~ निर्मल कुमार शर्मा
इस कथित आर्यावर्त,भारतखण्डे,विश्वगुरु, आध्यात्मिक और जगतगुरू देश में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी,भाई-भतीजावाद,जातिवाद,धार्मिक अंधविश्वास,आस्था,पुनर्जन्म स्वर्ग-नरक मंदिर-मस्जिद,हिन्दू-मुस्लिम वैमनस्यता,पाप-पुण्य,मोक्ष और मूर्खता इसके रग-रग में बस गया है,यहां कितनी भी बड़ी दर्दनाक,बीभत्स,लोमहर्षक, हृदयविदारक कारूणिक दुर्घटना हो जाय ! उस घटना से यहां के अधिसंख्यक अंधभक्त मूर्ख लोग प्रायः असंवेदनशील,निरपेक्ष,अप्रभावित और अनजान से बने रहते हैं ! बहुत से इस बात में विश्वास रखते हैं कि ‘यही लिखा था !’ या ‘यही नियति थी ! ‘या ‘यही भगवान की मर्जी थी ! ‘ आदि-आदि अत्यंत मूर्खतापूर्ण और दकियानूसी विचारों की अभिव्यक्ति तक भी धड़ल्ले से कर देते हैं !
अभी कल दिनांक 5-6-2022 को गाजियाबाद से सटे हापुड़ जिले के धौलाना नामक औद्योगिक कस्बे में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम या Uttar Pradesh State Industrial Development Corporation या UPSIDC परिक्षेत्र में एक अवैध फैक्ट्री में,जो वहां के स्थानीय पुलिस थाने से महज 250मीटर और सीएनजी गैस फीलिंग स्टेशन से मात्र 500मीटर की दूरी पर स्थित,रूही इलेक्ट्रिक नामक अवैध फैक्ट्री में दोपहर को लगभग 2.30पर एक भयंकर धमाका हुआ,जिसमें 12मजदूरों की तुरंत मौत हो गई है और 21मजदूर बुरी तरह झुलस गए हैं ! मिडिया के अनुसार धमाके के समय उस अवैध फैक्ट्री में कुल 35 मजदूर काम कर रहे थे ! मतलब इस अवैध रूप से चल रही फैक्ट्री के लगभग सभी मजदूर इस विस्फोट के चपेट में आ गए हैं !
प्रत्यक्षदर्शियों और मिडिया में आई खबरों के अनुसार इस फैक्ट्री में हुई विस्फोट इतनी जबर्दस्त थी कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने के लाइसेंस पर चलाई जाने वाली,लेकिन वास्तव में इसमें प्लास्टिक की गन और उसके अतिविस्फोटक कारतूस,जिन्हें स्काई शाट भी कहते हैं, बनाने वाली इस फैक्ट्री में जब विस्फोट हुई तो उसकी आवाज उससे 5किलोमीटर दूर के गांवों तक के गांवों यथा देहरा,नंगला,हसनपुर, पपलेड़ा,खिंचरा और चौना आदि गांवों तक में उनके गांववासियों को सुनाई दिया !धमाका इतना जबरदस्त था कि फैक्ट्री की पूरी इमारत ही जमींदोज हो गई और उसमें भीषण आग लग गई ! इसमें काम करने वाले ज्यादातर उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के रहनेवाले सभी मजदूर दोपहर का खाना खाने के बाद फिर से कारतूस में बारूद भरने का काम हाथ से ही करने में संग्लग्न थे कि अचानक धमाका हो गया !
वास्तविक फरिस्ते हिन्दू-मुस्लिम दोनों समाज के गरीब लोग !
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका इतना तेज और भयावह था कि टिन शेड में चल रही इस अवैध फैक्ट्री के टिन 50फुट ऊपर उठकर 200 मीटर दूर बाहर जाकर गिरीं,यही नहीं 3मजदूरों के बुरी तरह जले शव फैक्ट्री की बाउंड्री से बाहर उछलकर गिर पड़े ! पलक झपकते ही पूरी फैक्ट्री आग का गोला बन गई ! आग लगे अपने कपड़ों में 7 से 10मजदूर फैक्ट्री की एक जगह टूटी दीवार से बाहर निकल कर बचने के लिए बाहर भागे ! इस घटना के बाद इस फैक्ट्री के बाहर चाय बेचने वाले सुनील नामक लड़का और आसपास के मुस्लिम बहुल गांवों के मुस्लिम लोग यथा ईदवा प्रधान, साबिर मलिक,शहजाद चौधरी,हसीन,गफ्फार आदि लोगों ने झुलसे हुए मजदूरों को अस्पताल पहुंचाने से लेकर जो भी बन पड़ा खूब सेवा और मदद किए !
