान हटाता है बामसेफ..

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डॉ राजाराम

वामन मेश्राम जी का लगातार एक ही कार्यक्रम है ब्राह्मणों को बुरा भला कहना और जातिवाद का प्रचार करना। एसटी एससी ओबीसी धार्मिक अल्पसंख्यक एक तरफ और मनुवादी ब्रह्मणवादी ब्राह्मण दूसरी तरफ यही लड़ाई छोड़ रखी है भवन में सामने इससे एसटी एससी ओबीसी के 80 फीसदी लोगों को क्या मिल रहा है जो आज भी हर प्रकार की कमी के साथ जी रहे हैं और इन्हीं संगठनों के नेताओं की तरफ देख रहे हैं कि शायद हमारी मुक्ति का रास्ता इन्हीं में हो परंतु इनके पास अगर है तो केवल यह के यह ब्राह्मण विदेशी, और हम मूलनिवासी शासक थे शासन करेंगे।

अब एक नया मुद्दा आ गया है हिंदू राष्ट्र का कि हम बनने नहीं देंगे परंतु वामन मेश्राम जी 26 जनवरी 1950 को भारत का जो संविधान देश में लागू हुआ वह हिंदू राष्ट्रवादी ही है अगर आपके अंदर इसको समझने का ज्ञान हो तो। इसमें कहीं भी धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद जैसे शब्द नहीं थे 1950 में। वामन मेश्राम जी आपने यह काम किया है के ब्राह्मणों को मनुवादी तो कहा लेकिन संविधान की तरफ लोगों को देखने नहीं दिया जो पूरा-पूरा विषमता वादी है और पूंजीवादी है इसके व्याख्या क्यों नहीं करते हैं क्यों नहीं होने देते हैं कि संविधान में है क्या? इसलिए मैं कहता हूं कि आपका काम यही है कि लोग संविधान को जानने का प्रयास ना करें और यही कहते रहें के संविधान बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर ने बनाया है दुनिया का सबसे श्रेष्ठ संविधान है एक भाषण में जो आपने यह भी कहा है कि मैं मनु वादियों से कहता हूं डंके की चोट पर यह हमारे बाप ने संविधान बनाया है क्या है कोई ऐसा आदमी जिसने यह संविधान बनाया हो परंतु यह नहीं कहते हैं आप कि इसमें एसटी एससी ओबीसी के लिए है? क्या मूल अधिकारों में क्या है? ओबीसी के हितों के लिए एक भी आर्टिकल बताएं? इसको क्यों नहीं समझाते हैं। इसका राज क्या है? भारत के संविधान के मूल अधिकारों में एक भी अनुच्छेद नहीं है एसटी एससी ओबीसी के लिए तब आप किस बेस पर कह रहे हैं कि बाबा साहिब ने बनाया है।
आप एक दिन संविधान के अनुच्छेद 12 से लेकर 35 तक और 36 से लेकर 51 तक की व्याख्या करें जो मूल अधिकार  कल्याणकारी राज्य बनाने के नाम से जाने जाते हैं। बामसेफ और मूल निवासी संगठन का कोई भी एडवोकेट कोई भी विद्वान फेसबुक पर यूट्यूब पर संविधान की चर्चा करें  मूल अधिकारों की चर्चा करें और राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों की चर्चा करें ताकि सच लोगों के सामने आए संविधान का सच भी लोगों के सामने आए तभी आगे कोई आप अपना भाषण दे।
*डॉ राजाराम

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