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*हिम्बा जनजाति के लोग धुएं से करते हैं स्नान, मेहमानों को परोसी जाती हैं महिलाएं*

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 नामीबिया की इस जनजाति के 50 हजार लोग पुरानी परंपराओं को मानते हैं.

आज दुनिया डिजिटल युग में कदम रख चुकी है, लेकिन कुछ समुदाय अभी भी अपनी प्राचीन परंपराओं को थामे हुए हैं. आज हम आपको ऐसी आदिवासी जनजाति के बारे में बताएंगे, जहां नहाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है. हम बात कर रहे हैं हिम्बा जनजाति की, जो नामीबिया में रहती है और आज भी पाषाण युग जैसा जीवन जीती है. इस जनजाति के नियम-कानून आज भी प्राचीन हैं.

हिम्बा जनजाति में करीब 50 हजार लोग हैं, जो पुरानी परंपराओं का सख्ती से पालन करते हैं. हैरानी की बात है कि इस जनजाति में नहाना सख्त मना है. इसके बजाय, वे पानी की जगह धुएं से स्नान करते हैं, जिसे ‘स्मोक बाथिंग’ कहते हैं. इसके अलावा, इस जनजाति की एक और अनोखी प्रथा है, जो बाहरी मेहमानों से जुड़ी है.

महिलाओं से जुड़ी अनोखी प्रथा

हिम्बा जनजाति में मेहमानों का स्वागत खाने-पीने के साथ-साथ घर की महिलाओं को ‘परोसने’ के साथ किया जाता है. इसके लिए विशेष कमरा होता है, और यह फैसला पुरुष लेते हैं. खुद महिला का पति अपनी पत्नी को इस काम के लिए भेजता है. इस जनजाति में महिलाओं की कोई अपनी इच्छा या अधिकार नहीं है, और सभी निर्णय पुरुषों के हाथ में होते हैं. यह प्रथा और नियम सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे.

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