मिडिया के अनुसार फैक्टरी में करीब तीन साल पहले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने का काम होता था। मेरठ निवासी दिलशाद खान की रूही इंडस्ट्रीज के नाम से फर्म है और इसी नाम से रजिस्टर्ड है। लेकिन पिछले काफी समय से काम बंद था और करीब तीन माह पहले ही इस फैक्टरी को हापुड़ निवासी वसीम को किराये पर दिया गया था। फैक्टरी में एक हॉल और छोटे कमरे के अलावा पूरे परिसर में बड़े टिन शेड के नीचे काम चल रहा था।
गेट पर ताला बंद और अंदर बन रहे बारूदी कारतूस !
प्रत्यक्षदर्शियों और आसपास के गांव वालों के अनुसार इस अवैध फैक्टरी के गेट पर ताला लटका हुआ था, ताकि लोग इसे बंद समझें ! अंदर बनाए जा रहे थे अत्यंत विस्फोटक कारतूस ! मजदूर फैक्टरी के अंदर ही बने कमरों में रहते थे। आसपास के लोगों ने बताया कि यहां रात में भारी-भारी लोडेड सामान से भरे ट्रक भी आते थे !
आग बुझाने का कोई इंतजाम नहीं !
इस अवैध फैक्टरी में न आग बुझाने का कोई इंतजाम था और न ही प्राथमिक चिकित्सा का कोई व्यवस्था थी ! मजदूरों को आग बुझाने का कोई प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया था !बारूद से कारतूस बनाने के काम के लिए कोई रसायन विशेषज्ञ भी मौजूद नहीं था ! पुलिस का कहना है कि यही वजह रही कि रसायनों का मिश्रण गलत हो गया जिससे धमाका हुआ ! तो प्रश्न है पुलिस वालों को जब इसकी जानकारी थी,तब उसके लिए उन्होंने क्या कार्यवाही किया ?
और पूरे एक घंटे बाद पहुंची दमकल और एंबुलेंस !
इतने भीषण धमाके के बावजूद दमकल एक घंटे बाद पहुंची ! एंबुलेंस भी इसके बाद आई ! तब तक घायलों की हालत बिगड़ चुकी थी ! जबकि फैक्टरी में भयंकर आग लगी हुई थी ! इसे चार दमकलों ने एक घंटे में बुझाया !
और अब इस घटना की जमकर लीपापोती शुरू !
अब इस दर्दनाक घटना की जमकर लीपापोती करने के लिए अब धौलाना का पूरा प्रशासनिक और पुलिस तथा उत्तर प्रदेश का राजनैतिक अमला अब सक्रिय हो चुका है ! मसलन हापुड़ की डीएम मेधा रूपम ने इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं ! पुलिस ने फैक्टरी मालिक और संचालक के खिलाफ केस दर्ज किया है ! मंडलायुक्त सुरेंद्र कुमार,एडीजी राजीव सब्बरवाल,आईजी प्रवीण कुमार भी मौके पर पहुंच गए हैं ! मंडलायुक्त ने बताया कि मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी गठित की जा रही है ! दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा ! उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कथित योगी जी श्री आदित्यनाथ जी ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए ट्वीट किया है ! उन्होंने अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर जांच और बचाव कार्य करने के निर्देश दिए ! हमारे प्रधानमंत्री जी भी इस घटना पर दु:ख व्यक्त कर चुके हैं !
भारत अब पूरी तरह से रिश्वतखोरों, व्यभिचारियों और भ्रष्टाचारियों का देश बन गया है !
