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*पाचन विकार से मुक्ति देती है अजवाइन की रोटी*

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      डॉ. नेहा

अजवाइन को नमक को आटे में मिलाकर तैयार की जाने वाली इस रोटी से शरीर को कई फायदे मिल जाते है। न केवल संक्रमण से राहत मिलती है बल्कि पेट संबधी समस्याओं का भी समाधान होता है। 

      अपने स्वाद से लेकर सुगंध तक बेहद खास अजवाइन का इस्तेमाल भारतीय व्यंजनों में प्रचुर मात्रा में किया जाता है। इस हर्ब को कैरम सीड्स और ट्रैकिसपर्मम अम्मी के नाम से भी जाना जाता है। 

    फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन व मिनरल से भरपूर इस हेल्दी फूड के स्वाद में तीखापन मौजूद होता है। इसे रोटी में मिलाकर खाने की प्रथा दादी नानी के दौर से यूं ही चली आ रही है।

     अजवाइन पाचनतंत्र को उत्तेजित करता है, जिससे एसिडिटी, पेट दर्द और अपच से राहत मिलती है। इसे रोज़ाना खाने से आंत में गुड बैक्टीरिया की मात्रा बढ़ती है, जिससे मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है। इसमें मौजूद फैट बर्निंग कंपाउड पेट के आसापास जमा चर्बी को कम करने लगते हैं।

     वेटलॉस के अलावा इसे खाने से शरीर देर तक तृप्त रहता है। दरअसल, इसमें मौजूद फाइबर की मात्रा क्रेविंग्स से राहत दिलाती है। एंटीबैक्टीरियल प्रोपर्टीज़ से भरपूर इस खाद्य पदार्थ का सेवन करने से खांसी जुकाम और सर्दी से भी राहत मिलने लगती है।

*1. एलर्जी के खतरे का निरोध :*

इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल प्रॉपर्टीज़ मौसमी संक्रमण के प्रभाव को कम करने में मदद करती है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की रिसर्च के अनुसार अजवाइन में थाइमोल और कार्वाक्रोल दो एक्टिव कंपाउड पाए जाते हैं, जो बैक्टीरिया को पनपने से रोकता है। इससे पेट संबधी, स्किन संबधी और लंग्स संबधी एलर्जी का प्रभाव कम होने लगता है।

*2. हाईपरटेंशन नियंत्रक :*

हाई ब्लड प्रेशर के चलते हृदय रोगों की संभावना बढ़ जाती है। नेशनल लाइब्रेरी आूफ मेडिसिन के अनुसार अजवाइन का सेवन करने से शरीर में थाइमोल की मात्रा कैल्शियम चैनल ब्लॉकिंग इफेक्ट से भरपूर होती है, जो ब्लड प्रेशर के लेवल को कम करने में मददगार साबित होती है।

*3. गैस, ब्लोटिंग और कब्ज की दुश्मन :*

आयुर्वेद के अनुसार अजवाइन को रोटी में मिलाकर या पानी के साथ खाने से पाचन संबधी समस्याएं हल होने लगती है। पेट फूलना, दर्द और कब्ज से राहत मिल जाती है। इसके अलावा पेप्टिक अल्सर के कारण एरोफेगस, पेट और स्मॉल इंटेस्टाइन पर होने वाले प्रभाव से भी बचा जा सकता है। इसे खाने से पेट में बनने वाली गैस की समस्या भी हल होने लगती है।

*4. खांसी और जुकाम अवरोधक :*

इसके सेवन से लंग्स में एयर का फ्लो उचित बना रहता है, जिससे चेस्ट कंजेशन की समस्या कम होने लगती है। रेस्पीरेटरी हेल्थ को उचित बनाए रखने के लिए इसे रोटी में मिलाकर सेवन करने से फायदा मिलता है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियन तत्व गले की खराश लगातार आने वाली खांसी और गले में बढ़ने वाले दर्द को कम कर देता है।

*5. वेटलॉस में मददगार :*

फाइबर से भरपूर अजवाइन का सेवन करने से शरीर को फाइबर की प्राप्ति होती है। इससे शरीर में ग्लूकोज़ का एबजॉर्बान कम हाता है, जिससे देर तक भूख नहीं लगती है। इसके चलते मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और फैट बर्निंग इफेक्ट के चलते वेटलॉस में भी मदद मिलनग लगती है। सर्दियों में बढ़ने वाली वेटगेन की समस्या को इस उपाय की मदद से सुलझाया जा सकता है।

*अजवाइन की रोटी बनाने का तरीका :*

इसे बनाने के लिए हमें चाहिए~

आटा 2 कप

अजवाइन 2 चम्मच

घी 1 चम्मच

नमक स्वादानुसार

     अजवाइन की रोटी को बनाने के लिए सबसे पहले आटे को गूंथ लें। इसके लिए आटे को छानकर अलग कर लें।

   अब उसमें अजवाइन, घी और स्वादानुसार नमक को मिलाकर आटा अच्छी तरह से गूंथ लें। अब इससे रोटी तैयार करें।

    इसके अलावा प्लेन आटे से रोटी को बेल लें और उस पर अजवाइन, नमक और थोड़ा सा घी लगाकर लपेट लें और फिर उसे बेल लें।

     इस तरह से परांठा तैयार कर सकते है। आप इसे सब्जी, अचार या चटनी के साथ नाश्ते या लंच में खा सकते हैं।

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