डॉ. श्रेया पाण्डेय
ज्यादा तला भुना और स्पाइसी फूड खाने के बाद अक्सर पेट फूलने की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा खाने के बाद पानी पीना, ओवरइटिंग और पीरियड्स के दौरान भी ब्लोटिंग बढ़ने लगती है। इससे राहत पाने के लिए जहां लाइफस्टाइल में किए गए बदलाव फायदेमंद साबित होते हैं, तो कुछ फूड्स की मदद से भी इस समस्या को हल किया जा सकता है।
*क्यों फूलता है पेट ?*
जब गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में हवा या गैस भर जाती है, तो पेट फूला हुआ नज़र आता है। अत्यधिक गैस के चलते दर्द, ब्लोटिंग, बार बार डकार आना या चलते में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
महिलाओं में पीरियड्स, प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम, गर्भावस्था और रजोनिवृत्ति के दौरान हार्मोनल परिवर्तन इस समस्या को बढ़ा देते हैं। वहीं कार्बोनेटेड पेय पदार्थ, नमकीन खाद्य पदार्थ और डेयरी उत्पादों से भी ब्लोटिंग की समस्या बढ़ने लगती है। इससे इरिटेबल वावेल सिंड्रोम या कांस्टिपेशन का भी सामना करना पड़ता है। दर्द, बार बार डकार आना या चलते में परेशानी का सामना अमूमन करना पड़ता है।
*1. अदरक :*
एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर अदरक का सेवन करने से पेट में बढ़ने वाली गैस की समस्या को हल किया जा सकता है। इसे पानी में उबालकर पीने या चबाने से डाइजेस्टिव जूसिज़ का स्त्राव बढ़ जाता है, जिससे पाचन में मदद मिलती है। इसमें मौजूद जिंजरोल कंपाउड से मसल्स रिलैक्स हो जाते हैं, जिससे सूजन और गैस कम होती है।
*2. सौंफ़ :*
सौंफ़ का सेवन करने से डाइजेस्टिव जूसिज़ का उत्पादन बढ़ने लगता है, जिससे भोजन को पचाने में मदद मिलती है। इसमें मौजूद ऐंठनरोधी गुण ब्लोटिंग को कम करके पाचनतंत्र को उचित बनाए रखते है। इसे खाने के बाद चीनी के साथ मिलाकर खाने से फायदा मिलता है। इसके अलावा खाली पेट सौंफ का पानी पीने और इसे चाय में उबालकर पीने से भी फायदा मिलता है।
*3. नींबू रस और पानी*
पाचन को उत्तेजित करके ब्लोटिंग को कम करने के लिए नींबू का रस फायदेमंद साबित होता है। इसमें मौजूद साइट्रिक एसिड भोजन को पचाने से लेकर उसके अवशोषण में मददगार साबित होता है, जिससे ब्लोटिंग की समस्या हल होने लगती है। नींबू का रस खाली पेट पानी में मिलाकर पीने से फायदा मिलता है।
*4. पुदीने की पत्तियाँ :*
पुदीने में कूलिंग और सूदिंग प्रोपर्टीज पाई जाती हैं, जिससे पाचन तंत्र उत्तेजित होता है। इसकी मदद से सूजन और गैस को कम करने में मदद मिलती है। इसमें मौजूद कार्मिनेटिव और एंटीस्पास्मोडिक गुण पेट फूलने और गैस से राहत दिलाने में मदद करते हैं।
*5. दही :*
इसमें मौजूद प्रोबायोटिक गुण गट बैक्टीरिया को बैलेंस करके डाइजेशन में सुधार लेकर आते है, जिससे पाचनतंत्र सुचारू रहता है और ब्लोटिंग को कम किया जा सकता है। इसमें मौजूद पोटेशियम की मात्रा शरीर में सोडियम की अधिक मात्रा को डिटॉक्स करने में मदद करती है। ये पाचन में सुधार लाने और सूजन को कम करने में मदद कर सकता है।
*6. खीरा :*
खीरे में पानी की मात्रा अधिक होती है, जब कि सोडियम की मात्रा कम होती है। इससे शरीर में वॉटर रिटेंशन की समस्या दूर होती है, जिससे ब्लोटिंग का जोखिम कम हो जाता है। इससे शरीर में निर्जलीकरण के खतरे से भी बचा जा सकता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स पेट दर्द और डायरिया के जोखिम को कम कर देते हैं।
*7. अनानास :*
आहार में अनानास को शामिल करने से शरीर को में ब्रोमेलैन की प्राप्ति होती है। ये एंजाइम प्रोटीन को तोड़ने और पाचन में सहायता करने में मदद करता है, जिससे सूजन कम होती है। इसका सेवन शरीर को फायदा पहुंचाता है। इससे गट इंफ्लामेशन को भी कम किया जा सकता है।

