डॉ. गीता
_टीनएज में लड़कियों में लॉजिकल सेंस नही होता. बड़ी बड़ी MNC, कॉर्पोरेट माफ़िया, और ब्लैक बिजनेस की हस्तियां करोड़ो रूपये बुद्धिजीवियों ,फेमिनिष्टो, बिकाऊ मीडिया को देकर आपकी बेटी की डिमोरल प्रोगरामिंग़/ब्रेनवाश करवाती हैं._
परिणामत : आपकी कथित प्यार में पड़कर घर से भाग जाती है.
वैश्यावृति, प्रॉस्टिट्यूशन और सेक्स स्लेव के लिए लडकिया चाहिए. मेडिकल एक्सपेरिमेंट और बंधक सेरोगेसी के लिए लडकिया चाहिए.
अभी कई देशों क्या भारत मे ही , जैसे नागालैंड में ह्यूमन मीट यानी मानव मांस का ट्रेंड है, उसके लिए लड़कियां चाहिए. कई कम्पनिया जैसे मैक डोनॉल्डस, अपने फूड प्रोडक्ट, बेकरी इन्नेट में मानव मांस उपयोग करती हैं, उसके लिए लड़कियां चाहिए.
लडकिया नशा नही करती, उनके सारे अंग ट्रांसप्लांट के लिए परफेक्ट होते हैं. अंग तस्करी के लिए भी लडकिया चाहिए.
देशीपोर्न के लिए nudes और सेक्स क्लिप्स बनाने के लिए भी लडकिया चाहिए. यह पूरा स्टॉक प्यार में भागी हुई लड़कियों से पूरा होता है, जो लगभग 500 करोड़ का बिजनेस होता है._
आपकी बेटी अगर हैवी सेक्स करती है, तो वियाग्रा, ऑक्सीटोसिन, कॉन्डोम, गर्भनिरोधक गोलियों की सेल्स बढ़ जाती है.
अगर आपकी बेटी प्रेग्नेंट हो गयी तो, अवैध गर्भपात के बदले डॉक्टर मुहमांगी कमाई करेंगे.
अगर हैवी डोज की वजह से एक्स्ट्रा ब्लीडिंग या एनीमिया हुई तब डॉक्टर मुहमांगी कमाई करेंगे.
अगर Ar, Pb कण्टामिनेशन से स्थायी बाझपन या बच्चेदानी का कैंसर हुआ, तो मेडिकल इंडस्ट्री के लोग आपसे जिंदगी भर कमाई करेंगे.
मेडिकल इंडस्ट्रीज, स्त्रीरोग विशेषज्ञ, कैंसर स्पेशलिस्ट , दवाइयों, इक्विपमेंट, स्टाफ सैलरी, gov tax,, सबकी कमाई प्यार के नाम पर शारीरिक अय्याशी करने वाली लड़कियों से ही होता है.
जरा सोचिए : अगर आपकी बेटी के साथ अपराध, छेड़छाड़, बलात्कार, हत्या, अपहरण, जैसी घटनाएं नहीं होंगी तो फिर नेता, चुनाव में महिला सुरक्षा के नाम पर वोट कैसे फिक्स करेंगे. चुनाव जस जस करीब आता है, महिला अपराध बढ़ जाते हैं.
(चेतना विकास मिशन)

