पुष्पा गुप्ता
_एथेंस के इसी कारागार में क़ैद थे महान दार्शनिक सुकरात. बुद्ध की भाँति सुकरात ने भी कोई ग्रन्थ नही लिखा. मगर सुकरात के विचारों का डंका आज भी गूंजता है. नास्तिक होने का झूठा दोष, विष पान का दंड. ख़ुशी-ख़ुशी विष का प्याला भी पी लिया. एथेंस के अत्यंत ग़रीब परिवार में पैदा हुए थे सुकरात. वैवाहिक जीवन की लालसा नहीं रखी._
प्राचीन यूनान में ईश्वर को नहीं मानना राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आता था. समाज में धुर्वीकरण को देखकर कुलीन तंत्र ने नया नाम दिया, “सुकराती समस्या.” आरोप लगा कि सुकरात, युवाओं की बुद्धि भ्रष्ट कर रहा है, समस्या पैदा कर रहा है. अंततः ज़हर देने का फैसला लिया गया. 399 ईसा पूर्व सुकरात को इसी कारागार में डाल दिया गया था, तब 71 साल के थे सुकरात.
आज भी लगता है, क्रूर शासन और ‘ बधिक बुद्धिजीवी’ सुकरात जैसों के शिकार की तलाश में रहते हैं. ईश्वर के अस्तित्व को छोड़िये, उनके अस्तित्व को कोई ललकारे तो परिणाम देख ले.
_First moral philosopher of the Western ethical tradition of thought . A situation known as the ‘Socratic problem’. Socrates was a polarizing figure in Athenian society. In 399 BC Socrates was jailed in this cave and later poisoned._ (चेतना विकास मिशन)

