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देश का नेता जयप्रकाश,गूंजे धरती और आकाश

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कैलाश रावत

5 जून संपूर्ण क्रांति के अवसर पर विशेष
सोशलिस्ट पार्टी के संस्थापक महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजनीति से संयास ले कर सर्वोदय आंदोलन मैं जुड़े लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने 1 मई 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी को पत्र लिखकर मुख्यमंत्रियों के भ्रष्टाचार और तानाशाही पूर्ण रवैया से अवगत कराया उन पर पर नियंत्रण रखने का आग्रह किया
मध्य प्रदेश के चंबल और बुंदेलखंड के आत्म समर्पण डाकुओं की समस्या और डाकू के आत्मसमर्पण के संबंध में श्रीमती इंदिरा गांधी के कार्यालय में जयप्रकाश जी ने फोन किया पीएमओ के अधिकारी ने इंदिरा जी को बताया गया जयप्रकाश नारायणजी आपसे बात करना चाहते हैं इंदिरा जी ने अधिकारी से कहा कि पूछिए कि इस संबंध में बात करना है जेपी ने कहा डाकुओं की समस्या के संबंध में इंदिरा जी ने कहा इस संबंध में आप हमारे गृह राज्य मंत्री ओम मेहता से बात करें
बिहार आंदोलन के दौरान एक घटना और तो केवल मैंने सुनी है
लोकनायक जयप्रकाश नारायण को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने वार्ता के लिए आमंत्रण भेजा औपचारिक बातचीत के बाद इंदु ने जेपी से पूछा बताइए क्या कहना है मुझे यह बात ठीक नहीं लगी क्योंकि बातचीत के लिए इंदु की ओर से आमंत्रण मिला था जेपी ने कहा इंदु बातचीत के लिए तुमने मुझे बुलाया है इसलिए तुम बताओ कि मुझसे तुम को क्या कहना है इंदिरा जी की यह बात जेपी को पसंद नहीं आई उसके बाद इंदिरा जी ने जेपी से पूछा अगर आपको ऐतराज ना हो तो बाबू जगजीवन राम को बुला ले जेपी ने हामी भर दी बिहार विधानसभा भंग करने का मुद्दा इस आंदोलन का मुख्य मुद्दा बन चुका था बातचीत में इस पर सहमति नहीं बनी इंदिरा जी ने अपने मुंह से यह नहीं कहा बल्कि बाबू जगजीवन राम से कह दो आया कि बिहार विधानसभा भंग करना संभव नहीं है
उसके बाद जेपी ने कई साथियों से कहा कि इंदु ने मुझे अपमानित किया है

        प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की पत्र का जवाब बहुत ही तीखी भाषा में दिया उद्योगपतियों के पैसा से पलने वाले कुछ लोग भ्रष्टाचार की बात करते हैं यह बात जयप्रकाश नारायण के अहम  पर चोट पहुंचाने बाला था गुजरात छात्र आंदोलन के बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री चिमन भाई पटेल के खिलाफ लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने मोर्चा खोल दिया
             गली-गली में शोर है
            चिमन भाई चोर है

