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सावधान ! कथित उत्तर प्रदेश के रामराज में अभी हर्गिज मत जाएं !

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( देश के लोगों से जनहित में एक अपील )

निर्मल कुमार शर्मा

कथित योगी मुख्यमंत्री अजय सिंह विष्ट के राज्य उत्तर प्रदेश भूलकर भी मत जाइए,नहीं तो आपकी हत्या कर आधी रात में ही आपके शव को जलाकर खत्म कर दिया जायेगा !यह कोई कपोल कल्पित बात नहीं है !अपितु यथार्थ,हकीकत और कटुसच्चाई है कि उत्तर प्रदेश में आज ऐसी स्थिति है कि मॉफियाओं से गलबहियाँ करनेवाली वहाँ की खूंख्वार व अमानवीय पुलिस किसी के भी साथ,कहीं भी, कभी भी कुछ भी,यहाँ तक कि किसी बेगुनाह व्यक्ति को झूठा आरोप लगा कर,उसके खिलाफ मनगढ़ंत सबूत जुटाकर उसकी हत्या कर सकती है,ठोक सकती है,हत्या के सारे सबूत रातों-रात धो-पोंछकर सारे साक्ष्य मिटाकर रात के अंधेरे में ही आपके मृत शरीर को पुलिस संरक्षण में जबरन जलाकर,भष्म कर,राख में बदलकर,आपके हित में रहे सारे सबूतों को मिटाकर इस दुनिया में आप कभी रहे भी थे,उसका अस्तित्व तक मिटा देने का कुकृत्य कर सकती है !
याद करें लखनऊ के विवेक तिवारी हत्याकांड, हाथरस के एक दलित लड़की से बलात्कार कांड और अब गोरखपुर में रात के साढ़े बारह बजे होटल में जाकर कानपुर के व्यवसायी मनीष गुप्ता की छः पुलिसकर्मियों द्वारा निर्मम हत्या ! उक्तवर्णित तीनों मृतक किसी भी तरह से पूर्णतया निर्दोष लोग थे ! विवेक तिवारी और मनीष गुप्ता को तो उत्तर प्रदेश पुलिसवालों ने सीधे उनकी हत्या कर दी,लेकिन हाथरस की बेटी की मौत उत्तर प्रदेश पुलिस अपने आका उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देश में ऐसी दुःस्थिति पैदा कर दिए कि वह बलित्कृता लड़की पर्याप्त मेडिकल सुविधा के अभाव में तड़प-तड़प कर मौत के मुँह में चली गई ! उस अभागी दलित लड़की के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस ने सबसे हृदयविदारक व अमानवीय कुकृत्य यह किया कि उसकी मौत के बाद उसके मृत शरीर को उसके परिजनों के लाख घिघियाने और अनुनय के बाद भी उन्हें न सौंपकर अपने आका उप्र के मुख्यमंत्री के गुप्त निर्देश पर रात्रि के साढ़े तीन बजे जबरन जलाकर भष्म कर दिया,ताकि कोई सबूत ही न बचे !
इसलिए यह अपराधिक पृष्ठभूमि का अजय सिंह बिष्ट यानी कथित योगी जब तक उत्तर प्रदेश का मुख्ममंत्री रहे,अगर आप अपनी जान की खैर चाहते हैं,तो कम से कम तब तक उत्तर प्रदेश के किसी भी शहर में मत जाइए ! यह आपके,आपके संपूर्ण परिवार के हित में है।

निर्मल कुमार शर्मा, गाजियाबाद, उप्र

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