डॉ. विकास मानव
अगर आप भी वास्तविक अर्थो मेँ खुश और प्रोडक्टिव रहना चाहते हैं, तो सभी थेरेपीज़ और रेमिडीज़ को भूलकर चार अहम हॉर्मोन्स के स्तरों को बॉडी में बढ़ाने का प्रयास करें।
जब हम खुश रहते हैं, तो नर्वस सिस्टम एंटी-स्ट्रेस हार्मोन जारी करता है। इससे रात को अच्छी नींद आती है। मष्तिष्क को आराम मिलता है।
अगर आप भी किसी ऐसे जादुई टॉनिक की तलाश में हैं, जो आपको दिनभर खुश रखने, बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने और रेटिंग सिस्टम पर जोर देने पर जोर देता है, तो शरीर में हैप्पी हारमोन्स जारी रहना बहुत जरूरी है।
एंडोर्फिन, डॉकॉटिक और ऑक्सीटोसिन नाम के तत्व शरीर में अलग-अलग शर्तों में शामिल होते हैं। शरीर में इन हार्मोन्स को डाइट सहित कई तरीकों से डेवलप किया जा सकता है।
अगर आप खुद को असुरक्षित रखना चाहते हैं, तो उनका बढ़ना बेहद जरूरी है। जानिए मेरे इस लेख में इंसान के शरीर में इन हार्मोन्स का क्या महत्व है और शरीर में इन्हें बढ़ाने के तरीके भी।
हार्मोन एक तरह के कैमिकल्स होते हैं, जो शरीर में मौजूद कई तरह के ग्लैण्डस से बनते हैं। ये ब्लड सर्कुलेशन के ज़रिए शरीर के अंगों में पहुंचते हैं।
ये हार्मोन कई शारीरिक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का काम करते हैं।
ये दो तरह के होते हैं तनाव बढ़ाने वाले और खुशी बढ़ाने वाले।
तनाव बढ़ाने वाले हाॅर्मोन्स की अधिकता आपको दुखी और उदास करती है। जबकि हैप्पी हॉर्मोन्स आपके स्वास्थ्य, जीवन और प्रोडक्टिविटी के लिए फायदेमंद हैं।
1. ऑक्सीटोसिन :
ये हार्मोन हमारे शरीर में हाइपोथैलेमिश से होता हुआ पीटयूरी ग्लैंड से ब्लड में जाता है।
दरअसल, जब बच्चे का जन्म होता है, तो उस वक्त ये हार्मोन यूटर्स की मसल्स को संकुचित करने का काम करता है।
इसके अलावा मां के शरीर में दूध उतरने में भी ये हाॅर्मोन्स मदद करता है। लव हार्मोंन के नाम से जाना जाने वाले इस हार्मोन को कडल हार्मोन भी कहा जाता है। यह पेनिस की सेहत को भी मेंटेन रखता है.
दरअसल, जब दो लोग सेक्सुअली इंवाल्व होते हैं, तो उस समय ये रिलीज़ होता है। इसके अलावा एक दूसरे को किस करने, गले मिलने और हाथ पकड़ने से भी ये हार्मोन बढ़ने लगता है।
यूँ बढ़ाएं ऑक्सीटोसिन का स्राव :
रेगुलर एक्सरसाइज करें और शरीर को फिजिकली एक्टिव रखें।
बॉडी मसाज या हैड मसाज से भी इसका स्तर बढ़ता है।
आपका दिलो दिमाग शांत होता है, तो ये हार्मोन रिलीज़ होने जगता है।
एक दूसरे से प्यार करने और गुड फील करने से इसका लेवल राइज़ होने लगता है।
ऐसे मददगार है :
हमारे माइंड में एकाग्रता बढ़ाने और आपको मोटिवेट करने में इस हाॅर्मोन्स की मदद मिलती है।
इससे हमारे अंदर कॉफिडेंस की वृद्धि होती है और किसी नए चैलेंज को लेने से नहीं कतराते हैं।
2. एंडोर्फिन :
इस बारे में राजकीय मेडिकल कालेज हल्दवानी में मनोवैज्ञानिक डॉ युवराज पंत बताते हैं कि जब शरीर के किसी भी अंग में दर्द का अनुभव होता है, तो उस कंडीशन में ये हार्मोन रिलीज होता है।
ये हार्मोन एक पेन किलर का काम करता है और शरीर को तनाव या परेशानी से दूर रखता है।
ऐसे बढ़ाएं एंडोर्फिन का स्राव :
एक्सरसाइज बहुत ज़रूरी है। इसके अलावा वॉक करने, स्विमिंग करने और संगीत सुनने से भी शरीर में ये रिलीज़ होते है।
इसके अलावा हंसने से, दोस्तों से मिलकर बातें करने से और दूसरों के प्रति उदारत दिखाने से शरीर में इसकी मात्रा बढ़ती है।
ध्यान करने से और योगासन करने से भी फायदा मिलता है।
इसके अलावा डार्क चॉकलेट खाने से भी हैप्पी हार्मोन रिलीज़ होते हैं।
इसको बढ़ाने में स्पाइसी फूड्स मददगार साबित होता है।
एंडोर्फिन को रिलीज करने के लिए हंसी एक कारगर उपाय है।
इससे न केवल आपा इम्यून सिस्टम मज़बूत होता है बल्कि एंटी एजिंग के तौर पर भी काम करता है।
खुद को खुश रखने की चाभी आपके पास ही है.