गुजरात नवनिर्माण आंदोलन बिहार से शुरू संपूर्ण क्रांति में पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव महासचिव सुशील मोदी सचिव रवी शंकर प्रसाद रघु ठाकुर शिवानंद तिवारी नरेंद्र सिंह अभय सिन्हा लाल मुनी चौबे मामा बालेश्वर दयाल लक्ष्मी नारायण नायक रामेश्वर दयाल दातरे नीतीश कुमार राजकुमार जैन रामाशंकर सिंह दिनेश चंद्र शर्मा गुरु बृजेश तिवारी राजेंद्र शर्मा प शरद यादव प्रकाश ब्रहम भट्ट हरेंद्र पाठक नीलेंद्र भट्ट साबिर हुसैन सत्यदेव त्रिपाठी मोहन सिंह जगत पाठक विनय दीक्षित गया प्रसाद रावत जगदंबा प्रसाद निगम प्रेम लाल मिश्रा रामानंद सिंह शक्ति प्रकाश पांडे रामस्वरूप मंत्री जय कुमार जैन आदि युवाओं ने गुजरात और बिहार मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश में संपूर्ण क्रांति की अलख जगाई
आंदोलन के फल स्वरुप गुजरात के मुख्यमंत्री चिमन भाई पटेल को इस्तीफा देना पड़ा छात्रों द्वारा ऐसा ही आंदोलन बिहार में खड़ा किया गया छात्र नेताओं के अलावा सोशलिस्ट सर्वोदय भूदान बोर्ड के नेता कार्यकर्ता के अलावा जनसंघ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नानाजी देशमुख के पूरी ताकत लगाकर संपूर्ण क्रांति को सफल करने का अभियान चलाया गया नानाजी देशमुख को जयप्रकाश नारायण की छाया की तरह पूरे आंदोलन में सक्रिय रहे 5 जून 1975 को बिहार के गांधी मैदान में रुकवाने के लिए कई श्रेणियों में विभक्त किया क्रमवार ए बी सी सबसे पहले भोजपुर का जत्था आया जिसका नंबर सबसे बाद में था इस पर लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने कहा कि अनुशासन के बगैर क्रांति नहीं होती है यह जत्था बाद में आना चाहिए था पुलिस प्रशासन द्वारा भीड़ को रोकने के लिए अनेक प्रयास किए गए जनता ने केलों के पेड़ों को काटकरगंगा नदी में बहाया और उस पर बैठकर रैली में पहुंची अपने आप में अनूठी बात थी और श्रीमती इंदिरा गांधी की बुआ विजयलक्ष्मी पंडित की पुत्री श्रीमती लक्ष्मी सहगल भी मंच पर पहुंची गांधी मैदान में छात्र नेताओं युवाओं की विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने संपूर्ण क्रांति का आह्वान कर दिया और यहीं से देश कि सबसे ताकतवर प्रधानमंत्री निमती इंदिरा गांधी को खुली चुनौती दी और कहा कि संपूर्ण क्रांति की शुरुआत हुई और मुकाबला चुनाव में होगा दोलन में जब पुलिस की लाठी जेपी पर उठी उसे नानाजी देशमुख झेल गये भारतीय जनसंघ को विपक्ष की राजनीति में जो सर्व स्वीकार्यता मिली उसके पीछे जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख का आपसी सामंजस रहा
इसी दौरान मध्य प्रदेश के तो उपचुनाव लोकसभा क्षेत्र जबलपुर और विधानसभा क्षेत्र दक्षिण भोपाल जबलपुर से छात्र नेता शरद यादव और भोपाल दक्षिणसे बाबूलाल गौर को संयुक्त विपक्ष का प्रत्याशी बनाया गया दोनों ही विजई हुए और कांग्रेस दोनों जगह बुरी तरह हार गई इन चुनाव परिणामों ने विपक्ष को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया
12 जून 1975 को इलाहाबाद हाई कोर्ट का फैसला आया रायबरेली श्रीमती इंदिरा गांधी के सोशलिस्ट नेता राजनारायण कि आज का पर फैसला देते हुए जगमोहन लाल सेना ने इंदिरा जी के चुनाव को संवैधानिक पद पर रहने से आयोग घोषित कर दिया इस फैसले से इतिहास रच गयालोकनायक जयप्रकाश नारायण ने संपूर्ण क्रांति का बिगुल फूंका पूरे देश में क्रांति आई सरकारें बदली लोकतंत्र मजबूत हुआ देशवासी सीना तान कर खड़े हुए जो डर भय था वह लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने संयुक्त विपक्ष को एक करके खत्म कर दिया
जयप्रकाश नारायण जी की संपूर्ण क्रांति का प्रयोग है कि जनता पार्टी के नाम पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जनसंघ आज की भारतीय जनता पार्टी के तमाम लोग भवन में भारी संख्या में घुस पाए है जिसे लोकसभा कहते हैं मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीति के उदय का बड़ा से लोकनायक जयप्रकाश नारायण के खाते में जाता है
पूरी दुनिया में एक महानायकजयप्रकाश नारायण ही रहे अपने जीवन काल में बिना किसी पद पर रहे दो दो क्रांतियोंका नेतृत्व किया 1942 में स्वतंत्रता आंदोलन और 1974 75 में संपूर्ण क्रांति ऐसा सौभाग्य दुनिया में किसी को नसीब नहीं हुआ
उस दौरान विपक्ष में लोकबंधु राजनारायण जी को छोड़कर कोई ऐसा राजनेता किसी भी दल में नहीं था जो श्रीमती इंदिरा गांधी की मनमानी के खिलाफ कुछ कह सके राजनारायण के साथ इसमें जे पी की क्रांति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई वशिष्ठ नारायण सिंह मिथिलेश कुमार सिंह किशन पटनायक रामजतन सिन्हा मदन सिंह राजनीति प्रसाद भूदान बोर्ड केसिद्धराज ठड्डा ठाकुरदास बंद लोकेंद्र भाई रामचंद्र भार्गव के अलावा वरिष्ठ राजनेता सभी दलों की सक्रिय रहे बाबा नागार्जुन फणीश्वर नाथ रेणु कलाकारों साहित्यकारों ने भी संपूर्ण क्रांति में अपना अमूल्य योगदान दिया बाबा नागार्जुन की कविता

इंदु जी इंदु जी क्या हुआ आपको
बेटों को तार दिया अब बोर दिया बाप को

भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान दो लाख से अधिक शहीद हुए लाखों स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने आजादी की लड़ाई में अपना सर्वस्व निछावर कर दिया उन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सपना अधूरा रह गया सरकार अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हटती जा रही है पराधीन भारत गुलामी के दौर में अंग्रेज और उनकी कृपा प्राप्तो ने लूटा और रौंदा स्वतंत्र भारत की सरकारें और अपराध तफरी के माहौल में इनके साथ न्याय नहीं हुआ
सोशलिस्ट पार्टी समाजवादी आंदोलन के अनेक साथियों ने समाजवादी विचारधारा से प्रभावित होकर अपना जीवन खपा दिया सत्ता भोगी तत्वों के विरुद्ध संघर्ष करके अपना तथाकथित केरीयर दाऊ पर लगाया बहुत सारे सोशलिस्ट नेता और कार्यकर्ता मुफलिसी की जिंदगी जीते हुए संसार से देव लोग चले गए जो सोशलिस्ट समाजवादी आंदोलन के साथी जीवित बचे हैं परिस्थितियों की मार भीषण तंगी हालत की मार परिवारिक रिश्तेदार और पड़ोसी पत्नी बच्चों की तानों से परेशान हाल कर्तव्य बिमूड हैं अपनी लाचारी की वजह से और इमानदारी के सिद्धांत के साथ आज भी जो जहां है समाज के बदलाव की दिशा में कार्य कर रहे हैं
5 जून संपूर्ण क्रांति के अवसर पर लोकनायक जयप्रकाश नारायण को शत शत नमन करता हूं

कैलाश रावत
विधानसभा पृथ्वीपुर जिला निवाड़ी मध्य प्रदेश

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