यक्षप्रश्न है कि धौलाना की इस फैक्ट्री में विस्फोट और आग लगने की घटना सीधे पुलिस,अग्निशमन और जिले के उच्च प्रशासनिक अधिकारियों की कर्तव्यहीनता,रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार की वजह से हुई है ! क्या यह संभव है कि स्थानीय पुलिस थाने से महज 250मीटर और सीएनजी गैस फीलिंग स्टेशन से मात्र 500मीटर की दूरी पर स्थित,रूही इलेक्ट्रिक नामक अवैध फैक्ट्री चल रही हो ! और उसकी भनक उस क्षेत्र के थाना इंचार्ज को और पुलिस तथा प्रशासन के उच्च अधिकारियों को न हो ? मेरठ में बैठे मंडलायुक्त किस मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर रहे हैं ?किन दोषियों को किसी भी स्थिति में न बख्शने की बात कर रहे हैं ? उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कथित योगी जी इस मामले में किस बात की जांच कराने का आश्वासन दे रहे हैं ?
अभी पिछले दिनों इस देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मुंडका मेट्रो स्टेशन के पास स्थित एक अवैध फैक्ट्री में आग लगने से 27मजदूरों या कर्मचारियों की तुरंत मौत हो गई थी और 40 मजदूर भयंकर रूप से घायल हो गए थे ! क्या आपको उस दुर्घटना में हुई जांच समिति की रिपोर्ट के बारे में कहीं समाचार पत्रों के द्वारा कोई जानकारी मिली है ? अब धौलाना हापुड़ में गरीब, दर्जनों मजदूरों की जलकर दर्दनाक मौत हो गई है ! अब उसकी भी जांच कराने की बात की जा रही है !
वास्तव में इस देश में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी की समस्या सिर के ऊपर से चढ़कर बेशर्मी से बोल रही है ! यहां पुलिस,प्रशासन, कचहरी,बिजली,शिक्षा,अस्पताल आदि सभी विभाग भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी में अपादकंठ तक डूबे हुए हैं ! कुछ वर्षों पूर्व गाजियाबाद के ही एक पुलिस विभाग के एक सीनियर सुपरिटेंडेंट ने पुलिस विभाग में उच्च स्तर पर थानों में और जिलों में मनोवांछित पोस्टिंग के लिए हो रही उच्च स्तरीय रिश्वतखोरी का सार्वजनिकतौर पर खुलासा करके सनसनी फैला दिया था,जिसे अपराधिक पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कथित योगी ने उस पुलिस के सीनियर सुपरिटेंडेंट को ही उल्टे-सीधे आरोप लगाकर उसका मुंह बंद कर दिया था ! आज भी इस देश में कमाई वाले पुलिस थाने करोड़ों रूपयों में बिकते हैं ! यह कटुसत्य है,यह बात इस देश के करोड़ों लोगों के अलावा इस देश के सभी मुख्यमंत्रियों,केन्द्र में बैठे मंत्रियों और प्रधानसेवक जी को भी बखूबी जानकारी में है !
अगर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और हमारे देश के कथित सबसे काबिल प्रधानमंत्री श्रीयुत् श्रीमान नरेंद्र दास दामोदरदास मोदी में जरा भी न्याय करने की भावना,हिम्मत,देशहित की भावना,भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने की प्रतिबद्धता और जज्बा है तो उक्त वर्णित अवैध फैक्ट्रियों में लगी आग और उसमें मरे सैकड़ों गरीब मजदूरों के साथ वास्तविक न्याय करना है तो इसकी निष्पक्ष जांच कराकर उन भ्रष्ट अग्निशमन विभाग,पुलिस विभाग और उस जिले के सर्वोच्च प्रसाशनिक अधिकारियों को कठोरम् दंड देकर दिखाएं ! उन रिश्वतखोर और भ्रष्टाचार में सीधे तौर पर संलिप्त अधिकारियों को नौकरी से बर्खास्त करके एक मिशाल पेश करें ! ये बेकार के बरगलाने और लीपापोती करने के लिए जांच समिति बैठाने और घड़ियाली समवेदना व्यक्त करने से आग में जले उन बेचारे मृतक गरीब मजदूरों की विधवाओं,बच्चों और उनके बेसहारा मां-बाप की कोई भलाई और मदद नहीं मिलेगी !
वास्तविकता यह है कि जिस देश में निष्पक्ष और न्यायप्रिय जजों तक को धमकाने,रिश्वत देने और मौत के घाट उतार देने की परंपरा रही हो,उस देश के सत्ता के कर्णधारों से न्याय पाने की उम्मीद रखना ही रेत से तेल निकालने की हसरत पालना जैसे दिवास्वप्न सरीखा है !