क्या हैं इसके फायदे :
नेचुरल पेन किलर के नाम से मशहूर ये हार्मोन शरीर में पेन को ब्लॉक करने का काम करता है।
दरअसल, चोट लगने ही हमारे ब्रेन को एक मैसेज जाता है और उस अंग में दर्द शुरू होने लगता है।
ऐसे में ये हार्मोन रिलीज़ होकर शरीर में दर्द के अनुभव को कम करने का काम करता है।
3. डोपामाइन :
नर्वस सिस्टम के मैसेज को सेल्स तक डिलीवर करने वाले इस हार्मोंन को डोपामाइन कहा जाता है।
हमारे माइंड में एकाग्रता बढ़ाने और आपको मोटिवेट करने में इस हार्मोन की मदद मिलती है।
ये एक न्यूरोट्रांसमीटर होता है यानि न्यूरो हार्मोंन है, जो शरीर के अन्य हिस्सों में नवर्स सेल्स के बीच में मैसेज को एक से दूसरे स्थान पर भेजने का काम करता है।
कैसे मददगार है :
जब हम किसी भी विपरीत कंडीशन में होते हैं, तो ये डिसीजन लेने में हमारी मदद करता है।
ये हमें किसी भी प्रकार के खतरे या जोखिम से बचने में मदद करता है।
इंसान के अंदर प्रेरणा स्रोत का काम करता है।
किसी भी नई चीज़ को सीखने में मदद करता है और सीखी चीज़ को दिमाग में रखने में भी मदद करता है।
इस तरह बढ़ाएं डोपामाइन का स्राव :
मैगनीशियम से भरपूर चीजों को खाने से इसे बढ़ाया जा सकता है।
सेब बादाम, हरी सब्जियों, तिल, मेलन और पंपकिन सीड्स को खाने से इसे बढ़ाया जा सकता है।
इसके अलावा जानवरों से प्यार करने और उनके प्रति सहानुभूति रखने से भी ये हार्मोन बढ़ता है।
4. सेरोटोनिन :
मूड सि्ंवग होना एक आम बात है। हमारे मन को नियंत्रित करने का काम सेरोटोनिन हार्मोंन करता है। इससे हमारे अंदर खुशी का संचार होता है और ये मूड को भी कंट्रोल करता है।
शरीर में इसके सही संतुलन से हमें भरपूर नींद आती है और तनाव से भी हम दूर रहने है। मूड बूस्टर के तौर पर शरीर का ख्याल रखने वाले इस हार्मोन को शरीर में बढ़ाने के लिए फूड्स को डाइट में शामिल करें.
इस तरह बढ़ाएं सेरोटोनिन का स्राव :
रेगुलर एक्सरसाइज़ करने से शरीर में इसका स्तर बढ़ने लगता है।
सुबह की सैर करते समय हमारे शरीर को स्वच्छ हवा और सूरज की रौशनी प्राप्त होती है।
इससे हमारे शरीर में विटामिन डी की कमी पूरी तरह से होती है। शरीर को कुछ देर तक धूप मिलने से यह बढ़ता है।

