डॉ. नेहा, दिल्ली
न्यूयॉर्क टाइम्स के एक सर्वे के अनुसार 74 प्रतिशत 30 की उम्र के ऊपर के लोग इसका सामना करते हैं। महिलाएं इसका दंश सबसे ज्यादा झेलती हैं. जब इससे पीड़ितों का आंकड़ा इतना बड़ा है तो इलाज़ क्या हैं? क्या हैं वे कारण जो कमर दर्द को जन्म देते हैं? आज हम इसे समझेंगे।
*कमर दर्द के मुख्य कारण :*
1. मांसपेशियों में खिंचाव :
भारी वजन उठाने, अचानक झुकने, या गलत तरीके से बैठने के कारण मांसपेशियां खिंच जाती हैं जिससे कमर का दर्द शुरू हो जाता है।
*2. डिस्क की समस्या :*
जब रीढ़ की हड्डियों के बीच की डिस्क खिसक जाती है या फट जाती है तो नसों पर दबाव पड़ता है। ये समस्या अक्सर लंबे समय तक बैठने या गलत तरीके से झुकने के कारण होती है।
*3. गलत मुद्रा :*.
लंबे समय तक कंप्यूटर पर झुककर बैठना, बिस्तर पर गलत तरीके से लेटना, या फोन का ज़्यादा इस्तेमाल करना कमर दर्द का कारण हो सकता है।
*4. गठिया :*
ऑस्टियोआर्थराइटिस रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करता है जिससे कमर में जकड़न हो जाती है और दर्द होता है। यह समस्या बुजुर्गों में अधिक देखी जाती है।
*5. मोटापा :*
शरीर का अधिक वजन रीढ़ की हड्डी और मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे दर्द होता है।
*6. व्यायाम की कमी :*
नियमित एक्सरसाइज की कमी के कारण पीठ की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे रीढ़ की हड्डी को सहारा नहीं मिल पाता।
*7. गर्भावस्था :*
गर्भावस्था के दौरान वजन बढ़ने और हार्मोनल बदलावों के कारण कमर में दर्द होता है।
*8. तनाव और मानसिक दबाव :*
मानसिक तनाव मांसपेशियों को कड़ा कर देता है, जिससे कमर में दर्द हो सकता है।
*9. सेक्स :* गलत तरीके से सेक्स, दुराचारी सेक्स, कम सेक्स, सटिस्फैक्शन नहीं मिलना, गुदा मैथुन और यौनरोगी पार्टनर से सेक्स कमर दर्द का जबरजस्त कारण बनता है.
*कमर दर्द का इलाज क्या?*
1. आराम और प्राथमिक इलाज़ :
आराम करें। कुछ समय के लिए अपनी गतिविधियों को कम करें। बहुत ज्यादा बिस्तर पर न लेटें, लेकिन बहुत मेहनत से बचें।
ठंडी या गर्म सिकाई करें। चोट के तुरंत बाद बर्फ का उपयोग करें, ताकि सूजन कम हो। मांसपेशियों को आराम देने के लिए गर्म पानी की थैली का इस्तेमाल करें।
सही मुद्रा चुन लीजिये- बैठने और खड़े होने की स्थिति में रीढ़ को सीधा रखें।
*2. दवाइयां :*.
हल्के दर्द के लिए पेरासिटामॉल या इबुप्रोफेन का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से कर सकते हैं। मांसपेशियों को आराम देने के लिए मांसपेशी के लिए आरामदायक दवाएं भी आती हैं, जो ली जा सकती हैं। लेकिन डॉक्टरी सलाह के बग़ैर नहीं।
*3. व्यायाम और फिजियोथेरेपी :*
रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने के लिए हल्के स्ट्रेचिंग करें।भुजंगासन और मर्कटासन जैसे योगासन आपके बहुत काम आ सकते हैं। फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह से मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम करें। नियमित चलना-फिरना और हल्का व्यायाम कमर दर्द को कम करने में मदद करता है।
*4. वजन कम करें :*
मोटापा कमर दर्द का बड़ा कारण है, इसलिए संतुलित आहार और व्यायाम से वजन को कंट्रोल करें। लंबे समय तक बैठने से बचें: हर 30-40 मिनट में उठकर खड़े हों और स्ट्रेच करें।
आरामदायक गद्दे और कुर्सी का इस्तेमाल करें। सही सपोर्ट वाला गद्दा और आरामदायक कुर्सी कमर दर्द को रोकने में मदद करते हैं।
*5. अन्य विकल्प :*
एक्यूपंक्चर दर्द को कम करने में यह भी तकनीक बड़े काम की है। कायरोप्रैक्टिक यह रीढ़ की हड्डी को सही कंडीशन में लाने में मदद करता है। ध्यान और प्राणायाम तनाव को कम कर के मांसपेशियों को आराम देता है।
*6. गंभीर मामलों में सर्जरी :*
यदि दर्द लंबे समय तक बना रहे और अन्य उपचार विफल हो जाएं, तो डॉक्टर सर्जरी की सलाह दे सकते हैं। आम सर्जरी में डिस्क हटाना या रीढ़ की हड्डी को स्थिर करना शामिल है।
*कमर दर्द से बचाव के उपाय :*
सही तरीके से वजन उठाएं। घुटनों को मोड़कर वजन उठाएं, कमर को झुकाकर नहीं।
एक्टिव रहिए। रोजाना 30 मिनट का व्यायाम या तेज चलना कमर दर्द से बचाव में सहायक है।
सही गद्दे और जूते चुनें। नींद के लिए सपोर्टिव गद्दा और चलने के लिए आरामदायक जूते पहन लीजिये।
सही बैठने की आदत डालें। कंप्यूटर पर काम करते समय कुर्सी की ऊंचाई सही और बैलेंस्ड रखें और पीठ को सीधा रखें।
तनाव से बचें। ध्यान, योग और प्राणायाम को दिनचर्या में शामिल करें। इससे तनाव घटता है। बहुत भारी चीजें उठाने से बचें। यदि बहुत ज़रूरी हो तो कोई सहायक के साथ ये काम करें।
एक व्यक्ति का सही तरीके से, बेसुध होने तक सेक्स लें. ऐसा सेक्स कम से कम माह में एक रात जरूर लें. पार्टनर काबिल नहीं है तो उसका इलाज़ करवा लें या हमारे मिशन के डॉक्टर से इंटीमेट हों.
*डॉक्टर से कब मिलें?*
~ दर्द बहुत तेज हो और 2-3 हफ्तों में ठीक न हो।
~ पैरों में कमजोरी या झनझनाहट।
~पेशाब या शौच करने में कठिनाई।
~वजन कम होना या भूख न लगना।
~बुखार के साथ कमर दर्द.
ध्यान रहे, कमर दर्द एक आम समस्या ज़रूर है लेकिन इतनी भी आम नहीं कि आप इसे हल्के में लें। कई बार यह किसी बड़ी बीमारी की वजह भी हो सकती है लेकिन यह आपको डॉक्टर ही बताएगा।
इसलिए इस बात का हमेशा ध्यान रखना है कि कमर दर्द आपके लिए परमानेंट समस्या ना बनने पाए।

